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Varanasi News: प्रमोशन की मांग पर उतरे 26 शिक्षकों पर बीएचयू ने लगाए अनुशासनहीनता सहित कई आरोप, मांगे दस्तावेज
Sun, 17 May 2026 01:44 PM IST
Aman Vishwakarma
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Aman Vishwakarma
Updated Sun, 17 May 2026 01:44 PM IST
सार
Varanasi News: बीएचयू प्रशासन ने शिक्षकों पर अनुशासनहीनता, अधिकारियों से अभद्रता, छात्रों को उकसाने और प्रतिबंधित क्षेत्र में धरना-भोजन करने जैसे आरोप लगाए हैं। शिक्षकों से जवाब मांगा गया है। वहीं, शिक्षकों ने आरोपों को सुनियोजित कार्रवाई बताते हुए ऑडियो-वीडियो फुटेज, नियमावली और यूजीसी रेगुलेशन की प्रतियां मांगते हुए जवाब के लिए एक माह का समय मांगा है।
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बीएचयू कैंपस में जाती छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीएचयू प्रशासन ने अपने 26 शिक्षकों पर संवाद के दौरान मेज थपथपाने, अड़ियल रहने, प्रतिबंधित क्षेत्र में खाना मंगाकर खाने, छात्रों को उकसाने सहित अनुशासनहीनता के कई आरोप लगाए हैं। शनिवार तक इसे लेकर जवाब भी मांगा गया था। इसके एवज में शिक्षकों ने लगाए गए आरोपों की जांच पड़ताल से संबंधित ऑडियो वीडियो फुटेज और नियमावली सहित यूजीसी रेगुलेशन से संबधित सभी दस्तावेज भी मांगे हैं।
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शनिवार को पत्रक देते हुए इन आरोपों की पुष्टि के लिए परीक्षा व्यस्तताओं का हवाला देकर एक महीने का समय मांगा है। बीएचयू ने कुलपति की ओर से गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर चिह्नित शिक्षकों पर आरोप लगाया है। एक अप्रैल को दोपहर 3:30 बजे से लेकर आधी रात 12:30 बजे तक सेंट्रल ऑफिस की समिति कक्ष 2 में शिक्षकों ने प्रमोशन सहित कई मामलों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया था।
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शिक्षकों ने पूछा- सैकड़ों में सिर्फ 26 ही चिह्नित क्यों : इस मामले में प्रशासन के ऊपर शिक्षकों ने सुनियोजित षडयंत्र बताते हुए प्रश्न खड़ा किया है। कहा कि कि सैकड़ों की उपस्थिति में सिर्फ 26 शिक्षकों को ही क्यो चिह्नित किया गया। यह किस नियमावली के तहत हुआ। ये भी कहा कि 10 से ज्यादा शिक्षकों ने सोशल मीडिया पर अपने व्यक्तिगत एकाउंट से एक अप्रैल की घटना के क्रम में अपनी तस्वीर जारी कर लिखा है कि शिक्षकों के प्रति पूरी संवेदना है। उन्हें क्यों नहीं पत्र दिया गया
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बीएचयू के शिक्षकों पर लगाए गए आरोप
- बिना किसी पूर्वानुमति के शिक्षकों के समूह के साथ सेंट्रल ऑफिस में प्रवेश करना।
- समिति कक्ष में अवैध रूप से कब्जा कर सामान्य कामकाज को ठप किया गया।
- अवैध व्हाट्सएप ग्रुप बीएचयू टीचर्स एसोसिएशन के माध्यम से इकट्ठा हुए।
- वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तीखी, आक्रामक भाषा का प्रयोग किया गया।
- संवाद के दौराज मेज थपथपाना और ऊंची आवाज में बोलना।
- विवि के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के प्रस्ताव को ठुकाराना।
- बिना किसी ठोस दस्तावेजी साक्ष्य के उप कुलसचिव को हटाने की मांग पर अड़े रहना।
- रात के 10 बजे छात्रों के समूह को बुलाकर प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करवाना।
- प्रशासन पर शिक्षकों को बंधक बनाने और पानी का इंतजाम न करने का भ्रामक आरोप लगाना।
- केंद्रीय कार्यालय के प्रतिबंधित क्षेत्र में धरना के दौरान रात के समय भोजन मंगवाना।
- खुफिया विभाग के कर्मियों को रिकॉर्डिंग करने से बलपूर्वक रोका गया।