ठेकेदार की मौत के बाद फर्जी तरीके से 28 लाख का हुआ भुगतान, एक्सईएन को वीआरएस
पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार राणा प्रताप सिंह की मौत के बाद 28 लाख रुपये का भुगतान फर्जी तरीके से लेने के मामले में मऊ पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन एक्सईएन आरके प्रसाद को शासन ने शुक्रवार को अनिवार्य सेवानिवृति दे दी। वर्ष 2018 में मऊ में पीडब्ल्यूडी में एक्सईएन रहे आरके प्रसाद वर्तमान में प्रांतीय खंड लोक निर्माण बलिया में एक्सईएन पद पर तैनात थे।
बताया जाता है कि मऊ पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार राणा प्रताप सिंह, पत्नी व बच्चे की 13 अगस्त 2017 को हिमाचल के मंडी जिले में भूस्खलन में मौत हो गई थी। ठेकेदार की मौत के बाद जिले में तैनात तत्कालीन एक्सईएन आरके प्रसाद ने फर्जी तरीके से 28 लाख का भुगतान खुद ले लिया।
प्रकरण सामने आने के बाद सीएम ने इस मामले में जांच के निर्देश दिए थे। सीएम के निर्देश के बाद मुख्य अभियंता आजमगढ़ अनुराग चतुर्वेदी ने बलिया के अधीक्षण अभियंता एके मणि व तत्कालीन एक्सईएन एमपी चौरसिया को मामले की जांच सौंप दी। वहीं तत्कालीन सीओ राजकुमार ने भी मामले की जांच की।
मार्च 2018 में जांच में दोषी पाए जाने पर एक्सईएन आरके प्रसाद को निलंबित करते हुए मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। साथ ही एक्सईएन के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर लिया था। मामले में दोषी पाए जाने के बाद शुक्रवार को बलिया में तैनात एक्सईएन आरके प्रसाद को शासन ने अनिवार्य सेवानिवृति दे दी। एक्सईएन पर हुई कार्रवाई से पीडब्ल्यूडी विभाग में हड़कंप मच गया है। बता दें कि इसके पूर्व भी आरके प्रसाद बलिया में एक्सईन पद पर रह चुके हैं और पहले भी आरोप लगते रहे हैं।
तीन माह बाद होनी थी सेवानिवृति
लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) में बतौर अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) तैनात आरके प्रसाद (रामकेवल प्रसाद) तीन महीना बाद रिटायर होने वाले थे। लेकिन उनपर लगे गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप के कारण उन्हें अनिवार्य सेवानिवृति दे दी गई। मऊ में उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई थी, उसके बाद उनकी तैनाती बलिया में हुई थी।
विभाग के अधीक्षण अभियंता आशुतोष मणि ने एक्सईएन के खिलाफ कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि राज्यपाल ने लोकहित में आदेश दिया है कि रामकेवल प्रसाद इस आदेश के जारी होने के दिनांक के अपराह्न से सेवानिवृत्त हो जाएंगे तथा तीन माह की अवधि के लिए वह उसी पद पर अपने वेतन तथा भत्ते, यदि कोई हो, की धनराशि के बराबर धन के दावेदार होने के हकदार होंगे। जिला अधिकारी बलिया श्रीहरी प्रताप शाही ने बताया कि इस कार्यवाही की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। एसपी देवेंद्रनाथ ने भी बलिया में एक्सईएन के खिलाफ किसी भी तरह के एफआईआर दर्ज होने की बात से साफ इंकार किया।