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स्वच्छता एप से जोड़ने में काशी अव्वल, मगर अब भी एक चुनौती
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 25 Dec 2016 08:56 PM IST
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पांच दिन में करीब 18 हजार लोगों को जोड़ना चुनौती
- फोटो : प्रतिकात्मक तस्वीर
नगर निगम की ओर से स्वच्छता एप से लोगों को जोड़ने में बनारस नगर निगम प्रदेश में पहले स्थान पर है। हालांकि अब भी करीब 18 हजार लोगों को इससे जोड़ा जाना बाकी है।
पांच दिन में 25 हजार तक का लक्ष्य पूरा करना निगम प्रशासन के लिए चुनौती है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से जनवरी में चार सौ शहरों में स्वच्छता सर्वे होना है।
जनवरी के प्रथम सप्ताह में शहर की सफाई व्यवस्था का हाल केंद्रीय टीम जानेगी। इसके लिए नगर निगम की ओर से विशेष सफाई अभियान के साथ ही 31 जनवरी तक 25 हजार लोगों को एप से भी जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
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तहसीलदार अविनाश कुमार का कहना है कि इस एप से लोगों को जोड़ने में अब तक बनारस प्रदेश में प्रथम है। अलीगढ़ दूसरे नंबर पर है।
सोमवार से विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों में अभियान के तौर पर विद्यार्थियों को जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र होने के कारण शहरी विकास मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन लगातार नए प्रयोग कर रहा है। इसी क्रम में यह नया प्रयास शुरू किया गया है।
स्वच्छता एप को इसी वर्ष 15 अगस्त को लांच किया गया था। नगर निगम प्रशासन ने आम लोगों की शिकायतों को दूर करने के लिए स्वच्छता ऐप लांच किया था। इस एप के माध्यम से लोगों को अपने क्षेत्र की समस्याओं की फोटो अपलोड करनी थी और नगर निगम प्रशासन उनका समाधान करना था। समाधान कराने के बाद वह शिकायतकर्ता इसकी फोटो भी भेजना था।
यह एप नगर निगम प्रशासन की भी परीक्षा लेगा। सीमित संसाधन और कर्मचारियों के साथ सफाई में सुधार के लिए प्रयास कर रहे निगम प्रशासन के सामने निर्धारित समय में काम करना चुनौती होगी। पूर्व में किए गए प्रयोग सफल नहीं हुए। अगर इस बार भी ऐसा हुआ तो नगर निगम प्रशासन सबके निशाने पर होगा।
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पांच दिन में 25 हजार तक का लक्ष्य पूरा करना निगम प्रशासन के लिए चुनौती है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से जनवरी में चार सौ शहरों में स्वच्छता सर्वे होना है।
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जनवरी के प्रथम सप्ताह में शहर की सफाई व्यवस्था का हाल केंद्रीय टीम जानेगी। इसके लिए नगर निगम की ओर से विशेष सफाई अभियान के साथ ही 31 जनवरी तक 25 हजार लोगों को एप से भी जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
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तहसीलदार अविनाश कुमार का कहना है कि इस एप से लोगों को जोड़ने में अब तक बनारस प्रदेश में प्रथम है। अलीगढ़ दूसरे नंबर पर है।
सोमवार से विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों में अभियान के तौर पर विद्यार्थियों को जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र होने के कारण शहरी विकास मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन लगातार नए प्रयोग कर रहा है। इसी क्रम में यह नया प्रयास शुरू किया गया है।
स्वच्छता एप को इसी वर्ष 15 अगस्त को लांच किया गया था। नगर निगम प्रशासन ने आम लोगों की शिकायतों को दूर करने के लिए स्वच्छता ऐप लांच किया था। इस एप के माध्यम से लोगों को अपने क्षेत्र की समस्याओं की फोटो अपलोड करनी थी और नगर निगम प्रशासन उनका समाधान करना था। समाधान कराने के बाद वह शिकायतकर्ता इसकी फोटो भी भेजना था।
यह एप नगर निगम प्रशासन की भी परीक्षा लेगा। सीमित संसाधन और कर्मचारियों के साथ सफाई में सुधार के लिए प्रयास कर रहे निगम प्रशासन के सामने निर्धारित समय में काम करना चुनौती होगी। पूर्व में किए गए प्रयोग सफल नहीं हुए। अगर इस बार भी ऐसा हुआ तो नगर निगम प्रशासन सबके निशाने पर होगा।