{"_id":"5b1f9d424f1c1bda6e8b7987","slug":"varanasi-road-will-be-drown-in-this-rain-because-government-machinery-failure","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सरकारी विभागों की लापरवाही से इस बरसात फिर धंसेगी बनारस की सड़कें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी विभागों की लापरवाही से इस बरसात फिर धंसेगी बनारस की सड़कें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 13 Jun 2018 10:42 AM IST
विज्ञापन
चार दिन बाद मानसून की संभावना, भारी वाहनों से धंस रहीं सड़कें
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी शहर की कई प्रमुख सड़कें इस बारिश में धंसेगी और चारों ओर जलभराव होगा। इसकी वजह मानसून से पहले सड़कों की मरम्मत कार्य का न होना और शहर से होकर भारी वाहनों का गुजरना है। चार दिन बाद मानसून आने की संभावना है।
ऐसे में इन सड़कों के मरम्मत का कार्य पूरा होना असंभव है। ऐसे में सरकारी विभागों की लापरवाही का खामियाजा शहरवासी इस बरसात में भुगतेंगे।
बनारस जिले में कुल 1500 किमी सड़कें बनी हुई हैं। इनकी जिम्मेदारी तीन विभाग पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और वीडीए की है।
इसमें सभी मुख्य सड़कें पीडब्लूडी के पास हैं, जबकि ब्रांच लाइन, कॉलोनियों की सड़कें नगर निगम के अलावा पांच सड़कें वीडीए के पास हैं। वीडीए की सड़कें तो ठीक हैं, लेकिन पीडब्लूडी और नगर निगम की कई सड़कें जर्जर हो गई हैं।
इसके लिए शासन से बजट भी मिल गया, लेकिन समय से काम न होने के चलते निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। 15 जून के बाद मानसून के आने की संभावना है। इससे इन सड़कों का निर्माण कार्य चार दिनों में पूरा कर पाना मुश्किल है। अगर निर्माण कार्य के दौरान बारिश हो गई तो सड़क की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी।
विज्ञापन
उधर, चौकाघाट लहरतारा मार्ग पर बन रहे ओवरब्रिज के दो पिलर गिरने के चलते उस मार्ग को बंद कर दिया गया है। ऐसे में भारी वाहनों के अलावा बड़ी बसों और दूसरे शहर के वाहन भी शहर से होकर ही निकल रहे हैं। इससे शहर के अंदर की सड़कों पर वाहनों का लोड काफी बढ़ गया है। जिससे सड़कें धंस रही हैं। अब इन सड़कों के विशेष मरम्मत की जरूरत हैं।
विज्ञापन
ऐसे में इन सड़कों के मरम्मत का कार्य पूरा होना असंभव है। ऐसे में सरकारी विभागों की लापरवाही का खामियाजा शहरवासी इस बरसात में भुगतेंगे।
बनारस जिले में कुल 1500 किमी सड़कें बनी हुई हैं। इनकी जिम्मेदारी तीन विभाग पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और वीडीए की है।
इसमें सभी मुख्य सड़कें पीडब्लूडी के पास हैं, जबकि ब्रांच लाइन, कॉलोनियों की सड़कें नगर निगम के अलावा पांच सड़कें वीडीए के पास हैं। वीडीए की सड़कें तो ठीक हैं, लेकिन पीडब्लूडी और नगर निगम की कई सड़कें जर्जर हो गई हैं।
विज्ञापन
इसके लिए शासन से बजट भी मिल गया, लेकिन समय से काम न होने के चलते निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। 15 जून के बाद मानसून के आने की संभावना है। इससे इन सड़कों का निर्माण कार्य चार दिनों में पूरा कर पाना मुश्किल है। अगर निर्माण कार्य के दौरान बारिश हो गई तो सड़क की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी।
विज्ञापन
