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वाराणसी जिला अस्पताल: 96.81 लाख से बना MRI भवन, पांच साल से लटक रहा ताला; दीवारों में लग गई सीलन
Tue, 25 Jun 2024 03:50 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Tue, 25 Jun 2024 03:50 PM IST
सार
जिला अस्पताल में 96.81 लाख से एमआरआई भवन बना है, लेकिन पांच साल से यहां ताला लटक रहा है। इतना ही नहीं बाहरी दीवार पर सीलन लग गई है, प्लास्टर भी टूटकर गिर रहे हैं। ऐसे में यहां इलाज कराने आ रहे मरीजों को काफी परेशानी हो रही है।
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वाराणसी जिला अस्पताल में बना MRI भवन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी जिला अस्पताल में एमआरआई जांच के लिए परिसर में एमआरआई भवन तो बना है, लेकिन यहां जांच नहीं हो पा रही है। 96.81 लाख की लागत से बनने वाले इस भवन पर पांच साल से ताला लटक रहा है। बाहरी दीवार पर सीलन लग गई है, प्लास्टर भी टूटकर गिर रहे हैं। इससे मरीजों को महंगी फीस जमा कर बाहर जांच करानी पड़ रही है। जहां तीन से पांच हजार रुपये देने पड़ते हैं।
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सरकारी अस्पतालों में 96.81 लाख की लागत से 12 जून 2018 में एमआरआई भवन का निर्माण शुरू हुआ। शासन स्तर पर उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड लखनऊ को निर्माण की जिम्मेदारी दी गई। 12 मार्च 2019 को इसका निर्माण पूरा हो गया। अस्पताल परिसर में सीटी स्कैन सेंटर के पास एमआरआई भवन को इसलिए बनवाया गया ताकि मरीजों को जांच के लिए भटकना न पड़े। सूत्रों की माने तो एमआरआई जांच के लिए कुछ जरूरी उपकरण भी मंगाए गए, लेकिन भवन बनने के बाद से ही उस पर ताला लटक रहा है।
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बीएचयू में जांच के लिए लगता है नंबर
जिले में सरकारी अस्पतालों की बात करें तो बीएचयू को छोड़ किसी भी अस्पताल में एमआरआई की सुविधा नहीं है। बीएचयू अस्पताल में ओपीडी में आने वाले मरीजों को जिस दिन जांच डॉक्टर लिखेंगे उस दिन जांच नहीं हो पाएगी। मरीजों का दबाव अधिक होने का हवाला देते हुए 20 से 25 दिन बाद का नंबर मिलता है। ऐसे में बहुत से मरीजों के पास इंतजार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है। कुछ मरीज बाहर जांच करवाने चले जाते हैं।
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बिल्डिंग में नहीं आई मशीन, कैसे करेंगे जांच
जिला अस्पताल परिसर में एमआरआई भवन बनने के बाद भी जांच की मशीन नहीं आई। इस बारे में अस्पताल के सीएमएस भी सही जवाब नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में मरीजों को एमआरआई की सुविधा के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
क्या कहते हैं अधिकारी
भवन बनने के बाद आखिर जांच की सुविधा क्यों नहीं शुरू हो पाई, इस बारे में सीएमएस से बात कर समस्या का समाधान करवाया जाएगा। इससे मरीजों को लाभ होगा। -डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ
क्या कहते हैं अधिकारी
भवन बनने के बाद आखिर जांच की सुविधा क्यों नहीं शुरू हो पाई, इस बारे में सीएमएस से बात कर समस्या का समाधान करवाया जाएगा। इससे मरीजों को लाभ होगा। -डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