फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   villagers get his electric bill through after meter reading

फिक्स चार्ज के दिन लदे, अब गांवों में भी मीटर रीडिंग के आधार पर भेजा जाएगा बिल

Fri, 06 Oct 2017 05:52 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Fri, 06 Oct 2017 05:52 PM IST
विज्ञापन
villagers get his electric bill through after meter reading
बिजली का मीटर
अब गांवों में भी फिक्स चार्ज के बजाए बिजली की खपत के हिसाब से बिल वसूला जाएगा। सभी ग्रामीण उपभोक्ताओं के यहां मीटर लगाए जाएंगे। बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने और राजस्व बढ़ाने के लिए बिजली की दरें बढ़ाई जाएंगी।
विज्ञापन


यह जानकारी गुरुवार को जनसुनवाई के दौरान विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन एसके अग्रवाल ने दी। जनसुनवाई में उपभोक्ताओं ने विभाग की कलई खोली। शिकायतों की झड़ी लगाई। बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव भी दिए।  ग्रामीण क्षेत्रों की घरेलू बिजली दर मौजूदा समय तकरीबन 3.90 रुपये प्रति यूनिट है।
विज्ञापन


चेयरमैन एसके अग्रवाल ने बताया कि 6.97 रुपये प्रति यूनिट की दर का प्रस्ताव किया गया है लेकिन जनसुझावों के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अभी इसे घटाया जाएगा। जनसुनवाई में भाजयुमो के जिलाध्यक्ष अजय मिश्र ने कहा कि कॉलोनाइजिंग वाले देहात के इलाकों को शहरी लाइन से जोड़ा जा रहा है। इस कारण अधिक बिल आने से किसान परेशान हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उद्यमी आरके चौधरी ने सरचार्ज और रेगुलेटरी चार्ज समाप्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सोलर प्लांट लगाने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहन नहीं मिल रहा है जबकि दूसरे प्रदेशों में ऐसा हो रहा है। ओपेन ऑक्शन योजना को लागू किया जाए।

कौशल तिवारी ने कहा कि लो वोल्टेज होने पर कैपिसिटर लगाने वालों से चार्ज वसूला जा रहा है। संजय चौबे ने कहा कि विभाग जानबूझकर नुकसान दिखाता है ताकि बिजली बिल बढ़ाया जा सके।

बुनकर संघ के नेता अब्दुल वाहिद अंसारी ने आईपीडीएस के बाक्स के चलते आ रही दिक्कतों के बारे में बताया। कनेक्शन लेने में आ रही परेशानियों को उजागर किया। इस पर चेयरमैन के साथ पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अतुल निगम ने खेद प्रकट किया।  

बिजली चोरी पर और कसेगा शिकंजा

villagers get his electric bill through after meter reading
बिजली - फोटो : FILE PHOTO
चेयरमैन ने कहा कि बिजली चोरी में विभाग के लोग संलिप्त हैं। इसे रोकने के लिए फूलप्रूफ योजना बनाई गई है। गांवों को 40 प्रतिशत बिजली भेजी जाती है और मात्र 10 प्रतिशत राजस्व विभाग को मिल पाता है।

बताया कि गांवों में आवेदन के एक माह के अंदर हर हाल में मीटर लगाए जाएंगे। अभी  गांवों में बिल 180 रुपये फिक्स चार्ज वसूला जाता है। अपार्टमेंट में उपभोक्ता की डिमांड पर प्रीपेड मीटर लगेगा।  

यह जनसुनवाई 21 जिलों के लिए थी लेकिन अधिकतर बनारस के लोग ही पहुंच पाए। लोगों का आरोप था कि विभाग के लोग नहीं चाहते थे कि जनसुनवाई में बहुत अधिक आपत्तियां आएं। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed