वाराणसी: दुष्कर्म के प्रयास में झरोखा बाबा को 10 साल की सजा, 50 हजार रुपये का जुर्माना भी; निर्वस्त्र मिला था
नाबालिग के साथ दुष्कर्म के प्रयास के मामले में झरोखा बाबा को पॉक्सो कोर्ट ने 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि का 70 प्रतिशत पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है। फैसले से संबंधित अन्य विवरण सामने नहीं आए हैं।
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शिवपुर में फलाहारी आश्रम के झरोखा बाबा उर्फ झल्ली यादव को नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश और विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट आलोक कुमार की अदालत ने शुक्रवार को दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की राशि जमा होने पर 70 प्रतिशत हिस्सा पीड़ित को दिया जाएगा। पैरवी विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो संदीप कुमार जायसवाल ने की।
अभियोजन के अनुसार, घटना आठ जुलाई 2018 की रात की है। फलाहारी आश्रम में यज्ञ के दौरान रासलीला देखने गया 10 वर्षीय बालक वापस लौटते समय अपनी परिचित बच्ची के साथ गली में खेलने लगा। आरोप था कि इसी दौरान झरोखा बाबा बालक को कमरे में बुलाकर ले गए और दरवाजा बंद कर उसके कपड़े उतार दिए। बालक के शोर मचाने पर पहुंचे परिजन ने कमरे में दोनों को निर्वस्त्र देखा। परिजनों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
शिवपुर थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। सुनवाई के दौरान अदालत ने पीड़ित के बयान, गवाहों की गवाही और स्कूल के अभिलेखों के आधार पर घटना के समय उसकी उम्र 10 साल से अधिक मानी। अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा के तहत 10 साल के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने के साथ आईपीसी की धारा 377/511 में भी 10 साल के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।