Varanasi News: 14 किमी के दायरे में सक्रिय महिला गैंग ने एक साल में की 11 वारदातें, तैयारी हो रही इनकी कुंडली
Varanasi Crime: वाराणसी में महिलाओं को निशाना बनाने वाली महिला चोरों की कुंडली तैयार की जा रही है। बीते एक साल में चेन, पर्स और नकदी चोरी की 11 घटनाओं में गिरोह की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस अब तक 12 महिलाओं को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरोह काशी विश्वनाथ, काल भैरव और दुर्गा मंदिर समेत भीड़भाड़ वाले इलाकों में सक्रिय था।
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वाराणसी शहर में महिलाएं ही महिलाओं को निशाना बना रही हैं। वारदात को अंजाम देकर आसानी से निकल जा रही हैं। एक साल में महिलाओं से हुई चेन चोरी, पर्स चोरी और नकदी गायब होने जैसी 11 घटनाओं में इस गिरोह का हाथ सामने आया है।
कुछ मामलों में पुलिस ने खुलासा किया तो पता चला कि यह गिरोह पूर्वांचल के बड़े शहरों में सक्रिय है। एक शहर में वारदात को अंजाम देकर दूसरे शहर में निकल जाता है। इसमें वाराणसी, देवरिया, बहराइच, राजस्थान और मध्य प्रदेश से जुड़े गिरोह शामिल हैं।
पहले हुई वारदातों, सीसी कैमरों की फुटेज और एआई कैमरों की मदद से जब गिरफ्तारियां हुईं तो सामने आया कि यह गिरोह शहर के 14 किलोमीटर के दायरे में सक्रिय है। इसमें काशी विश्वनाथ मंदिर, काल भैरव मंदिर, दुर्गा मंदिर, कैंट, पांडेयपुर और सारनाथ क्षेत्र शामिल हैं।
इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वाली 12 महिलाओं को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया कि अपराध के पैटर्न और अन्य गतिविधियों का डेटा जुटाकर क्राइम कुंडली तैयार की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गैंग में शामिल महिलाएं बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात करती हैं। ये महिलाएं पहले अकेली या बुजुर्ग महिला यात्रियों को चिन्हित करती हैं। इसके बाद ई-रिक्शा या ऑटो में जबरन दायीं और बायीं ओर बैठ जाती हैं, ताकि बीच में बैठी महिला को हिलने-डुलने की जगह न मिले।
सफर के दौरान बातचीत, धक्का-मुक्की या कपड़ा संभालने के बहाने कुछ ही सेकेंड में गले की चेन, मंगलसूत्र या पर्स गायब कर देती हैं। जांच में सामने आया है कि गैंग की सदस्याएं धार्मिक स्थलों और बाजारों में अधिक सक्रिय रहती हैं। विशेषकर काशी विश्वनाथ मंदिर और काल भैरव मंदिर आने वाली महिलाओं को निशाना बनाया जाता है।
दर्शन के लिए आने वाली बाहरी महिलाएं भी इनके निशाने पर रहती हैं, क्योंकि उन्हें स्थानीय हालात की जानकारी कम होती है। गैंग की महिलाएं इतनी सफाई से वारदात करती हैं कि आसपास बैठे यात्रियों को भी भनक नहीं लगती। कुछ घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध महिलाएं ऑटो बदलते और भीड़ में तेजी से निकलते दिखाई दी हैं।
भीड़ वाले इलाकों में एआई कैमरों से निगरानी
काशी विश्वनाथ मंदिर, काल भैरव मंदिर समेत अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस एआई कैमरों से निगरानी कर रही है। ये कैमरे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने में सक्षम हैं। एआई कैमरे किसी व्यक्ति के चेहरे को पहचानकर उसे पहले से मौजूद रिकॉर्ड से मिलान कर सकते हैं। इससे अपराधियों और संदिग्ध लोगों की पहचान करने में आसानी हो रही है।
कैमरे झगड़ा, चोरी, हथियार दिखना, अचानक भागना या असामान्य भीड़ जैसी गतिविधियों को पहचानकर तुरंत अलर्ट भेज सकते हैं। इससे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलती है। ये कैमरे केवल निगरानी ही नहीं करते, बल्कि डेटा का विश्लेषण भी करते हैं। किसी स्थान पर किस समय सबसे ज्यादा भीड़ रहती है या कौन-सी गतिविधियां बार-बार हो रही हैं, इसकी जानकारी भी उपलब्ध कराते हैं।
कुछ प्रमुख घटनाएं, जिन्हें गिरोह ने दिया अंजाम
- काशी विश्वनाथ मंदिर के पास चोरी की घटना में चौक पुलिस ने तीन महिलाओं को पकड़ा था। तीनों ने एक महिला दर्शनार्थी के पर्स से 20 हजार रुपये चोरी किए थे।
- पांडेयपुर में ई-रिक्शा सवार महिला का पर्स चोरी हुआ था, जिसमें नकदी समेत कुछ जेवरात थे। पुलिस ने सीसी कैमरों की मदद से महिलाओं की पहचान कर गिरफ्तारी की थी।
- काल भैरव मंदिर के पास दक्षिण भारतीय महिला के साथ चोरी की वारदात हुई थी। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है। सीसी कैमरों को खंगालने पर कुछ संदिग्ध महिलाओं की पहचान हुई।
- भेलूपुर स्थित दुर्गा मंदिर में पूजा के दौरान दो महिलाओं ने लाइन में लगी महिला को झांसे में लिया। इस दौरान हरे रंग की ड्रेस पहने एक महिला ने उसके पर्स से नकदी निकाल ली। घटना सीसी कैमरे में कैद हुई।
- कैंट से लंका जा रही एक महिला को सुंदरपुर के पास इस गिरोह की महिलाओं ने ठगी का शिकार बनाया। ऑटो में अगल-बगल बैठकर उसका पर्स चोरी कर लिया गया था। इस मामले में पुलिस ने गिरफ्तारी की थी।