चार दिन बीते, नहीं मिली उस्ताद की शहनाइयां
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भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की चोरी गई चांदी की पांच शहनाइयों के मामले में चौथे दिन गुरुवार को भी पुलिस के हाथ खाली रहे। वहीं, बुधवार को इस संबंध में उस्ताद के बेटे उस्ताद नाजिम हुसैन ने एसएसपी से मुलाकात कर धरोहरों के मामले में ठोस कार्रवाई किए जाने की बात कही।
उधर, चोरी गई बेशकीमती शहनाइयों, सोने के कंगन और इनामी तश्तरी शहर से बाहर किसी तस्कर के हाथ न लगने पाए इसे लेकर खुफिया एजेंसियां भी एलर्ट हुई हैं।
खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि कहीं कबीरदास की छह सौ साल पुरानी तुलसी की माला की तरह उस्ताद से जुड़ी धरोहरें भी अंतरराष्ट्रीय तस्करों के हाथ न लग जाएं।
चौक थाना के चाहमामा निवासी काजिम हुसैन ने रविवार की रात पुलिस को सूचना दी थी कि उनके पिता भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की चांदी की पांच शहनाई, सोने के दो कंगन और इनामी तश्तरी उनके ट्रंक की कुंडी तोड़कर चुरा ली गई है। हालांकि मकान के मुख्य दरवाजे का ताला और अन्य सामान सुरक्षित थे।
पुलिस के अनुसार इस घटना के पीछे पारिवारिक कलह एक अहम वजह है। बता देें कि वर्ष 2013 के नवंबर महीने में कबीरचौरा मठ मूलगादी से कबीरदास की छह सौ साल पुरानी तुलसी की माला पूजापाठ के बहाने पहुंचे तस्करों ने चुरा ली थी।
इस मामले में थाइलैंड के तीन लोगोें सहित चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया लेकिन यह आज तक स्पष्ट नहीं हो पाया कि कबीरदास की वह माला कहां है।
इसी आधार पर केंद्रीय और स्थानीय खुफिया एजेंसियां इस संबंध में परेशान हैं कि कहीं उस्ताद से जुड़ी धरोहरें भी सात समंदर पार न चली जाए।
उधर, बुधवार को चौक पुलिस ने काजिम से घटना के संबंध में तीन बार पूछताछ की। इस संबंध में एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि उस्ताद से जुड़ी धरोहरों की खोजबीन जारी है। इसके साथ ही इस संबंध में एलर्ट भी जारी किया गया है।