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Varanasi: मातृभाषा में न्याय के लिए निकलेगी वीरांगना यात्रा, काशी से ग्वालियर तक निकाली जाएगी यात्रा
Mon, 13 Jun 2022 05:41 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Mon, 13 Jun 2022 05:41 PM IST
सार
भारतीय भाषा आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अरुण भारद्वाज ने जनता को मातृभाषा में न्याय मिले इसके लिए भारतीय भाषा आंदोलन की महिला इकाई की ओर से काशी से ग्वालियर तक यात्रा निकाली जाएगी।
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पत्रकार वार्ता में अरुण भारद्वाज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आम जनता को उसकी ही भाषा में न्याय दिलाने के लिए भारतीय भाषा आंदोलन की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। भारतीय भाषा आंदोलन ने प्रधानमंत्री को पत्र भी भेजा है। यह जानकारी भारतीय भाषा आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अरुण भारद्वाज ने रविवार को दी।
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छावनी स्थित होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में अरुण भारद्वाज ने बताया कि आजादी के 75 साल बाद भी न्यायालय में अंग्रेजी भाषा में न्याय मिलता है। जनता को मातृभाषा में न्याय मिले इसके लिए भारतीय भाषा आंदोलन की महिला इकाई की ओर से काशी से ग्वालियर तक यात्रा निकाली जाएगी।
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14 जून से वीरांगना न्यायाग्रह यात्रा भदैनी स्थित रानी लक्ष्मीबाई की जन्म स्थली से शुरू होकर उनके बलिदान स्थली ग्वालियर तक जाएगी। यात्रा की राष्ट्रीय महिला प्रमुख पूनम गौड़ ने बताया कि वीरांगना न्यायग्रह यात्रा 14 जून से 18 जून तक निकाली जाएगी। इसमें महिला अधिवक्ता भी शामिल होंगी। वहीं प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कुमार ने कहा कि जनता को मातृभाषा में न्याय मिले ताकि उन्हें पता चले की उनसे साथ क्या हो रहा है।
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