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वाराणसी एसएसपी की अपील, शहर के लोग दोपहर बाद जाएं काशी विश्वनाथ के दर्शन को
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 29 Jul 2018 10:09 PM IST
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काशी विश्वनाथ मंदिर का दर्शन करने के लिए शहर के लोग सोमवार को दोपहर बाद घर से निकलें। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने रविवार को यह अपील की। कहा कि बाहर से आने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं के साथ ही महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को दर्शन-पूजन में शहरवासी प्राथमिकता दें।
उधर, रविवार दोपहर बाद सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस, पीएसी और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों के साथ ही एटीएस के कमांडो ड्यूटी प्वाइंट पर तैनात हो गए। इसके साथ ही चौक, दशाश्वमेध और कोतवाली थाना क्षेत्र में खुफिया इकाइयों के जवानों को सादे कपड़ों में तैनात किया गया है।
एसएसपी ने कहा कि सावन के पहले सोमवार को सुबह नौ बजे से 11 बजे तक यादव बंधु काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। इस समय का शहर के लोग ध्यान रखें और इस दौरान मंदिर न आएं। शहर के लोग दोपहर 12 बजे के बाद दर्शन-पूजन करने काशी विश्वनाथ मंदिर आएंगे तो भीड़ नियंत्रण में पुलिस को सहूलियत होगी।
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इससे पहले मैदागिन स्थित अग्रसेन महिला कॉलेज में फोर्स की ब्रीफिंग के दौरान एसएसपी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की आड़ में श्रद्धालुओं से दुर्व्यवहार की शिकायत ना आए। अन्यथा की स्थिति में संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
झोला, मोबाइल, ज्वलनशील पदार्थ लेकर ना आएं
काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करने वाले श्रद्धालु झोला, मोबाइल, धारदार वस्तु, ज्वलनशील पदार्थ लेकर ना आएं और चप्पल-जूता भी ना पहने रहें। एसएसपी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था और तलाशी के दौरान श्रद्धालु पुलिस का सहयोग करें।
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उधर, रविवार दोपहर बाद सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस, पीएसी और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों के साथ ही एटीएस के कमांडो ड्यूटी प्वाइंट पर तैनात हो गए। इसके साथ ही चौक, दशाश्वमेध और कोतवाली थाना क्षेत्र में खुफिया इकाइयों के जवानों को सादे कपड़ों में तैनात किया गया है।
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एसएसपी ने कहा कि सावन के पहले सोमवार को सुबह नौ बजे से 11 बजे तक यादव बंधु काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। इस समय का शहर के लोग ध्यान रखें और इस दौरान मंदिर न आएं। शहर के लोग दोपहर 12 बजे के बाद दर्शन-पूजन करने काशी विश्वनाथ मंदिर आएंगे तो भीड़ नियंत्रण में पुलिस को सहूलियत होगी।
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इससे पहले मैदागिन स्थित अग्रसेन महिला कॉलेज में फोर्स की ब्रीफिंग के दौरान एसएसपी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की आड़ में श्रद्धालुओं से दुर्व्यवहार की शिकायत ना आए। अन्यथा की स्थिति में संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
झोला, मोबाइल, ज्वलनशील पदार्थ लेकर ना आएं
काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करने वाले श्रद्धालु झोला, मोबाइल, धारदार वस्तु, ज्वलनशील पदार्थ लेकर ना आएं और चप्पल-जूता भी ना पहने रहें। एसएसपी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था और तलाशी के दौरान श्रद्धालु पुलिस का सहयोग करें।
कांवरियों के जयघोष से बम-बम हुई काशी
काशी विश्वनाथ के जलाभिषेक आैर दर्शन-पूजन के लिए लगी कांवरियों की कतार।
- फोटो : file photo
सावन के पहले सोमवार को बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कांवरियों के जत्थे का वाराणसी पहुंचने का सिलसिला रविवार देर रात तक जारी रहा। बाबा को जल चढ़ाने के लिए काशी आने वाले रास्ते कांवरियों के बोल-बम के जयकारों से गूंज उठे।
मंदिर की ओर जाने वाले हर रास्ते पर केसरिया वस्त्रों में कांवरियों का जत्था नजर आ रहा था। हाल यह रहा कि रविवार की देर रात तक भारी संख्या में कांवरियों ने बैरीकेडिंग में लाइन लगा ली और पूरी रात लाइन में ही गुजारी।
रविवार की सुबह से बाबा विश्वनाथ के दरबार में कांवरियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। कांवर लेकर काशी पहुंचे कांवरियों ने पहले गंगा में डुबकी लगाई फिर वहां से जल लेकर बाबा दरबार पहुंचे। शाम होते ही कांवरियों की संख्या बढ़ गई।
लक्सा से लेकर छत्ताद्वार और छत्ताद्वार से चौक तक कांवरियों के लिए बैरिकेडिंग की गई है। इसके साथ ही शहर में लगभग 10 से अधिक स्थानों पर कांवरिया शिविर में शुरू हो गए। इलाहाबाद से वाया बाइपास और गाजीपुर की ओर से वाया आशापुर, सारनाथ व पांडेयपुर होते हुए कांवरियों का जत्था काशी पहुंचने लगा था।
गोदौलिया से लेकर दशाश्वमेघ घाट और कांवरिया शिविर कांवरियों से पट गए। विश्वनाथ मंदिर के अलावा मृत्यंजय महादेव, तिलभांडेश्वर महादेव,गौरी केदारेश्वर महादेव, गौतमेश्वर महादेव, अहिलेश्वर महादेव, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर, शूलटंकेश्वर महादेव समेत प्रमुख शिवालयों में दर्शन पूजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
मंदिर की ओर जाने वाले हर रास्ते पर केसरिया वस्त्रों में कांवरियों का जत्था नजर आ रहा था। हाल यह रहा कि रविवार की देर रात तक भारी संख्या में कांवरियों ने बैरीकेडिंग में लाइन लगा ली और पूरी रात लाइन में ही गुजारी।
रविवार की सुबह से बाबा विश्वनाथ के दरबार में कांवरियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। कांवर लेकर काशी पहुंचे कांवरियों ने पहले गंगा में डुबकी लगाई फिर वहां से जल लेकर बाबा दरबार पहुंचे। शाम होते ही कांवरियों की संख्या बढ़ गई।
लक्सा से लेकर छत्ताद्वार और छत्ताद्वार से चौक तक कांवरियों के लिए बैरिकेडिंग की गई है। इसके साथ ही शहर में लगभग 10 से अधिक स्थानों पर कांवरिया शिविर में शुरू हो गए। इलाहाबाद से वाया बाइपास और गाजीपुर की ओर से वाया आशापुर, सारनाथ व पांडेयपुर होते हुए कांवरियों का जत्था काशी पहुंचने लगा था।
गोदौलिया से लेकर दशाश्वमेघ घाट और कांवरिया शिविर कांवरियों से पट गए। विश्वनाथ मंदिर के अलावा मृत्यंजय महादेव, तिलभांडेश्वर महादेव,गौरी केदारेश्वर महादेव, गौतमेश्वर महादेव, अहिलेश्वर महादेव, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर, शूलटंकेश्वर महादेव समेत प्रमुख शिवालयों में दर्शन पूजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।