Varanasi Weather: शारदीय नवरात्र से नहीं शुरू हुई सिहरन, 2024 से 2-3 डिग्री ऊपर है तापमान; बह रहा पसीना
Varanasi News: वाराणसी में भीषण गर्मी से लोग परेशान हो रहे हैं। शारदीय नवरात्र के समय भी माैसम का न बदलना चर्चा का विषय बना हुआ है। तीखी धूप से गर्मी और उमस में इजाफा कर दिया है।
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शारदीय नवरात्र से बारिश और उमस का प्रभाव खत्म होने लगता है और शरद ऋतु की शुरुआत हो जाती है। इस पर शास्त्र और विज्ञान दोनों एक मत हैं। इसी समय से लोगों को रात में गुलाबी ठंड की हल्की-हल्की सिहरन महसूस होने लगती है लेकिन इस बार हिंदी मास के अनुसार, बनारस में दिन और रात का पारा दो से तीन डिग्री ज्यादा है और चुभती धूप व उमस पीछा नहीं छोड़ रही है।
पिछले चार वर्षों में नवरात्र के दो दिनों का अधिकतम तापमान 31 डिग्री से 33.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच में रहा, जबकि इस साल नवरात्र के दोनों दिनों का अधिकतम तापमान 36 डिग्री और 35 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम 25 से 27 डिग्री सेल्सियस तक गया।
मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान सामान्य से 2.2 डिग्री ज्यादा 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.4 डिग्री ज्यादा 27 डिग्री सेल्सियस आ गया। हवा में नमी 90 फीसदी दर्ज की गई। इस दौरान उमस भरी गर्मी से परेशान लोग पूरे दिन पसीना पोछते दिखाई पड़े।
अब चल रहा संक्रमण काल
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो इस बार रात में भी पसीना नहीं सूख रहा और उमस बरकरार है जबकि पिछली शारदीय नवरात्र रातों में थोड़ी सिहरन शुरू हो गई थी। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार पिछले साल नवरात्र तीन अक्तूबर से शुरू हुआ था। इसका भी प्रभाव हो सकता है। शारदीय नवरात्र के नौ दिन बारिश और ठंड के मौसम के बीच का संक्रमण काल माना जाता है। इस मौसम में लोगों को काफी बच बचाकर रहना होता है।
आज बूंदाबांदी के आसार
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसून के लौटने का सिलसिला जारी है। फिलहाल बादल पश्चिमी यूपी से पूरब की ओर बढ़ रहे हैं। निम्नदाब क्षेत्र के तटीय पश्चिम बंगाल और उत्तरी उड़ीसा तट और उत्तरी-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर केंद्रित होने के चलते पूर्वांचल के दक्षिणी और पूर्वी जिलों में बुधवार यानी कि आज हल्की-फुल्की बारिश हो सकती है।