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डकैतों के साथ मुठभेड़ में शहीद दरोगा मणिकर्णिका घाट पर पंचतत्व में विलीन

Sat, 26 Aug 2017 12:14 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/जौनपुर
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/जौनपुर Updated Sat, 26 Aug 2017 12:14 AM IST
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Varanasi Last rites of martyr sub inspector JP Singh Manikarnika Ghat
शहीद दरोगा मणिकर्णिका घाट पर दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर - फोटो : अमर उजाला

चित्रकुट के मानिकपुर क्षेत्र में डकैतों के साथ मुठभेड़ में गुरुवार की भोर में शहीद हुए सब इंस्पेक्टर जयप्रकाश सिंह का अंतिम संस्कार शुक्रवार को राजकीय सम्मान के साथ मणिकर्णिका घाट पर हुआ।

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गार्ड ऑफ ऑनर के बाद बड़े बेटे शुभम सिंह ने मुखाग्नि दी तो मौजूद लोगों की आंखें डबडबा गईं। शहीद के परिवार को सरकार 50 लाख की आर्थिक सहायता देगी। इसमें पत्नी को 40 लाख एवं पिता को दस लाख रुपये दिए जाएंगे।
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परिवार के एक सदस्य को नौकरी एवं पत्नी को असाधारण पेंशन दिया जाएगा।  

 जौनपुर जिले के नेवढ़िया थाना के बनेवरा गांव निवासी श्याम बिहारी सिंह के पुत्र शहीद जयप्रकाश सिंह का शव दोपहर दो बजे के लगभग मणिकर्णिका घाट पहुंचा।
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घाट पर एसपी सुरक्षा शैलेंद्र राय, सीओ दशाश्वमेध स्नेहा तिवारी, चौक इंस्पेक्टर सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने शहीद दरोगा के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की।

इस दौरान उनका छोटा बेटा शिवम सिंह और पिता श्याम बिहारी सिंह सहित परिवार के अन्य लोगों की आंखों से आंसुओं की धार रुकने का नाम नहीं ले रही थी। वहीं, मौजूद पुलिसकर्मी सभी को ढांढस बंधाने में जुटे रहे। 

जौनपुर में पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन को उमड़ी भीड़

Varanasi Last rites of martyr sub inspector JP Singh Manikarnika Ghat
बड़े बेटे शुभम सिंह ने मुखाग्नि दी तो मौजूद लोगों की आंखें डबडबा गईं। - फोटो : अमर उजाला
इससे पूर्व जौनपुर के बनेवरा गांव में गुरुवार की देर रात शहीद जयप्रकाश सिंह का पार्थिव शरीर पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए भीड़ जुट गई। सीएम के निर्देश पर ग्राम्य विकास राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार महेंद्र सिंह और एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार भी पहुंच गए थे।

इन लोगों ने शहीद के परिवार वालों को ढांढस बंधाया। मंत्री ने शहीद के पिता श्याम बिहारी सिंह से मुख्यमंत्री की मोबाइल से बात कराई। एडीजी ने डीजीपी सुलखान सिंह से भी बात कराई।

 एडीजी ने बताया कि हमारे दो लाख 50 हजार पुलिस कर्मियों ने स्वेच्छा से शहीद की पत्नी को एक दिन का वेतन देने का निर्णय लिया है। राज्यमंत्री ने कहा कि परिवार के एक सदस्य को नौकरी व शहीद के पत्नी को असाधारण पेंशन दी जाएगी।

उधर, मिर्जापुर के एसपी समेत जनपद के सौ पुलिस कर्मियों ने शहीद के परिवार को एक दिन का वेतन देने का निर्णय लिया है।
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