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वाराणसीः जेएचवी मॉल हत्याकांड था फेसबुक की तकरार का परिणाम, मुख्य आरोपी ने सुनाई पूरी कहानी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 09 Nov 2018 12:21 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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वाराणसी के जेएचवी मॉल में अंधाधुंध फायरिंग कर दो लोगों की हत्या करने के मुख्य आरोपी अभी 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में है। चंदौली जिले के बलुआ थाना के फुलवरिया निवासी 50 हजार के इनामी आलोक उपाध्याय को मंगलवार को पुलिस ने सीजेएम जेपी यादव की अदालत में पेश किया गया था।
गिरफ्तार आलोक के अनुसार शोरूम के कर्मचारी और काशी विद्यापीठ के छात्र प्रशांत अग्रहरि से उसका विवाद छात्रसंघ चुनाव के दौरान फेसबुक पर टिप्पणी करने से शुरू हुआ था। इसके बाद विवाद शोरूम में जूता खरीदने के दौरान डिस्काउंट को लेकर भी हुआ। रोहित को भी धमकी दी जाती थी कि उसे नौकरी से निकलवा दिया जाएगा।
आलोक ने कहा कि 31 अक्तूबर को 10-12 लोग यदि उसे मॉल में मारपीट कर पिस्टल न छीनते तो उसके दोस्त ऋषभ और कुंदन फायरिंग नहीं करते। बताया कि पुलिस गलत बता रही है वो आगे नहीं पीछे के गेट से ही मॉल में पिस्टल लेकर घुसा था और उसी रास्ते से बाहर आया।
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वहीं, वारदात में वांछित 50 हजार के इनामी शूटर ऋषभ सिंह और कुंदन सिंह पर घोषित पुरस्कार की राशि बढ़ाई जाएगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों फिलहाल कोलकाता में छुपे हुए हैं। 31 अक्तूबर को जेएचवी मॉल में फायरिंग कर गोपी कन्नौजिया और सुनील कुमार गौड़ की हत्या करने के साथ ही चंदन शर्मा और विशाल सिंह को घायल कर दिया गया था।
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गिरफ्तार आलोक के अनुसार शोरूम के कर्मचारी और काशी विद्यापीठ के छात्र प्रशांत अग्रहरि से उसका विवाद छात्रसंघ चुनाव के दौरान फेसबुक पर टिप्पणी करने से शुरू हुआ था। इसके बाद विवाद शोरूम में जूता खरीदने के दौरान डिस्काउंट को लेकर भी हुआ। रोहित को भी धमकी दी जाती थी कि उसे नौकरी से निकलवा दिया जाएगा।
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आलोक ने कहा कि 31 अक्तूबर को 10-12 लोग यदि उसे मॉल में मारपीट कर पिस्टल न छीनते तो उसके दोस्त ऋषभ और कुंदन फायरिंग नहीं करते। बताया कि पुलिस गलत बता रही है वो आगे नहीं पीछे के गेट से ही मॉल में पिस्टल लेकर घुसा था और उसी रास्ते से बाहर आया।
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वहीं, वारदात में वांछित 50 हजार के इनामी शूटर ऋषभ सिंह और कुंदन सिंह पर घोषित पुरस्कार की राशि बढ़ाई जाएगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों फिलहाल कोलकाता में छुपे हुए हैं। 31 अक्तूबर को जेएचवी मॉल में फायरिंग कर गोपी कन्नौजिया और सुनील कुमार गौड़ की हत्या करने के साथ ही चंदन शर्मा और विशाल सिंह को घायल कर दिया गया था।
अफसोस है... समझ नहीं पाए थे ऐसा कुछ हो जाएगा...!
पुलिस अभिरक्षा में आलोक बेहद शांतचित्त नजर आया। पत्रकारों से उसने कहा कि खुद के किए पर अफसोस है... समझ नहीं पाए थे कि ऐसा कुछ हो जाएगा... आवेश बहुत बुरी चीज है। मेरे दोस्तों ने मुझे मार खाते देखा तो फायरिंग कर दी। काशी विद्यापीठ से आईआरपीएम फर्स्ट सेमेस्टर का छात्र हूं। कैरियर... जीवन... सब कुछ बरबाद हो गया। देखते हैं, आगे अब क्या होगा और जिंदगी किस मुकाम पर ले जाती है।
प्रेमिका की भूमिका की जांच जारी, सामने आए तथ्यों पर होगी कार्रवाई
सीसी कैमरे की फुटेज से चिह्नित आलोक के रूम पार्टनर और मॉल में काम करने वाले भभुआ निवासी रोहित सिंह को क्राइम ब्रांच ने दो नवंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सोमवार को आलोक को कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच से फरक्का एक्सप्रेस ट्रेन से गिरफ्तार किया गया।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि आलोक की प्रेमिका की छोटी बहन को मॉल के शोरूम में काम करने वाला प्रशांत परेशान करता था। उसी को धमकाने के लिए दोस्तों के साथ पिस्टल लेकर आलोक मॉल गया था। मॉल मेें मारपीट पर आलोक के दोस्तों ने फायरिंग की और दो लोगों की जान चली गई। प्रकरण में आलोक की प्रेमिका की भूमिका की जांच की जा रही है। सामने आए तथ्यों के आधार पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि आलोक की प्रेमिका की छोटी बहन को मॉल के शोरूम में काम करने वाला प्रशांत परेशान करता था। उसी को धमकाने के लिए दोस्तों के साथ पिस्टल लेकर आलोक मॉल गया था। मॉल मेें मारपीट पर आलोक के दोस्तों ने फायरिंग की और दो लोगों की जान चली गई। प्रकरण में आलोक की प्रेमिका की भूमिका की जांच की जा रही है। सामने आए तथ्यों के आधार पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हंगामा करने के आरोप में आलोक के पिता पर केस
आलोक की गिरफ्तारी को लेकर सोमवार को उसके पिता अवधेश उपाध्याय ने कैंट थाने पर जमकर हंगामा किया था। इसके बाद मंगलवार की दोपहर भी अवधेश ने कैंट थाने पर हंगामा किया। जन सुनवाई अधिकारी कैंट जगदीश यादव की तहरीर पर कैंट थाने में अवधेश के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है।
कार्रवाई को प्रदेश में पहला स्थान, टीम को इनाम
इनामी आलोक की गिरफ्तारी को मंगलवार को प्रदेश की पुलिस की कार्रवाई में पहला स्थान मिला। इसके लिए यूपी पुलिस के ट्विटर हैंडल से एसएसपी और उनकी टीम को शाबासी दी गई। वहीं, गिरफ्तारी करने वालों में शामिल क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय, एसआई प्रदीप यादव, सुमंत सिंह, रामभवन यादव, चंद्रसेन सिंह, पुनदेव सिंह, कुलदीप सिंह, सुरेंद्र मौर्या, घनश्याम वर्मा और सुनील कुमार को एसएसपी ने नगद पुरस्कार दिया।