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पद्मश्री प्रो. सरोज चूड़ामणि के पति डॉ. सिद्ध गोपाल की ट्रेन की चपेट में आने से मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 22 Jun 2018 04:30 PM IST
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वाराणसी के गोदौलिया स्थित मारवाड़ी अस्पताल के सीएमओ और पद्मश्री प्रो. सरोज चूड़ामणि गोपाल के पति डॉ. सिद्ध गोपाल (75) गुरुवार की दोपहर कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आने से गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उनके दोनों पैर कट गए।
इलाज के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद ही उनकी मौत हो गई। ट्रॉमा सेंटर के ओएसडी प्रो. एसके गुप्ता ने बताया कि हादसे के बाद कार्डियक अरेस्ट से डॉ. सिद्धगोपाल की मौत हुई। वह किस सिलसिले में कैंट स्टेशन गए थे, इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं हो पाई।
ख्यात चिकित्सक डॉ. सिद्धगोपाल दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। प्लेटफार्म नंबर नौ पर बेगमपुरा एक्सप्रेस लगाई जा रही थी। इसी दौरान डॉ. सिद्ध गोपाल उसकी चपेट में आ गए।
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दोनों पैर कटने से लहूलुहान डॉ. सिद्ध गोपाल को यात्रियों की सूचना पर मौके पर पहुंची आरपीएफ तत्काल सिंह मेडिकल ले गई। वहां से उन्हें ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
सूचना पर पत्नी प्रो. सरोज चूड़ामणि के अलावा बीएचयू और मारवाड़ी अस्पताल के तमाम चिकित्सक ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए। सूचना पाकर उनके इकलौते पुत्र शोभित भी नई दिल्ली से वाराणसी के लिए रवाना हो गए हैं।
हाल ही में यहां भाजपा के संपर्क फॉर समर्थन मुहिम के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रो. सरोज चूड़ामणि गोपाल और उनके पति डॉ. सिद्ध गोपाल से मिलने उनके घर गए थे। शव का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार शुक्रवार को होगा। डॉ. सिद्ध गोपाल ट्रेन की चपेट में कैसे आए, जीआरपी सीसीटीवी फुटेज के जरिए इसकी छानबीन में जुटी है।
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इलाज के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद ही उनकी मौत हो गई। ट्रॉमा सेंटर के ओएसडी प्रो. एसके गुप्ता ने बताया कि हादसे के बाद कार्डियक अरेस्ट से डॉ. सिद्धगोपाल की मौत हुई। वह किस सिलसिले में कैंट स्टेशन गए थे, इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं हो पाई।
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ख्यात चिकित्सक डॉ. सिद्धगोपाल दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। प्लेटफार्म नंबर नौ पर बेगमपुरा एक्सप्रेस लगाई जा रही थी। इसी दौरान डॉ. सिद्ध गोपाल उसकी चपेट में आ गए।
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दोनों पैर कटने से लहूलुहान डॉ. सिद्ध गोपाल को यात्रियों की सूचना पर मौके पर पहुंची आरपीएफ तत्काल सिंह मेडिकल ले गई। वहां से उन्हें ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
सूचना पर पत्नी प्रो. सरोज चूड़ामणि के अलावा बीएचयू और मारवाड़ी अस्पताल के तमाम चिकित्सक ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए। सूचना पाकर उनके इकलौते पुत्र शोभित भी नई दिल्ली से वाराणसी के लिए रवाना हो गए हैं।
हाल ही में यहां भाजपा के संपर्क फॉर समर्थन मुहिम के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रो. सरोज चूड़ामणि गोपाल और उनके पति डॉ. सिद्ध गोपाल से मिलने उनके घर गए थे। शव का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार शुक्रवार को होगा। डॉ. सिद्ध गोपाल ट्रेन की चपेट में कैसे आए, जीआरपी सीसीटीवी फुटेज के जरिए इसकी छानबीन में जुटी है।
जिंदादिल और सरल स्वभाव के थे डॉ. सिद्ध गोपाल
डॉ. सिद्ध गोपाल
- फोटो : अमर उजाला
पद्मश्री प्रो. सरोज चूणामणि गोपाल के पति डॉ. सिद्ध गोपाल जिंदादिल और बेहद सरल स्वभाव के थे। मरीजों का इलाज इतनी तन्मयता से करते थे कि मरीज उनका मुरीद हो जाता था। मरीजों को दवा के साथ-साथ जीने की आस भी देते थे। सरवाइकल के चलते उनको कभी-कभी चक्कर आता था। आशंका जताई जा रही है कि चक्कर आने के चलते ही वह पटरी पर गिरे।
उनके निधन की सूचना मिलते ही ट्रॉमा सेंटर से आवास तक शुभचिंतकों, परिचितों का तांता लग गया। हर कोई गमगीन था। लोगों ने बताया कि वह मरीजों को बहुत जरूरी होने पर ही महंगी दवाएं लिखते थे।
कई बार गरीब मरीजों की दवा का खर्च वह खुद उठा लेते थे। घटना के बाद उनकी पत्नी पद्मश्री प्रो. सरोज चूणामणि गोपाल का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्हें ढांढस बंधाने वालों की भी आंखें डबडबाई थीं। सांस्कृतिक आयोजन घाट संध्या की ओर से श्रद्धांजलि सभा की गई। दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
