वाराणसी: राज्यमंत्री ने गड्ढा मुक्त अभियान की जानी हकीकत तो खुली पोल, अफसरों पर भड़के और खुद चलाया फावड़ा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी है। पीएम बनारस के विकास कार्यों की समीक्षा करते रहते हैं। योगी सरकार भी यहां विकास कार्यों को अधूरा नहीं देख सकती है। यूपी सरकार के मंत्री यहां कार्यों का जायजा लेते रहते हैं। गुरुवार को स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्यमन्त्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल गड्ढा मुक्त सड़कों की हकीकत जानने निकले तो अपसरों की पूरी पोल खुल गई।
निरीक्षण के दौरान सड़क तो खराब मिली ही, साथ ही सीवर के मेनहोल के ढक्कन भी खुले थे। यह देख राज्यमंत्री गुस्से से आग बबूला हो उठे। उन्होंने अफसरों को फटकार लगाई और खुद गड्ढे में उतरकर फावड़ा भी चलाया।
पिछले दिनों मंत्री रवींद्र जायसवाल ने मंडलीय सभागार में कमिश्नर व जिलाधिकारी के साथ बैठक में शहर की खराब सड़कों को तत्काल दुरुस्त किए जाने हेतु निश्चित समय देकर स्वयं मौके पर चलकर सड़कों की स्थिति जांचने का निर्देश दिया था। इसके बाद जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में उपजिलाधिकारी व मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में चार टीमें गठित की थीं।
उसी क्रम में आज गुरुवार को मंत्री रवींद्र जायसवाल ने सर्किट हाउस से एडीएम सिटी, एसीएम, पीडब्लूडी, नगर निगम के अधिकारियों के साथ सेंट्रल जेल रोड सिकरौल से लेकर मीरापुर बसही आदि क्षेत्रों का निरीक्षण किया। राज्यमंत्री ने बताया कि पीडब्ल्यूडी और नगर निगम के आपसी तालमेल की कमी के कारण सिकरौल में अतिक्रमण का बहाना बनाकर नाली निर्माण नहीं कराकर ठेकेदारों को कार्य मे देरी का मौका मिल रहा है।
इससे समय के साथ काम की धनराशि बढ़ाई जा सके। वहीं मीरापुर बसही में बने गड्ढे को देखकर मंत्री रवींद्र जायसवाल ने पीडब्ल्यूडी के सुग्रीव राम समेत सभी अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय दिवस के दौरान 80 लाख खर्च होने के बाद भी इतने बड़े गड्ढे बने हैं।