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एफपीओ को रोल मॉडल बनाने से किसानों को लाभ
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वाराणसी। एफपीओ (फार्मर प्रोडयूसर आर्गनाइजेशन) गठन को लेकर शुक्रवार को आयोजित बैठक में कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने इसे रोल मॉडल बनाने का सुझाव दिया। अधिकारियों के साथ बैठक में इसके लिए अमुल गुजरात संस्था का उदाहरण देते हुए कमिश्नर ने कहा कि इसका सीधा लाभ किसानों को होगा। जहां उत्पाद का उचित मूल्य मिलेगा वहीं बिचौलियों से बचे रहेंगे।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय भारत सरकार के तहत एपिडा द्वारा कमिश्नरी सभागार में आयोजित बैठक में कमिश्नर ने कहा कि एफपीओ बनाने के लिए उत्पादकों और किसानों को संगठित करने के लिए उद्यान और कृषि विभाग को भी नाबार्ड को सहयोग देने को कहा। साथ ही समूह गठन के मूल मंत्र जैसे आपसी विश्वास को बनाने के लिए द्वारा पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। कहा कि मंडल में उत्पादित हो रही प्रमुख फसलों के विपणन के लिए हर जिले में एक एफपीओ बनाया जाए और उसी के माध्यम से उत्पाद का राज्यीय, अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय विपणन का प्रयास करना चाहिए।
एपिडा के सहायक महाप्रबंधक सीबी सिंह ने एफपीओ से निर्यातक बनने के लिए व्यापार महानिदेशालय और कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण की भूमिका की चर्चा की। बताया कि सबसे पहले उत्पादक किसानों को डीजीएफटी की साइट पर आयात निर्यात कोड प्राप्त करना होगा और इसके लिए उन्हें अपना पैन कार्ड और बैंक खाते का विवरण के साथ ही एपिडा की साइट पर स्वप्रमाणित आयात निर्यात कोर्ड का प्रमाण पत्र और प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा। बैठक में व्यापार महानिदेशालय के उप निदेशक अमित कुमार, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अनुज सिंह, उप निदेशक उद्यान मुन्ना यादव, जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्त के साथ ही अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय भारत सरकार के तहत एपिडा द्वारा कमिश्नरी सभागार में आयोजित बैठक में कमिश्नर ने कहा कि एफपीओ बनाने के लिए उत्पादकों और किसानों को संगठित करने के लिए उद्यान और कृषि विभाग को भी नाबार्ड को सहयोग देने को कहा। साथ ही समूह गठन के मूल मंत्र जैसे आपसी विश्वास को बनाने के लिए द्वारा पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। कहा कि मंडल में उत्पादित हो रही प्रमुख फसलों के विपणन के लिए हर जिले में एक एफपीओ बनाया जाए और उसी के माध्यम से उत्पाद का राज्यीय, अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय विपणन का प्रयास करना चाहिए।
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एपिडा के सहायक महाप्रबंधक सीबी सिंह ने एफपीओ से निर्यातक बनने के लिए व्यापार महानिदेशालय और कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण की भूमिका की चर्चा की। बताया कि सबसे पहले उत्पादक किसानों को डीजीएफटी की साइट पर आयात निर्यात कोड प्राप्त करना होगा और इसके लिए उन्हें अपना पैन कार्ड और बैंक खाते का विवरण के साथ ही एपिडा की साइट पर स्वप्रमाणित आयात निर्यात कोर्ड का प्रमाण पत्र और प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा। बैठक में व्यापार महानिदेशालय के उप निदेशक अमित कुमार, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अनुज सिंह, उप निदेशक उद्यान मुन्ना यादव, जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्त के साथ ही अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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