वाराणसी: राम-भरत मिलन पर हुई पुष्पवर्षा, आजादी से पहले से चली आ रही परंपरा
वाराणसी के सेवापुरी ब्लॉक स्थित छतेरी के दशमी पोखरा पर विजयादशमी के अवसर पर दो दिवसीय मेला लगा। राम-भरत मिलन के दौरान इलेक्ट्रिक उपकरणों से पुष्पवर्षा की गई। मेले में पारंपरिक बर्तनों और खानपान की दुकानों पर खरीदारी के लिए आसपास के गांवों से लोग पहुंचे।
विस्तार
सेवापुरी ब्लॉक के छतेरी स्थित दशमी के पोखरा पर विजयादशमी के अवसर पर दो दिवसीय मेले का आयोजन किया गया। बृहस्पतिवार को भगवान राम, लक्ष्मण, माता सीता, भरत और शत्रुघ्न के मिलन के दौरान इलेक्ट्रिक उपकरणों के माध्यम से पुष्पवर्षा की गई। इस दृश्य को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। मेले में मिट्टी और लकड़ी के बर्तनों के साथ जलेबी, रेवड़ी, तिलकुट और मुरब्बे की दुकानें सजीं। खरीदारी के लिए आसपास के दर्जनों गांवों से लोग पहुंचे।
राम-भरत मिलन पर हुई पुष्पवर्षा
विजयादशमी पर आयोजित कार्यक्रम में भगवान राम, लक्ष्मण, माता सीता, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूपों का मिलन हुआ। इस दौरान इलेक्ट्रिक उपकरणों की मदद से फूल बरसाए गए। पुष्पवर्षा के दृश्य में देवताओं को भी फूल बरसाते हुए दिखाया गया। कार्यक्रम देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे।
मेले में सजीं पारंपरिक दुकानों की कतारें
दशमी के पोखरा पर आयोजित मेले में पारंपरिक वस्तुओं और खानपान की दुकानें आकर्षण का केंद्र रहीं। मिट्टी और लकड़ी के बर्तनों के अलावा जलेबी, रेवड़ी, तिलकुट, मुरब्बा समेत कई तरह के खाद्य पदार्थों की दुकानें लगीं। आसपास के दर्जनों गांवों से पहुंचे लोगों ने मेले में खरीदारी की।
आजादी से पहले से चली आ रही परंपरा
रामलीला समिति के अध्यक्ष अनिल केसरी और उपाध्यक्ष सुभाष तिवारी ने बताया कि दशमी के पोखरा पर राम-भरत मिलन और मेले के आयोजन की परंपरा आजादी से पहले से चली आ रही है। गांव के पूर्वजों ने इसकी शुरुआत की थी। आज भी गांव के सम्मानित लोगों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।