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काशीवासियों ध्यान दें: अवैध प्लॉटिंग को वैध बनाने का अवसर दे रहा वीडीए, भूमि स्वामियों, खरीदारों को मिलेगा लाभ
Wed, 03 Dec 2025 05:36 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Wed, 03 Dec 2025 05:36 PM IST
सार
वाराणसी में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग नियंत्रण पर कार्यशाला हुई। इस दौरान वीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि वीडीए अवैध प्लॉटिंग को वैध बनाने का अवसर दे रहा है।
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Varanasi City
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वीडीए में मंगलवार को अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण नियंत्रण पर कार्यशाला हुई। वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग को वैध बनाने का मौका दिया जा रहा है। भूमि स्वामियों और खरीदारों दोनों को लाभ मिलेगा। वैध प्लॉटिंग होने पर भूमि की वैल्यूएशन स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। परिणामस्वरूप निवेश का मूल्य भी मजबूत होता है। साथ ही, ले-आउट स्वीकृत और वैध प्लॉट पर खरीदारों को बैंक लोन भी उपलब्ध हो सकेगा।
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मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया भी अधिक सरल और सुगम हो जाती है। सबसे जरूरी वैध प्लॉटिंग से क्षेत्र का विकास नियोजित और सुव्यवस्थित रूप से हो पाता है, जिससे नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं मिलती हैं। वीडीए क्षेत्र में किसी भी विकास कार्य की अनुमति तभी दी जाएगी जब मानकों और नियमों का अनुपालन होगा।
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लोगों को जागरूक करने के लिए समय-समय पर जानकारी दी जाए। जनता से अपील की कि वाराणसी विकास प्राधिकरण से ले-आउट स्वीकृत प्लॉट ही खरीदें। मानचित्र स्वीकृत कराए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न करें।
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विकासकर्ताओं के लिए जरूरी निर्देश
- सब डिवीजन/तलपट मानचित्र प्राधिकरण से स्वीकृत कराना जरूरी है।
- आवासीय प्लॉटिंग के लिए न्यूनतम 9 मीटर चौड़ी सड़क होनी चाहिए।
- प्लॉटिंग क्षेत्र के न्यूनतम 15 प्रतिशत क्षेत्र में पार्क/खुला क्षेत्र रखना अनिवार्य है।
- प्लॉटिंग क्षेत्र से जुड़ने वाला अप्रोच मार्ग भी न्यूनतम 9 मीटर चौड़ा होना चाहिए।
- संबंधित भूभाग का महायोजना में भू-उपयोग आवासीय होना चाहिए।
- प्लॉटिंग क्षेत्र किसी भी विभाग (वन, पर्यावरण, सिंचाई आदि) द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित न हो।
- प्लॉटिंग क्षेत्र गंगा नदी के डूब क्षेत्र या बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नहीं होना चाहिए।
- प्लॉट/भूखंड खरीदने से पहले निम्न तथ्यों की जांच करें।
- संबंधित भूखंड के लिए सब डिवीजन/तलपट मानचित्र प्राधिकरण से स्वीकृत हो।
- प्लॉट के सम्मुख न्यूनतम 9 मीटर चौड़ी सड़क उपलब्ध हो।
- प्लॉटिंग क्षेत्र में विकासकर्ता की ओर से 15 प्रतिशत क्षेत्र पार्क/खुले स्थान के रूप में छोड़ा गया हो।
- प्लॉटिंग क्षेत्र से जुड़ने वाला अप्रोच मार्ग न्यूनतम 9 मीटर चौड़ा उपलब्ध हो।
- महायोजना के अनुसार संबंधित क्षेत्र का भू-उपयोग आवासीय हो।
- क्षेत्र किसी भी विभाग (वन, पर्यावरण, सिंचाई आदि) द्वारा प्रतिबंधित घोषित न किया गया हो।
- प्लॉटिंग क्षेत्र गंगा नदी के डूब क्षेत्र एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में न हो।
- प्लॉटिंग क्षेत्र गंगा नदी के उच्चतम बाढ़ बिंदु से 200 मीटर के भीतर स्थित न हो।