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मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी का फरमान हवा-हवाई, सड़कों की हालत अब भी वही

Wed, 01 Nov 2017 04:43 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Wed, 01 Nov 2017 04:43 PM IST
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varanasi roads not become good after minister nilkanth tiwari order
देव दीपावली पर गड्ढों से रूबरू होंगे श्रद्धालु और पर्यटक - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी की सड़कों को तीन दिन में गड्ढामुक्त करने का राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी के निर्देश के बाद भी विभागीय अधिकारियों पर कोई असर नहीं हुआ है। मियाद खत्म होने के बाद भी सड़कें जस की तस हैं।
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तीन दिन बाद शहर में देव दीपावली है। इस दौरान इन्हीं खस्ताहाल सड़कों पर लाखों लोग गंगा घाट की ओर जाएंगे। इन सड़कों पर लोगों का चोटिल होना तय है। जवाबदेही और जिम्मेदारी तय नहीं होेने के कारण आम लोगों को होने वाली असुविधाओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
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सर्किट हाउस में 27 अक्तूबर को हुई बैठक में मंत्री ने पीडब्लूडी और आईपीडीएस के अभियंताओं को फटकार लगाई थी। बावजूद इसके कुछ भी नहीं हुआ। शहर में पीडब्ल्यूडी की कम सड़कें हैं। शहर में नगर निगम की अधिकांश सड़कें हैं। सबसे खराब स्थिति नगर निगम की सड़कों की है।
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निर्माण एजेसियां जहां-तहां खुदाई कर रही हैं। कहीं नालियां बन रही हैं तो कहीं सीवर पाइप, कहीं पानी की पाइप डाली जा रही है। गैस पाइप लाइन और बिजली के भूमिगत तार भी डाले जा रहे हैं। 

पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता वीके श्रीवास्तव ने कहा कि खस्ताहाल सड़कों पर 30 नवंबर तक पैचवर्क होगा। कुछ सड़कों पर तीन नवंबर तक पैचवर्क करा देंगे। घाटों की ओर जाने वाली जिन सड़कों पर खुदाई चल रही है, उन्हें तीन नवंबर तक ढक दिया जाएगा। 

तीन दिन में भूत भी नहीं बना पाएगा सड़क

varanasi roads not become good after minister nilkanth tiwari order
खराब सड़क - फोटो : अमर उजाला
नगर निगम के मुख्य अभियंता  कैलाश सिंह का कहना है कि आईपीडीएस की अनियमित खुदाई के चलते सड़कों की मरम्मत का काम शुरू ही नहीं हो पा रहा है। जहां-जहां आईपीडीएस का काम पूरा हो गया है, वहां सड़कों की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है।

आईपीडीएस की मनमानी बढ़ा रही परेशानी 
आईपीडीएस के तहत भूमिगत तार डालने वाली एजेंसियों के बारे में बोलने वाला कोई नहीं है। जहां मन किया वहां खुदाई कर दी। जिसके घर के सामने चाहा वहां बाक्स लगा दिया। अधिकारी जब बड़े अधिकारियों और मंत्रियों से आईपीडीएस की शिकायत करते हैं तो वे आश्वासन ही देकर रह जाते हैं।


इंजीनियरों की मानें तो बनारस की स्थिति जटिल है। तीन दिन में भूत भी सड़कों को नहीं बना पाएगा। सड़क मरम्मत और सड़कों पर गड्ढे सतत प्रक्रिया है। एक ओर सड़क की मरम्मत कराई जाएगी तो दूसरी ओर नए गड्ढे होंगे। ऐसी में कोई कहे कि तीन दिन में सड़कों की मरम्मत करा देंगे तो यह कतई असंभव है। 
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