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नंद के घर आनंद भयो...
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 27 Aug 2016 01:54 AM IST
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जन्माष्टमी
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काशी में शुक्रवार को नंदोत्सव की धूम मची रही। चौखंभा स्थित गोपाल मंदिर में दही, माखन की लूच मची। वैष्णवों ने हांडी की दही लुटाई। उधर, धर्मसंघ में नंदोत्सव की खुशी में रासलीला के अलावा नृत्य-संगीत की यादगार प्रस्तुतियां की गईं। महमूरगंज स्थित माहेश्वरी भवन में नंदोत्सव को प्रसिद्ध गायिका फिरदौस खान के सुरों से संगीतमय बनाया गया।
चौखंभा स्थित गोपाल मंदिर में दोपहर एक बजे नंदोत्सव की धूम मच गई। षष्ठपीठाधीश्वर श्याम मनोहर महाराज, प्रियेंदु बाबा की मौजूदगी में नंदोत्सव की खुशी मनाई गई। वैष्णव जनों ने उल्लास के बीच हांडी की दही लुटाई। इसी तरह धर्मसंघ में नंदोत्सव पर चहुंदिशि बधाइयों का तांता लगा रहा। पीठाधीश्वर शंकर चैतन्य ब्रह्मचारी ने कान्हा को टाफी, मक्खन, मिश्री, मलाई के अलावा तरह-तरह के खिलौने अर्पित किए। खजाना भी लुटाया गया।
विशाल और सुपर्णा ने महारास प्रस्तुत कर वाहवाही बटोरी। विशाल का एकल नृत्य सराहा गया। इसके बाद वृंदावन की रासलीला मंडली के कलाकारों ने मोहक बाल लीला के अलावा कृष्ण कन्हैया के चरित्र की अन्य रास लीलाओं की प्रस्तुति कर हर किसी का ध्यान खींचा। इस्क़ॉन में नंदोत्सव के मौके पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम किए गए। देर रात तक झांकी दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही।
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उधर, महमूरगंज स्थित हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी की ओर से तीन दिनी जन्माष्टमी महोत्सव के तहत शुक्रवार कतो नंदोत्सव मनाया गया। तुलसी महारानी की आरती के बाद चैतन्य महाप्रभु की आरती हुई। इसके बाद समूह गान हुआ। प्रसिद्ध गायिका फिरदौस खान ने एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति की। अच्युतम केशवन कृष्ण दामोदरम... के बाद फूलों में सज रहे हैं श्रीवृंदावन बिहारी... जैसे भजनों से समा बांधा। गीतांजलि, नैंसी, शालू, पलक, स्वाति, अनिशा ने भी भजनों की प्रस्तुति की। गुलाब प्रभु और राघवेंद्र प्रभु के भजनों पर भी भक्त झूमते रहे।
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चौखंभा स्थित गोपाल मंदिर में दोपहर एक बजे नंदोत्सव की धूम मच गई। षष्ठपीठाधीश्वर श्याम मनोहर महाराज, प्रियेंदु बाबा की मौजूदगी में नंदोत्सव की खुशी मनाई गई। वैष्णव जनों ने उल्लास के बीच हांडी की दही लुटाई। इसी तरह धर्मसंघ में नंदोत्सव पर चहुंदिशि बधाइयों का तांता लगा रहा। पीठाधीश्वर शंकर चैतन्य ब्रह्मचारी ने कान्हा को टाफी, मक्खन, मिश्री, मलाई के अलावा तरह-तरह के खिलौने अर्पित किए। खजाना भी लुटाया गया।
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विशाल और सुपर्णा ने महारास प्रस्तुत कर वाहवाही बटोरी। विशाल का एकल नृत्य सराहा गया। इसके बाद वृंदावन की रासलीला मंडली के कलाकारों ने मोहक बाल लीला के अलावा कृष्ण कन्हैया के चरित्र की अन्य रास लीलाओं की प्रस्तुति कर हर किसी का ध्यान खींचा। इस्क़ॉन में नंदोत्सव के मौके पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम किए गए। देर रात तक झांकी दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही।
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उधर, महमूरगंज स्थित हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी की ओर से तीन दिनी जन्माष्टमी महोत्सव के तहत शुक्रवार कतो नंदोत्सव मनाया गया। तुलसी महारानी की आरती के बाद चैतन्य महाप्रभु की आरती हुई। इसके बाद समूह गान हुआ। प्रसिद्ध गायिका फिरदौस खान ने एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति की। अच्युतम केशवन कृष्ण दामोदरम... के बाद फूलों में सज रहे हैं श्रीवृंदावन बिहारी... जैसे भजनों से समा बांधा। गीतांजलि, नैंसी, शालू, पलक, स्वाति, अनिशा ने भी भजनों की प्रस्तुति की। गुलाब प्रभु और राघवेंद्र प्रभु के भजनों पर भी भक्त झूमते रहे।