दिल के मरीजों को राहत: 600 करोड़ से बनेगा 400 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, एनओसी की चल रही है प्रक्रिया
दिल के मरीजों को दूर शहरों में जाकर इलाज नहीं करानी पड़ेगी। वाराणसी के बड़ालालपुर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने की तैयारी चल रही है। अस्पताल के मानचित्र के आवेदन समेत अन्य प्रक्रियाएं शुरू हो गई हैं।
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हृदय शल्य चिकित्सा समेत गंभीर रोगों के उपचार के लिए काशी समेत पूर्वांचल के लोगों को अब लखनऊ, नोएडा या दिल्ली जाने की जरूरत नहीं होगी। रिंग रोड फेज-टू किनारे बड़ालालपुर में लगभग तीन एकड़ जमीन में 600 करोड़ की लागत से 400 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल खुलने जा रहा है। वीडीए से अस्पताल के मानचित्र के आवेदन समेत अन्य विभागों से एनओसी की प्रक्रिया चल रही है।
पिछले साल ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के तहत काशी में कंपनी ने 600 करोड़ का निवेश किया था। विभागीय और कागजी कार्यवाही के तहत रिंग रोड फेज-टू किनारे बड़ालालपुर में लगभग तीन एकड़ जमीन मुहैया कराई गई। निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए वीडीए में मानचित्र दाखिल किया गया।
वीडीए ने अपोलो अस्पताल से फायर, प्रदूषण, जल निगम, मेडिकल हेल्थ से अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगा है। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को एनओसी जारी करने के निर्देश दिए हैं। पिछले दिनों अस्पताल के स्थानीय प्रबंधक ने जिला उद्योग व प्रोत्साहन केंद्र के अधिकारियों से मुलाकात कर परियोजना के बाबत अन्य बिंदुओं पर चर्चा की है। इस संबंध में 30 मई को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सभी निवेशकों, विभाग के अधिकारियों संग बैठक होगी।
अस्पताल हृदय रोग को डेडिकेटेड अस्पताल होगा। उद्योग अधिकारियों ने बताया कि लगभग दो हजार लोगों को इस अस्पताल के माध्यम से रोजगार मिलेगा। इस अस्पताल के खुलने से वाराणसी समेत चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, बलिया, मऊ, आजमगढ़, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र के अलावा बिहार के कुछ जनपदों के लोगों को सहूलियत होगी।
बोले अधिकारी : 600 करोड़ की लागत से खुलने वाले अपोलो सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। वीडीए समेत अन्य विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया चल रही है। - मोहन शर्मा, उपायुक्त उद्योग