उनके निधन की सूचना मिलते ही ट्रॉमा सेंटर से आवास तक शुभचिंतकों, परिचितों का तांता लग गया। हर कोई गमगीन था। लोगों ने बताया कि वह मरीजों को बहुत जरूरी होने पर ही महंगी दवाएं लिखते थे।
कई बार गरीब मरीजों की दवा का खर्च वह खुद उठा लेते थे। घटना के बाद उनकी पत्नी पद्मश्री प्रो. सरोज चूणामणि गोपाल का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्हें ढांढस बंधाने वालों की भी आंखें डबडबाई थीं। सांस्कृतिक आयोजन घाट संध्या की ओर से श्रद्धांजलि सभा की गई। दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
घटना ने यात्री सुविधाओं पर खड़े किए सवाल
वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को डॉ. सिद्ध गोपाल के ट्रेन की चपेट में आने और उन्हें अस्पताल तक ले जाने के दौरान एक बार फिर चिकित्सकीय सुविधा, एंबुलेंस और स्ट्रेचर सेवा पर कई सवाल खड़े हुए।
ट्रैक की चपेट में आए डॉक्टर को न तो स्टेशन पर बुनियादी चिकित्सकीय सुविधा मिल सकी और न ही स्ट्रेचर या एंबुलेंस ही। डॉक्टर का पैर कटने के बाद हो रहे रक्तस्राव को रोकने के लिये आरपीएफ की महिला सिपाहियों ने खुद उनके पांव पर पट्टी की।
स्टेशन निदेशक आनंद मोहन सिंह ने तुरंत घायल को ऑटो से अस्पताल भिजवाया। आरपीएफ का एक सिपाही घायल डॉक्टर को गोद में उठाकर प्लेटफार्म से सेकेंड एंट्री के सर्कुलेटिंग एरिया में खड़े ऑटो तक ले आया और वहां से उन्हें सिंह मेडिकल ले जाया गया।
ट्रैक की चपेट में आए डॉक्टर को न तो स्टेशन पर बुनियादी चिकित्सकीय सुविधा मिल सकी और न ही स्ट्रेचर या एंबुलेंस ही। डॉक्टर का पैर कटने के बाद हो रहे रक्तस्राव को रोकने के लिये आरपीएफ की महिला सिपाहियों ने खुद उनके पांव पर पट्टी की।
स्टेशन निदेशक आनंद मोहन सिंह ने तुरंत घायल को ऑटो से अस्पताल भिजवाया। आरपीएफ का एक सिपाही घायल डॉक्टर को गोद में उठाकर प्लेटफार्म से सेकेंड एंट्री के सर्कुलेटिंग एरिया में खड़े ऑटो तक ले आया और वहां से उन्हें सिंह मेडिकल ले जाया गया।
दोपहर में पहुंचे थे कैंट स्टेशन
कैंट रेलवे स्टेशन
- फोटो : self
ख्यात चिकित्सक डॉ. सिद्धगोपाल दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। प्लेटफार्म नंबर नौ पर बेगमपुरा एक्सप्रेस लगाई जा रही थी। इसी दौरान डॉ. सिद्ध गोपाल उसकी चपेट में आ गए। डॉक्टर के ट्रेन के सामने आ जाने पर पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
चिकित्सक के पैर ट्रेन की चपेट में आ चुके थे।बायां पैर कटने और शरीर के विभिन्न हिस्सों में गहरी चोट आने से लहूलुहान डॉ. सिद्ध गोपाल को यात्रियाें की सूचना पर मौके पर पहुंची आरपीएफ तत्काल सिंह मेडिकल ले गई। वहां से उन्हें ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।
ट्रॉमा सेंटर में इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। सूचना पर पत्नी प्रो. सरोज चूड़ामणि के अलावा बीएचयू और मारवाड़ी अस्पताल के तमाम चिकित्सक ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए। सूचना पाकर उनके इकलौते पुत्र शोभित भी नई दिल्ली से वाराणसी के लिए रवाना हो गए हैं।
हाल ही में यहां भाजपा के संपर्क फॉर समर्थन मुहिम के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रो. सरोज चूड़ामणि गोपाल और उनके पति डॉ. सिद्ध गोपाल से मिलने उनके घर गए थे।
शव का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार शुक्रवार को होगा। डॉ. सिद्ध गोपाल ट्रेन की चपेट में कैसे आए, जीआरपी सीसीटीवी फुटेज के जरिए इसकी छानबीन में जुटी है।
चिकित्सक के पैर ट्रेन की चपेट में आ चुके थे।बायां पैर कटने और शरीर के विभिन्न हिस्सों में गहरी चोट आने से लहूलुहान डॉ. सिद्ध गोपाल को यात्रियाें की सूचना पर मौके पर पहुंची आरपीएफ तत्काल सिंह मेडिकल ले गई। वहां से उन्हें ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।
ट्रॉमा सेंटर में इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। सूचना पर पत्नी प्रो. सरोज चूड़ामणि के अलावा बीएचयू और मारवाड़ी अस्पताल के तमाम चिकित्सक ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए। सूचना पाकर उनके इकलौते पुत्र शोभित भी नई दिल्ली से वाराणसी के लिए रवाना हो गए हैं।
हाल ही में यहां भाजपा के संपर्क फॉर समर्थन मुहिम के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रो. सरोज चूड़ामणि गोपाल और उनके पति डॉ. सिद्ध गोपाल से मिलने उनके घर गए थे।
शव का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार शुक्रवार को होगा। डॉ. सिद्ध गोपाल ट्रेन की चपेट में कैसे आए, जीआरपी सीसीटीवी फुटेज के जरिए इसकी छानबीन में जुटी है।