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वाराणसी: सिजेरियन के समय पेट में छूटा कपड़ा, दोबारा करना पड़ा ऑपरेशन; डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर
Fri, 02 Oct 2026 03:30 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Fri, 02 Oct 2026 03:30 PM IST
सार
वाराणसी जिले में सिजेरियन के समय पेट में कपड़ा छूटने के मामले में डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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UP police
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लालपुर-पांडेयपुर में सौभाग्य हॉस्पिटल में सिजेरियन के दौरान महिला के पेट में कपड़ा छूट जाने का आरोप लगा है। ऑपरेशन के कुछ दिनों बाद महिला की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों को उसे दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। शिकायतकर्ता का दावा है कि पेट में बाहरी वस्तु छूटने से संक्रमण फैल गया, जिसके बाद महिला की जान बचाने के लिए दोबारा ऑपरेशन करना पड़ा।
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मामले में पति रवि प्रकाश सिंह की तहरीर पर लालपुर-पांडेयपुर थाने की पुलिस ने डॉक्टर तरुणा सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्राथमिकी में रवि प्रकाश सिंह ने बताया है कि उनकी पत्नी की 18 अगस्त 2026 को सौभाग्य हॉस्पिटल में सिजेरियन हुई थी।
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यह ऑपरेशन अस्पताल की डॉक्टर तरुणा सिंह ने किया था। 20 अगस्त को डॉक्टर ने पत्नी को स्वस्थ बताते हुए अस्पताल से छुट्टी दे दी। एक महीने की दवाएं भी दी गई थीं। हालांकि, घर पहुंचने के कुछ दिनों बाद ही महिला की तबीयत बिगड़ने लगी।
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परिजनों ने इस संबंध में डॉक्टर से संपर्क किया तो उन्हें दो-तीन दिन की दवाएं दी गईं। इसके बाद किसी फिजिशियन को दिखाने की सलाह दी गई। थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि उपचार से संबंधित दस्तावेजों और ऑपरेशन के अभिलेखों के आधार पर मामले की जांच जा रही है।
दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने पर बिगड़ती गई हालत
महिला की तबीयत में सुधार नहीं होने पर परिजनों ने उसे महावीर मंदिर, कैंट के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वहां उपचार के दौरान महिला की हालत और गंभीर हो गई। स्थिति बिगड़ने पर उसे खून चढ़ाना पड़ा। पेट में संक्रमण की बात भी सामने आई। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन उसे दूसरे हॉस्पिटल ले गए, जहां चिकित्सकों ने विभिन्न जांचें कराईं। सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे समेत अन्य जांचों के बाद चिकित्सकों ने पेट के अंदर टिश्यू या कपड़ा जैसी बाहरी वस्तु छूटने की बात बताई।
आरोप है कि सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान यह वस्तु पेट में रह गई थी। महिला की जान बचाने के लिए जोखिम उठाकर दोबारा ऑपरेशन करना पड़ा। पांच यूनिट खून चढ़ाया गया। थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि उपचार से संबंधित दस्तावेजों और ऑपरेशन के अभिलेखों के आधार पर मामले की जांच जा रही है।
महिला की तबीयत में सुधार नहीं होने पर परिजनों ने उसे महावीर मंदिर, कैंट के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वहां उपचार के दौरान महिला की हालत और गंभीर हो गई। स्थिति बिगड़ने पर उसे खून चढ़ाना पड़ा। पेट में संक्रमण की बात भी सामने आई। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन उसे दूसरे हॉस्पिटल ले गए, जहां चिकित्सकों ने विभिन्न जांचें कराईं। सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे समेत अन्य जांचों के बाद चिकित्सकों ने पेट के अंदर टिश्यू या कपड़ा जैसी बाहरी वस्तु छूटने की बात बताई।
आरोप है कि सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान यह वस्तु पेट में रह गई थी। महिला की जान बचाने के लिए जोखिम उठाकर दोबारा ऑपरेशन करना पड़ा। पांच यूनिट खून चढ़ाया गया। थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि उपचार से संबंधित दस्तावेजों और ऑपरेशन के अभिलेखों के आधार पर मामले की जांच जा रही है।