{"_id":"4ff187092e2163df3c0c199448b9d8d9","slug":"ward-made-store-patients-no-entry-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वार्ड बना स्टोर, मरीजों को ‘नो एंट्री’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वार्ड बना स्टोर, मरीजों को ‘नो एंट्री’
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Tue, 21 Apr 2015 02:19 AM IST
विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा के प्राइवेट वार्ड के कमरों को स्टोर रूम बना दिया गया है। इस कारण प्रसव के बाद यहां महिलाओं को भर्ती नहीं किया जा रहा है। वहीं अस्पताल में बनी नई बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर कमरे तो कई खाली हैं लेकिन यहां रैंप न होने की वजह से मरीजों को लाभ नहीं मिल पर रहा है।
अस्पताल में प्राइवेट वार्ड की सुविधा उपलब्ध नहीं है, इस आशय का नोटिस भी जगह-जगह चस्पा कराया गया है। अस्पताल में हर रोज पांच से दस महिलाओं का प्रसव होता है। ऑपरेशन के बाद मरीजों को भर्ती करने के लिए अलग-अलग वार्ड भी बने हैं। लेकिन इनका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।
पुरानी बिल्डिंग में भूतल पर बने प्राइवेट वार्ड के कुछ कमरों में अस्पताल का सामान रख दिया गया है तो कुछ का उपयोग कार्यालय बना कर किया जा रहा है। एक ओर जहां अस्पताल प्रशासन नई बिल्डिंग में रैंप न होने का हवाला दे रहा है वहीं पुरानी बिल्डिंग में नसबंदी वार्ड के ऊपर खाली कमरों को स्टोर के रुप में प्रयोग करने के बजाय, नीचे बने प्राइवेट वार्ड के कमरों में सामान रखवा दिए गए हैं।
विज्ञापन
वहीं, सोमवार को अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट के पांच दिन की छुट्टी पर चले जाने के कारण अल्ट्रासाउंड का काम भी ठप हो गया है। अस्पताल में अब जांच चार दिन बाद ही हो पाएगी।
विज्ञापन
अस्पताल में प्राइवेट वार्ड की सुविधा उपलब्ध नहीं है, इस आशय का नोटिस भी जगह-जगह चस्पा कराया गया है। अस्पताल में हर रोज पांच से दस महिलाओं का प्रसव होता है। ऑपरेशन के बाद मरीजों को भर्ती करने के लिए अलग-अलग वार्ड भी बने हैं। लेकिन इनका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
पुरानी बिल्डिंग में भूतल पर बने प्राइवेट वार्ड के कुछ कमरों में अस्पताल का सामान रख दिया गया है तो कुछ का उपयोग कार्यालय बना कर किया जा रहा है। एक ओर जहां अस्पताल प्रशासन नई बिल्डिंग में रैंप न होने का हवाला दे रहा है वहीं पुरानी बिल्डिंग में नसबंदी वार्ड के ऊपर खाली कमरों को स्टोर के रुप में प्रयोग करने के बजाय, नीचे बने प्राइवेट वार्ड के कमरों में सामान रखवा दिए गए हैं।
विज्ञापन
वहीं, सोमवार को अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट के पांच दिन की छुट्टी पर चले जाने के कारण अल्ट्रासाउंड का काम भी ठप हो गया है। अस्पताल में अब जांच चार दिन बाद ही हो पाएगी।