Varanasi News: 108 किलो अष्टधातु की मां गंगा की प्रतिमा की उतारी आरती, 151 लीटर से हुआ दुग्धाभिषेक
Dev Diwali 2025: देव दीपावली के अवसर पर काशी में होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में कई अनुष्ठान भी हुए। पहलगाम में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी गई। भक्तों ने मां गंगा और बाबा विश्वनाथ से सुख-समृदि्ध की कामना की।
विस्तार
Varanasi News: कार्तिक पूर्णिमा की संध्या पर प्राचीन दशाश्वमेध घाट दीपों और रंग-बिरंगी रोशनी की आभा से दमक उठा। मां गंगा की 108 किलोग्राम की अष्टधातु की प्रतिमा की आरती उतारी गई। 151 लीटर दूध से मां गंगा का अभिषेक किया गया। इसके साथ ही मां गंगा की महाआरती में 21 बटुकों और 21 रिद्धि-सिद्धियों ने वेद मंत्रों के संग आराधना की, जबकि 21 बेटियों के नेतृत्व में दीप जलाकर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया गया।
बुधवार को गंगा आरती की भव्यता और दिव्यता एक बार फिर दुनिया को मंत्रमुग्ध कर गई। प्राचीन दशाश्वमेध घाट पर गंगोत्री सेवा समिति की ओर से देव दीपावली महोत्सव में गंगा तट दीपों की दपदप, विद्युत झालरों की जगमग, सुरों की खनक और आतिशबाजी की चमक से स्वर्गिक आभा बिखेरता नजर आया।
गोधूलि बेला में जैसे ही घाट पर हजारों दीप जल उठे, तो ऐसा लगा मानो सुरसरि स्वयं दीपों का चंद्रहार धारण कर धरती पर उतर आई हों। पहलगाम के शहीदों की स्मृति और ऑपरेशन सिंदूर के शूरवीरों को समर्पित देव दीपावली के दौरान गगनभेदी 'हर हर महादेव' और 'हर हर गंगे' के जयघोष के बीच मां गंगा की आरती ने हर दर्शक के मन को भावविभोर कर दिया।
गूंजे मंत्र
समिति के संस्थापक अध्यक्ष पं. किशोरी रमण दुबे ‘बाबू महाराज’ और सचिव पं. दिनेश शंकर दुबे के संयोजन में सुमेरूपीठ शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती सहित अनेक गणमान्य जनों ने शास्त्रोक्त विधि से पूजन किया। इस अवसर पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, यूको बैंक और सिडबी के अधिकारियों ने मां गंगा का 151 लीटर दूध से अभिषेक कर गंगा निर्मलीकरण का संकल्प दोहराया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। मंच पर ख्यातिलब्ध कलाकार मनोज तिवारी, अमलेश शुक्ला, कन्हैया दुबे और प्रभुनाथ सिंह (दाढ़ी) ने अपने गीत-संगीत से माहौल को संगीतमय बना दिया।
केदार घाट पर दुग्धाभिषेक के बाद हुई मां गंगा की महाआरती
देव दीपावली पर्व के अवसर पर केदार घाट पर गंगोत्री सेवा समिति द्वारा पांच विशेष आरती कराई गई। कार्यक्रम का संचालन नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने किया। आयोजन के समापन पर भारतीय सेना, पीएसी और राज्य पुलिस के शहीद जवानों की स्मृति में आकाशदीप समर्पित किए गए। इसके पूर्व 51 लीटर दूध से मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया गया।