Varanasi News: जेल में बंद झुन्ना पंडित के गिरोह में दो फाड़, मारपीट और फायरिंग; मकान में छिपकर जान बचाई
Crime News: वाराणसी के मढ़वा गांव में बुधवार की शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एकाएक मारपीट आरै फायरिंग होने लगी। दो युवकों ने एक मकान में छिपकर अपनी जान बचाई। पीड़ित युवकों ने आरोपियों के खिलाफ लालपुर-पांडेयपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
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एक लाख के इनामी रहे फतेहगढ़ जेल में बंद कुख्यात बदमाश श्रीप्रकाश मिश्र उर्फ झुन्ना पंडित गिरोह में दो फाड़ हो गया है। गिरोह के दो गुटों में बुधवार को लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र के मढ़वा में मारपीट और फायरिंग हुई। तीन आरोपियों ने दो युवकों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। किसी तरह युवकों ने एक मकान में छिपकर जान बचाई। आरोपियों ने युवकों की बाइक पर फायरिंग कर दहशत फैलाई। लालपुर-पांडेयपुर थाने में तीन नामजद और तीन अज्ञात पर हत्या के प्रयास समेत अन्य आरोपों में केस दर्ज किया गया है।
लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र के गोइठहां निवासी अभिनव सिंह और चोलापुर के हरिबलपुर निवासी आयुष पाठक ने पुलिस को बताया कि वह मढ़वा में मौजूद थे, तभी यश सिंह राजपूत, प्रभांशु सिंह, रवि सोनकर और उनके साथ तीन अन्य युवकों ने घेरकर मारपीट की।
किसी तरह जान बचाकर दोनों ने पास के एक घर में शरण ली, लेकिन जाते-जाते हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और अभिनव सिंह की बाइक पर फायरिंग कर दी। लालपुर-पांडेयपुर इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह ने बताया कि सूचना पर पहुंची पुलिस ने अभिनव और आयुष को सुरक्षा में लिया। आरोपी यश, प्रभांशु और रवि समेत छह के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य आरोपों में केस दर्ज किया गया है।
झुन्ना पंडित गिरोह के लिए काम करते थे सभी
छानबीन में सामने आया कि दोनों गुट पहले झुन्ना के लिए काम करते थे। 12 जुलाई को मढ़वा निवासी आकाश राव ने अभिनव सिंह, संजय पटेल, रजत उपाध्याय, आयुष पाठक और अज्ञात पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। 2019 में इन्हीं गुटों से जुड़े कुछ युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया और जेल भेजे गए थे। विवाद की जड़ अवैध असलहों की खरीद फरोख्त और रुपये का लेनदेन है।
हत्या के प्रयास में मुकदमा दर्ज किया गया है। घटनास्थल के आसपास सीसी कैमरे और वीडियो की जांच कराई जा रही है। जेल में बंद झुन्ना पंडित गिरोह से जुड़े कुछ युवक बताए जा रहे हैं। इसकी भी जांच कराई जा रही है। - प्रमोद कुमार, डीसीपी वरुणा जोन