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Varanasi News: गंगा में 100 करोड़ की लागत से बनेगा सिग्नेचर ब्रिज, रेलवे बनाएगा डीपीआर
Wed, 24 Apr 2024 08:55 AM IST
Anonymous User
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, वाराणसी
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, वाराणसी
Published by: Anonymous User
Updated Wed, 24 Apr 2024 08:55 AM IST
सार
राजघाट से पड़ाव को जोड़ने वाले मालवीय पुल के समानांतर बनने वाला यह ब्रिज गंगा के 30 मीटर डाउन स्ट्रीम से शुरू होकर पड़ाव तक पहुंचेगा। स्थानीय स्तर पर प्रशासन की ओर से जिस तरह की डीपीआर तैयार की गई है, उसमें डाटपुल को चौड़ाकर बनारस की ओर से आने वाले रास्ते को रिंग सर्किल से इस पुल को जोड़ा जाना है।
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सिग्नेचर ब्रिज का प्रस्तावित नक्शा
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
गंगा नदी में सिग्नेचर ब्रिज बनाए जाने का रास्ता साफ हो गया है। मालवीय ब्रिज के बगल में बनने वाले इस ब्रिज की डीपीआर रेलवे की ओर से तैयार की जाएगी। इनलैंड वाटर वेज अथॉरिटी आफ इंडिया की ओर से इस परियोजना के लिए एनओसी भी मिल चुका है। पहले डीपीआर बनाए जाने के लिए एनएचएआई के नाम पर सहमति बनी थी। अब रेलवे की ओर से डीपीआर बनाने का काम जल्द ही शुरू हो जाएगा।
ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित हो रहे वाराणसी से पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर जंक्शन को जोड़ने के लिए नमो घाट के पास से डबल डेकर सिग्नेचर ब्रिज बनाया जाना प्रस्तावित है। राजघाट से पड़ाव को जोड़ने वाले मालवीय पुल के समानांतर बनने वाला यह ब्रिज गंगा के 30 मीटर डाउन स्ट्रीम से शुरू होकर पड़ाव तक पहुंचेगा। स्थानीय स्तर पर प्रशासन की ओर से जिस तरह की डीपीआर तैयार की गई है, उसमें डाटपुल को चौड़ाकर बनारस की ओर से आने वाले रास्ते को रिंग सर्किल से इस पुल को जोड़ा जाना है।
सिग्नेचर ब्रिज और सर्किल रोड की जो परियोजना तैयार कराई गई है, इसमें करीब 100 करोड़ रुपये लागत का अनुमान है। सिग्नेचर ब्रिज से बिहार और पीडीडीयूनगर सहित अन्य शहरों से काशी की कनेक्टिविटी मजबूत हो जाएगी। अब सिग्नेचर ब्रिज की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) जारी होने के बाद टेंडर की प्रक्रिया के भी जल्द ही शुरू होने की संभावना है।
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ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित हो रहे वाराणसी से पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर जंक्शन को जोड़ने के लिए नमो घाट के पास से डबल डेकर सिग्नेचर ब्रिज बनाया जाना प्रस्तावित है। राजघाट से पड़ाव को जोड़ने वाले मालवीय पुल के समानांतर बनने वाला यह ब्रिज गंगा के 30 मीटर डाउन स्ट्रीम से शुरू होकर पड़ाव तक पहुंचेगा। स्थानीय स्तर पर प्रशासन की ओर से जिस तरह की डीपीआर तैयार की गई है, उसमें डाटपुल को चौड़ाकर बनारस की ओर से आने वाले रास्ते को रिंग सर्किल से इस पुल को जोड़ा जाना है।
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सिग्नेचर ब्रिज और सर्किल रोड की जो परियोजना तैयार कराई गई है, इसमें करीब 100 करोड़ रुपये लागत का अनुमान है। सिग्नेचर ब्रिज से बिहार और पीडीडीयूनगर सहित अन्य शहरों से काशी की कनेक्टिविटी मजबूत हो जाएगी। अब सिग्नेचर ब्रिज की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) जारी होने के बाद टेंडर की प्रक्रिया के भी जल्द ही शुरू होने की संभावना है।
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तीन फेज में होगा काम
सिग्नेचर ब्रिज का काम तीन फेज में पूरा कराया जाएगा। इसमें पहले फेज में व्यासनगर- काशी स्टेशन की यार्ड रिमाडलिंग होगी। इसके बाद दूसरे फेज में पीडीडीयू नगर- व्यासनगर आरओबी (डीएफसीसीआईएल)का निर्माण होगा। इसके बाद तीसरे फेज में वाराणसी -काशी - व्यासनगर रेलखंड पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाई जाएगी। उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के डीआरएम के निर्देशन में डीपीआर बनाए जाने की दिशा में काम भी जल्द ही शुरू हो जाएगा।