वाराणसी पुलिस के थानेदार का दुर्व्यवहार आया सामने, BHU प्रोफेसर को दिया धक्का, कहा- नफरत करता हूं बीएचयू के डॉक्टरों से
बीएचयू के प्राणी विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. ज्ञानेश्वर चौबे ने लालपुर-पांडेयपुर थानाध्यक्ष धनंजय पांडेय पर सरेराह धक्कामुक्की और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। प्रोफेसर ने प्रकरण की शिकायत मुख्यमंत्री, डीएम और पुलिस को ट्वीट करके की है। जिला पुलिस की ओर से कहा गया है कि प्रकरण की जांच एसपी सिटी करेंगे और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. ज्ञानेश्वर पांडेय के अनुसार, वह शनिवार को बीएचयू स्थित लैब से कार से चौबेपुर क्षेत्र स्थित अपने घर जा रहे थे। कार में उनके साथ उनकी मां भी थी। लालपुर-पांडेयपुर थाने के सामने पुलिसकर्मियों ने उनकी कार रुकवाई। इसी दौरान थानाध्यक्ष धनंजय पांडेय उनके सामने आए तो उन्होंने अपना परिचय पत्र दिखाया। इस पर थानाध्यक्ष ने उनका परिचय पत्र फेंक दिया।
इसके बाद थानाध्यक्ष को उन्होंने बताया कि वह बीएचयू के प्रोफेसर हैं और लैब में काम करके घर जा रहे हैं। इस पर थानाध्यक्ष ने कहा कि मैं बीएचयू के डॉक्टरों से नफरत करता हूं। इसके साथ ही थानाध्यक्ष धक्का देते हुए बोले कि इसका पांच हजार का चालान काटो...।
डॉ. पांडेय ने बताया कि कोई और रास्ता न देख वह पुलिसकर्मियों के पास गए और अपना परिचय दिए तो उन्होंने कहा कि आप घर जाएं। वह जाने लगे तो थानेदार ने फिर पूछा कि इसका चालान कटा या नहीं कटा...? इस पर पुलिसकर्मियों ने डॉ. पांडेय को वापस बुलाया और कहा कि आप 200 रुपये का ही चालान कटवा लें, नहीं तो नाहक में परेशान होना पड़ेगा।
डॉ. पांडेय ने कहा कि समूचे घटनाक्रम से वह बेहद आहत हैं। ट्वीट करने के साथ ही उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को मौखिक रूप से भी दी है। पूरी उम्मीद है कि न्याय होगा और पुलिस चेकिंग के नाम पर किसी से इस तरह से दुर्व्यवहार नहीं करेगी।