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बनारस पुलिस : कार्रवाई के नाम पर ढिंढोरा, डेढ़ साल से पंजीकृत नहीं एक भी गैंग

Sun, 04 Jun 2017 12:54 PM IST
amarujala.com- Written by: पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी
amarujala.com- Written by: पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी Updated Sun, 04 Jun 2017 12:54 PM IST
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Varanasi Police not a single gang registered for one and a half years
पुलिस फाइल फोटो - फोटो : demo

 अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर पुलिस सिर्फ ढिंढोरा पीट रही है। इसकी गवाही खुद पुलिस के आंकड़े दे रहे हैं। वर्ष 2015 के बाद से अब तक एक भी नई गैंग जिले में पंजीकृत नहीं की गई है ।

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जबकि इस दौरान अलग-अलग आपराधिक वारदातों में बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद उनके अंतरजनपदीय या फिर अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा खुद पुलिस अधिकारियों ने ही किया था। सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस ने पहले के पंजीकृत गिरोहों से इतर अंतरजनपदीय और अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय बदमाशों को दबोचा तो उनके गिरोह को पंजीकृत क्यों नहीं किया।

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महीने भर पहले चौक डकैती की सनसनीखेज वारदात की छानबीन में भी पुलिस ने दावा किया था कि चिह्नित नौ बदमाशों ने नई गैंग बनाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों जिले के दौरे के दौरान पुलिस अधिकारियों को दो टूक कहा था कि अपराधियों की कुंडली खंगालें और कार्रवाई ऐसी हो कि उसका आमजन के बीच अच्छा संदेश जाए।

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हकीकत यह है कि वर्ष 2015 के बाद जिले में बदमाशों की कोई गैंग पंजीकृत ही नहीं की गई। इस आधार पर मानें तो डेढ़ साल में बदमाशों का कोई गिरोह जिला पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। जिले में मौजूद समय में 33 गैंग पंजीकृत हैं। इन गिरोहों के सरगना और सदस्य के तौर पर 210 बदमाश चिह्नित हैं।

 

पुलिस रिकार्ड में जिले में टॉप थ्री में पहले स्थान पर सेंट्रल जेल में निरुद्ध एमएलसी बृजेश सिंह की अंतर प्रांतीय गैंग का नाम दर्ज है। बृजेश की गैंग में 10 सदस्य हैं। दूसरे स्थान पर बृजेश सिंह के धुरविरोधी धौरहरा निवासी बीकेडी उर्फ इंद्रदेव सिंह की गैंग का नाम दर्ज है।

 

बीकेडी का गिरोह 11 सदस्यों का है। वहीं, तीसरे स्थान पर कोतवाली के कपिलेश्वर गली निवासी विश्वास शर्मा उर्फ नेपाली के गिरोह का नाम दर्ज है। नेपाली की गैंग में 24 सदस्य हैं।

600 बदमाशों की फिर खुलेगी हिस्ट्रीशीट

Varanasi Police not a single gang registered for one and a half years
डेमो - फोटो : डेमो ‌प‌िक

कब-कब पकड़े अंतरप्रांतीय बदमाश

बीते एक मई को अंतरप्रांतीय चोर गिरोह के नौ सदस्य गिरफ्तार किए गए। आठ अप्रैल को चौक के ठठेरी बजार में दिनदहाड़े सराफा दूकान में डकैती डालने के अभियुक्त दबोचे गए। तीन अप्रैल को चंदौली के मुगलसराय क्षेत्र में सराफा कारोबारी की हत्या कर चांदी लूटने वाले बदमाश गिरफ्तार किए गए।

 

एक अप्रैल को साइबर जालसाजों के अंतर प्रांतीय गिरोह के पांच सदस्य पकड़े गए। 23 दिसंबर 2016 को चार पहिया वाहनों का शीशा तोड़कर सामान उड़ाने वाले अंतर प्रांतीय गिरोह के आठ बदमाश गिरफ्तार किए गए। 18 नवंबर 2016 को पूर्व के 50 हजार के इनामी बदमाश और गाजीपुर जेल में निरुद्ध मनीष सिंह उर्फ सोनू के दो इनामी सहित चार गुर्गे गिरफ्तार किए गए।

 

26 फरवरी 2016 को पुलिस कस्टडी से साथी को छुड़ाने आए असलहे से लैस 10 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि बदमाशोें को चिह्नित कर उनकी गैंग के पंजीयन का काम नए सिरे से चल रहा है। आगामी एक सप्ताह में इस प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

 

कानून व्यवस्था पर सीएम की सख्ती के बाद जिले की पुलिस ने हिस्ट्रीशीटरों पर शिकंजा कसने की तैयारी की है। एसएसपी ने बताया कि 600 बदमाशों के आपराधिक इतिहास को देखते हुए उनकी हिस्ट्रीशीट दोबारा खोली जाएगी। इसकी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। बता दें कि जिले के 25 थाना क्षेत्रों में मौजूदा समय में 1060 हिस्ट्रीशीटर हैं।

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