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सोता रहा वीडीए, होता रहा निर्माण
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 11 Feb 2017 01:40 AM IST
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अवैध निर्माण का प्रतीक
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दशाश्वमेध वार्ड के लाहौरी टोला में शहर के बड़े व्यवसायी केशव जालान का मकान वीडीए के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से खड़ा हो गया और वीडीए के अधिकारी इस ओर से आंखें मूंदे पड़े रहे। लापरवाही की हद इतनी कि अधिकारियों की नींद 46 दिन बाद तब टूटी जब 75 फीसदी से अधिक निर्माण हो चुका था। वीडीए ने नोटिस देने के बाद दोबारा निर्माण स्थल का निरीक्षण करने की भी जरूरत नहीं समझी। इस दौरान भवन स्वामी को पूरा मौका मिल गया और उसने दूसरे एवं तीसरे तल की छत डालने के साथ ही प्रथम तल पर पिलर बनाने का काम भी शुरू कर दिया। वीडीए ने शुक्रवार को मकान को सील करने की कार्रवाई की।
दशाश्वमेध वार्ड के लाहौरी टोला में केशव जालान का भवन संख्या डी-1/25 है। भवन स्वामी वीडीए की बिना अनुमति के अवैध ढंग से निर्माण करा रहा था। वीडीए ने अवैध ढंग से बन रहे इस मकान के निर्माण को रोकने के लिए 27 दिसंबर 2016 को नोटिस जारी कर दिया। नोटिस देने के बाद निर्माण कार्य बंद नहीं हुआ और तीन मंजिला भवन लगभग बनकर तैयार हो गया।
इलाके के जोनल अधिकारी, अधिशासी अभियंता से लेकर अवर अभियंता तक आंखें बंद किए खामोश रहे। नोटिस देने के बाद उपाध्यक्ष से लेकर अवर अभियंता तक को अवैध भवन निर्माण की जानकारी थी मगर वीडीए और भवन स्वामी के इस खेल में निर्माण होता गया और किसी को भनक तक नहीं लगने दी गई। शुक्रवार को वीडीए उपाध्यक्ष पीसी श्रीवास्तव के निर्देश पर सहायक अभियंता ओपी गुप्ता, अवर अभियंता एसएस यादव टीम के साथ पहुंचे और मकान सील कर दिया।
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दशाश्वमेध वार्ड के लाहौरी टोला में केशव जालान का भवन संख्या डी-1/25 है। भवन स्वामी वीडीए की बिना अनुमति के अवैध ढंग से निर्माण करा रहा था। वीडीए ने अवैध ढंग से बन रहे इस मकान के निर्माण को रोकने के लिए 27 दिसंबर 2016 को नोटिस जारी कर दिया। नोटिस देने के बाद निर्माण कार्य बंद नहीं हुआ और तीन मंजिला भवन लगभग बनकर तैयार हो गया।
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इलाके के जोनल अधिकारी, अधिशासी अभियंता से लेकर अवर अभियंता तक आंखें बंद किए खामोश रहे। नोटिस देने के बाद उपाध्यक्ष से लेकर अवर अभियंता तक को अवैध भवन निर्माण की जानकारी थी मगर वीडीए और भवन स्वामी के इस खेल में निर्माण होता गया और किसी को भनक तक नहीं लगने दी गई। शुक्रवार को वीडीए उपाध्यक्ष पीसी श्रीवास्तव के निर्देश पर सहायक अभियंता ओपी गुप्ता, अवर अभियंता एसएस यादव टीम के साथ पहुंचे और मकान सील कर दिया।
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