उधर, चौकाघाट लहरतारा मार्ग पर बन रहे ओवरब्रिज के दो पिलर गिरने के चलते उस मार्ग को बंद कर दिया गया है। ऐसे में भारी वाहनों के अलावा बड़ी बसों और दूसरे शहर के वाहन भी शहर से होकर ही निकल रहे हैं। इससे शहर के अंदर की सड़कों पर वाहनों का लोड काफी बढ़ गया है। जिससे सड़कें धंस रही हैं। अब इन सड़कों के विशेष मरम्मत की जरूरत हैं।
अधूरा पड़ा है पीडब्लूडी का निर्माण कार्य
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
शहर की 15 सड़कों का निर्माण कार्य कराने के लिए लोक निर्माण विभाग को 76 करोड़ रुपये का बजट मिला, इससे 48 किमी सड़क बननी है। लेकिन इनमें से कुछ सड़कों को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर सड़कें अधूरी हैं।
सबसे बड़ी बात यह है कि शहर की सभी प्रमुख सड़कें लोक निर्माण विभाग के पास है। अगर इनका निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो बारिश में दिक्कत बढ़ जाएगी।
आईपीडीएस के अलावा कई अन्य योजनाओं के तहत नगर निगम की सड़कों की कटिंग की गई। इसके लिए नगर निगम ने पांच करोड़ रुपये लिए। इसमें सड़कों और गलियों की मरम्मत कार्य करना था, नगर निगम की सड़कों का कार्य तो पूरा हो गया, लेकिन गलियों को सही करने का काम अभी बचा हुआ है, ऐसे में बारिश में गलियों में जलजमाव और कीचड़ के बीच से होकर लोगों को गुजरना पड़ेगा।
सबसे बड़ी बात यह है कि शहर की सभी प्रमुख सड़कें लोक निर्माण विभाग के पास है। अगर इनका निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो बारिश में दिक्कत बढ़ जाएगी।
आईपीडीएस के अलावा कई अन्य योजनाओं के तहत नगर निगम की सड़कों की कटिंग की गई। इसके लिए नगर निगम ने पांच करोड़ रुपये लिए। इसमें सड़कों और गलियों की मरम्मत कार्य करना था, नगर निगम की सड़कों का कार्य तो पूरा हो गया, लेकिन गलियों को सही करने का काम अभी बचा हुआ है, ऐसे में बारिश में गलियों में जलजमाव और कीचड़ के बीच से होकर लोगों को गुजरना पड़ेगा।
ये 15 सड़कें बननी हैं
49 लाख- महाबोधि से सानाथ रेलवे स्टेशन
98 लाख- रथयात्रा गोदौलिया से दशाश्वमेध
48 लाख- तिब्बत चौराहे से सारंगनाथ
1.10 करोड़- अशोक मार्ग का चौड़ीकरण
1.55 करोड़- विशेश्वरगंज से अलईपुर
1.56 करोड़- गोदौलिया अस्सी से लंका
2. 80 करोड़- चौकाघाट से संस्कृत विश्वविद्यालय
2.72 करोड़- मवईया तिराहा से हवेलिया चौराहा
4.21 करोड़- शिवपुर लिंक मा दुरुस्तीकरण
2.65 करोड़- साजन सिनेमा से तेलियाबाग
1.77 करोड़- कैंट से लंका मार्ग
20.60 करोड़- मोहन सराय से कैंट
9. 58 करोड़- रथयात्रा क्रासिंग से भुल्लनपुर
6.82 करोड़- आशापुर से म्यूजियम मार्ग
19.27 करोड़- भोजूवीर सिंधैरा मार्ग रिंग रोड तक
98 लाख- रथयात्रा गोदौलिया से दशाश्वमेध
48 लाख- तिब्बत चौराहे से सारंगनाथ
1.10 करोड़- अशोक मार्ग का चौड़ीकरण
1.55 करोड़- विशेश्वरगंज से अलईपुर
1.56 करोड़- गोदौलिया अस्सी से लंका
2. 80 करोड़- चौकाघाट से संस्कृत विश्वविद्यालय
2.72 करोड़- मवईया तिराहा से हवेलिया चौराहा
4.21 करोड़- शिवपुर लिंक मा दुरुस्तीकरण
2.65 करोड़- साजन सिनेमा से तेलियाबाग
1.77 करोड़- कैंट से लंका मार्ग
20.60 करोड़- मोहन सराय से कैंट
9. 58 करोड़- रथयात्रा क्रासिंग से भुल्लनपुर
6.82 करोड़- आशापुर से म्यूजियम मार्ग
19.27 करोड़- भोजूवीर सिंधैरा मार्ग रिंग रोड तक