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वाराणसी फ्लाईओवर हादसाः शुरुआती जांच में सामने आई सबसे बड़ी वजह

Fri, 25 May 2018 11:11 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Fri, 25 May 2018 11:11 AM IST
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Varanasi flyover collapse starting enquiry tell reason of this accident
मामले की जांच के लिए लखनऊ, मुंबई और रुड़की से तीन टीमें एक साथ पहुंचीं घटना स्थल पर - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ, मुंबई, रुड़की से आईं जांच टीमों के विशेषज्ञों ने घटना स्थल पर हर पहलु का बारीकी से अध्ययन किया। 
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सुरक्षा और संरक्षा में हद दर्जे की लापरवाही चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे की वजह बनी। बिना जोड़े ही पिलर पर भारीभरकम बीम रखवा दिए गए थे। उन्हें क्रॉस बीम से लॉक तक नहीं किया गया था।

ऐसी स्थिति में बीम खिसकने का जोखिम होने के बावजूद ट्रैफिक रोकने या डायवर्जन तक की जरूरत नहीं समझी गई। जबकि, बीम को जोड़े जाने तक हर हाल में ट्रैफिक रोकी जानी चाहिए थी।
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मामले की जांच के लिए गुरुवार को लखनऊ, मुंबई और रुड़की से घटना स्थल पर पहुंची तीन टीमों के विशेषज्ञों की शुरुआती जांच में ये तथ्य सामने आए हैं। इन टीमों ने माना कि फ्लाईओवर निर्माण के दौरान सेफ्टी और सिक्योरिटी के प्वाइंट पर हद दर्जे की लापरवाही बरती गई। 
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लखनऊ, मुंबई, रुड़की से आईं जांच टीमों के विशेषज्ञों ने घटना स्थल पर हर पहलु का बारीकी से अध्ययन किया। विशेषज्ञों की जांच में सामने आया कि जिस समय बीम पिलर पर रखे गए थे, उन्हें तत्काल सीमेंट से जोड़ देना चाहिए था।

साथ ही, यह कार्य पूरा होने के कम से कम चौबीस घंटे बाद तक आवाजाही पूरी तरह रोकी जानी चाहिए थी। लेकिन, ऐसा नहीं किया गया। न तो बीम जोड़े गए और न ही ट्रैफिक डायवर्ट किया गया।

मुंबई की टीम अभी और करेगी जांच

Varanasi flyover collapse starting enquiry tell reason of this accident
डिप्टी सीएम की टीम 15 दिन में देगी रिपोर्ट, सेफ्टी और ट्रैफिक मैनेजमेंट टीम की रिपोर्ट पर ही शुरू होगा - फोटो : अमर उजाला

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर लखनऊ से आई जांच टीम छानबीन के बाद गुरुवार की शाम लौट गई। मुंबई की सेफ्टी और ट्रैफिक मैनेजमेंट की टीम शुक्रवार को भी जांच करेगी। रुड़की की सीवीआरआई ने कार्यस्थल के फोटो खींचे।

सभी टीमें अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगी। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने हादसे के बाद तीन सदस्यीय इंजीनियरों की टीम बनाई थी। ब्रिज कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर वाईके गुप्ता की अगुवाई में मुख्य अभियंता हिमांशु मित्तल, मुख्य अभियंता संजय गुप्ता यहां आए।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने सेतु निगम के अधिकारियों से पूछताछ की। टीम के सदस्यों ने बीम गिरने वाले पिलर पर चढ़कर देखा। निर्माणाधीन पिलरों सहित अन्य कार्यों को देखा। बताया कि वे 15 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देंगे।

मुंबई की सेफ्टी और ट्रैफिक मैनेजमेंट टीम में शामिल एसके श्रीमाल और सतीश वडे ने बताया कि उनकी टीम यहां सुबह से रात तक और रात से सुबह तक लाइट, ट्रैफिक प्रेशर को देखेगी। इसके बाद वह कुछ सुझाव सेतु निगम को देंगे। उनका अनुपालन सुनिश्चित कराते हुए सेतु निगम आगे का काम शुरू कराएगा। 
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