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बैसाखी के सहारे टिके पुल पर दौड़ रहीं सुपरफास्ट ट्रेनें, किसी भी दिन हो सकता है हादसा
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 06 Dec 2017 01:41 PM IST
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सेवापुरी के मटुका नाले के पुल को टिकाया लोहे के पिलर के सहारे
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी-इलाहाबाद रूट पर सेवापुरी स्टेशन के पास मटुका नाले के जर्जर पुल से एक्सप्रेस ट्रेनें दौड़ाई जा रही हैं। पुल में दरार आने पर प्रेशर मशीन मसाला भरकर दुरुस्त किया गया। जांच के बाद पुल कमजोर मिलने पर अधिकारियों ने लोहे के पिलर के सहारे पुल को टिका दिया। अधिकारियों ने माना कि पुल कमजोर होने के चलते पिलर लगाए गए हैं। ऐसे में यहां हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
वाराणसी से इलाहाबाद जाने वाली उत्तर रेलवे की डबल ट्रैक पर प्रतिदिन पचासों ट्रेनें दौड़ती हैं। इसी ट्रैक पर सेवापुरी स्टेशन के समीप रेल विभाग ने मटुका नाले पर पुल बनवाया था। पुल पुराना होने दरारें पड़ गईं।
विभाग के अधिकारियों ने उन दरारों को प्रेशर मशीन के माध्यम से मसाला भरकर ठीक कर देने का दावा किया था। इसके बाद पुल की जांच की गई तो मानक के अनुसार मजबूत नहीं पाया गया। इसके बाद लोहे के पिलर और रेलिंग के सहारे पुल को टिका दिया गया है।
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इससे यह स्पष्ट है कि रेल विभाग लोगों की जिंदगी से खेल रहा है। पीएम के संसदीय क्षेत्र में रेल विभाग की यह बड़ी लापरवाही कभी भी किसी बड़ी घटना रूप मे आ सकती हैं।
इस रेलवे लाइन पर दर्जनों सुपरफ़ास्ट ट्रेनें गुजरती हैं। आईओडब्लू एके पाल ने बताया कि पुल कमजोर होने के साथ ट्रैक से पानी का रिसाव होता था। जिसकी मजबूती व पानी का रिसाव रोकने के लिए लोहे की रेलिंग व पिलर लगाए गए हैं।
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वाराणसी से इलाहाबाद जाने वाली उत्तर रेलवे की डबल ट्रैक पर प्रतिदिन पचासों ट्रेनें दौड़ती हैं। इसी ट्रैक पर सेवापुरी स्टेशन के समीप रेल विभाग ने मटुका नाले पर पुल बनवाया था। पुल पुराना होने दरारें पड़ गईं।
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विभाग के अधिकारियों ने उन दरारों को प्रेशर मशीन के माध्यम से मसाला भरकर ठीक कर देने का दावा किया था। इसके बाद पुल की जांच की गई तो मानक के अनुसार मजबूत नहीं पाया गया। इसके बाद लोहे के पिलर और रेलिंग के सहारे पुल को टिका दिया गया है।
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इससे यह स्पष्ट है कि रेल विभाग लोगों की जिंदगी से खेल रहा है। पीएम के संसदीय क्षेत्र में रेल विभाग की यह बड़ी लापरवाही कभी भी किसी बड़ी घटना रूप मे आ सकती हैं।
इस रेलवे लाइन पर दर्जनों सुपरफ़ास्ट ट्रेनें गुजरती हैं। आईओडब्लू एके पाल ने बताया कि पुल कमजोर होने के साथ ट्रैक से पानी का रिसाव होता था। जिसकी मजबूती व पानी का रिसाव रोकने के लिए लोहे की रेलिंग व पिलर लगाए गए हैं।