Varanasi News: शक्ति की थीम पर कथक के गुरुओं को नृत्य से अर्पित की नृत्यांजलि, हुआ भव्य आयोजन
दो दिवसीय सांस्कृतिक संध्या के प्रथम दिन कथकाश्रय न्यास की ओर से कला ऋषियों की स्मृति में नटराज पं. गोपीकृष्ण सम्मान पं. दीपक महाराज को प्रदान किया गया। नटराज पंडित मोहनकृष्ण सम्मान पं. पीयूष चौहान एवं प्रीती शर्मा को प्रदान किया गया।
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Varanasi News: बनारस घराने की महान कथक नृत्य विभूतियों की स्मृति को समर्पित कथक नृत्यसंध्या स्मरण आरंभ हुई। शक्ति की थीम पर आधारित नृत्य संध्या में कलाकारों ने कथक के गुरुओं को नृत्यांजलि अर्पित की। प्रथम दिवस की प्रस्तुतियां विदुषी अलकनंदा देवी, विदुषी तारा देवी, कथक क्वीन सितारा देवी, विदुषी अन्नपूर्णा देवी तथा विदुषी मुन्नी देवी की पुण्य स्मृति को समर्पित रही।
शनिवार को नागरी नाटक मंडली के मुरारी लाल मेहता प्रेक्षागृह में कथकाश्रय आचार्य पं. सुखदेव महाराज सांस्कृतिक न्यास की ओर से दो दिवसीय कथक नृत्यसंध्या स्मरण के प्रथम चरण का शुभारंभ हुआ। प्रथम कार्यक्रम कथक गुरुओं को समर्पित कथकाश्रय न्यास द्वारा प्रशिक्षित युवा कलाकारों के कथक नृत्य की रही। अनन्या बरनवाल, नव्या चौरसिया, संस्कृति शर्मा, ऋतिका बोहरा, वार्नकोली सेनगुप्ता, रौनक श्रीवास्तव व अमन पांडेय ने शिव वंदना से आरंभ करते हुए पारंपरिक कथक नृत्य को साकार किया।
द्वितीय प्रस्तुति वसुंधरा शर्मा के कथक नृत्य की रही। नृत्य का आरंभ काली स्तुति पर भक्तिपूर्ण भाव से माता कालिके...से हुआ। इसके उपरांत पारंपरिक कथक के अंतर्गत लय ताल से सभी लोग रससिक्त हुए। तबला संगति आनंद कुमार मिश्र एवं गायन में सहभागिता गौरव मिश्र तथा सितार पर संदीप नियोगी ने साथ दिया।
दर्शकों ने खूब बजाई ताली
इसके उपरांत प्रथम चरण को पूर्णता प्रदान करने के लिए मंच को समृद्ध किया प्रख्यात कलाकार पं. दीपक महाराज ने। उन्होंने अपने कथक नृत्य से सभी को मुग्ध कर दिया। तबला संगति पं. शुभ महाराज एवं संवादिनी पर मोहित साहनी एवं सितार पर पं. संदीप नियोगी तथा बोल पढ़त पर आर्यव आनंद ने साथ दिया।
संयोजन विमला मिश्रा, सहसंयोजन पं. श्याम कुमार मिश्रा एवं पं. रवि किशन मिश्र का रहा। संचालन डॉ. प्रीतेश आचार्य ने किया। इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ तबला वादक पं. पूरण महाराज, डीआईजी पारुल गुप्ता, पं. कामेश्वरनाथ मिश्र एवं डॉ. अजीत सहगल ने दीप जलाकर किया। अतिथियों का स्वागत न्यास के निदेशक विशालकृष्ण ने किया।