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वाराणसी कमिश्नर बोले- बीएचयू कैंपस में बिछाएं सीसीटीवी कैमरों का जाल
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 25 Sep 2017 10:42 PM IST
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गर्ल्स हॉस्टल पर महिला सुरक्षाकर्मियों की होगी तैनाती
- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू परिसर के प्रमुख मार्गों, छात्रावासों और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर सुरक्षा निगरानी को पुख्ता बनाए जाने के साथ ही सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं। महिला छात्रावासों पर महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए।
कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण और जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने बीएचयू के कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी को पत्र भेजकर यह सुझाव दिया है। कानून व्यवस्था और छात्र-छात्राओं की समस्याओं के समाधान में हर स्तर पर सहयोग की बात कही है।
उन्होंने कहा है कि सीसीटीवी कैमरे लगवाने में यदि धन की कमी आएगी तो इसके लिए निर्भया फंड से धन मुहैया कराया जाएगा। कमिश्नर और डीएम ने सोमवार को भेजे पत्र में कहा है कि छात्र एवं छात्राओं की समस्याओं का समाधान पूरी तत्परता से कराया जाना जरूरी है।
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‘विशाखा’ प्रकरण के अलावा उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय की ओर से दी गई विधि व्यवस्था के अनुसार एक समिति बनाई जाए, जिसमें छात्राओं का भी समुचित प्रतिनिधित्व हो। यह समिति समयबद्ध रूप से कुलपति को अपनी आख्या दे और उसके अनुरूप विश्वविद्यालय प्रशासन कार्रवाई करे।
विश्वविद्यालय कैंपस के सभी निकास, प्रवेश द्वार, समस्त छात्रावासों और महिला छात्रावासों को विशेष रूप से सीसीटीवी नेटवर्क से जोड़ा जाए। प्रॉक्टोरियल बोर्ड एवं विश्वविद्यालय के संबंधित निकाय द्वारा टीम बनाकर परिसर में आकस्मिक चेकिंग की जाए।
चार एसीएम की लगाई गई ड्यूटी
एडीएम सिटी वीरेंद्र पांडेय ने चार एसीएम एवं डिप्टी कलेक्टर मॉल की बीएचयू परिसर में शिफ्टवार ड्यूटी लगाई है। सुबह दस से शाम चार, शाम चार से रात दस और रात दस से सुबह चार बजे तक अलग-अलग मजिस्ट्रेट यहां कैंपस करेंगे।
ये मजिस्ट्रेट अपने समकक्ष पुलिस अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे और उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट करेंगे।
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कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण और जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने बीएचयू के कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी को पत्र भेजकर यह सुझाव दिया है। कानून व्यवस्था और छात्र-छात्राओं की समस्याओं के समाधान में हर स्तर पर सहयोग की बात कही है।
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उन्होंने कहा है कि सीसीटीवी कैमरे लगवाने में यदि धन की कमी आएगी तो इसके लिए निर्भया फंड से धन मुहैया कराया जाएगा। कमिश्नर और डीएम ने सोमवार को भेजे पत्र में कहा है कि छात्र एवं छात्राओं की समस्याओं का समाधान पूरी तत्परता से कराया जाना जरूरी है।
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‘विशाखा’ प्रकरण के अलावा उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय की ओर से दी गई विधि व्यवस्था के अनुसार एक समिति बनाई जाए, जिसमें छात्राओं का भी समुचित प्रतिनिधित्व हो। यह समिति समयबद्ध रूप से कुलपति को अपनी आख्या दे और उसके अनुरूप विश्वविद्यालय प्रशासन कार्रवाई करे।
विश्वविद्यालय कैंपस के सभी निकास, प्रवेश द्वार, समस्त छात्रावासों और महिला छात्रावासों को विशेष रूप से सीसीटीवी नेटवर्क से जोड़ा जाए। प्रॉक्टोरियल बोर्ड एवं विश्वविद्यालय के संबंधित निकाय द्वारा टीम बनाकर परिसर में आकस्मिक चेकिंग की जाए।
चार एसीएम की लगाई गई ड्यूटी
एडीएम सिटी वीरेंद्र पांडेय ने चार एसीएम एवं डिप्टी कलेक्टर मॉल की बीएचयू परिसर में शिफ्टवार ड्यूटी लगाई है। सुबह दस से शाम चार, शाम चार से रात दस और रात दस से सुबह चार बजे तक अलग-अलग मजिस्ट्रेट यहां कैंपस करेंगे।
ये मजिस्ट्रेट अपने समकक्ष पुलिस अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे और उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट करेंगे।
बीएचयू बवाल के मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश
डीएम ने एडीएम प्रशासन को जांच अधिकारी बनाया
- फोटो : अमर उजाला
डीएम योगेश्वर राम मिश्रा ने बीएचयू में 23 सितंबर की रात छात्र-छात्राओं और पत्रकारों पर हुए लाठीचार्ज की घटना के मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने एडीएम प्रशासन मुनींद्रनाथ उपाध्याय को जांच अधिकारी बनाते हुए 15 दिन में रिपोर्ट मांगी है।
जांच के दौरान पुलिस, प्रशासन, बीएचयू प्रशासन एवं घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान लिए जाएंगे। एडीएम प्रशासन मंगलवार से जांच शुरू करेंगे। जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होगी।
बीएचयू में हुए बवाल के मामले में कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने एडीएम सिटी, एडीएम प्रशासन और चारों एसीएम से रिपोर्ट मांगी है। सभी से जल्द रिपोर्ट देने को कहा है। पुलिस अधिकारियों से भी रिपोर्ट मांगी गई है। इन अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ही कमिश्नर शासन को जांच रिपोर्ट भेजेंगे।
जांच के दौरान पुलिस, प्रशासन, बीएचयू प्रशासन एवं घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान लिए जाएंगे। एडीएम प्रशासन मंगलवार से जांच शुरू करेंगे। जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होगी।
बीएचयू में हुए बवाल के मामले में कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने एडीएम सिटी, एडीएम प्रशासन और चारों एसीएम से रिपोर्ट मांगी है। सभी से जल्द रिपोर्ट देने को कहा है। पुलिस अधिकारियों से भी रिपोर्ट मांगी गई है। इन अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ही कमिश्नर शासन को जांच रिपोर्ट भेजेंगे।
जिसे लेकर हुआ बवाल उस मामले में कोई कार्रवाई नहीं
नहीं पकड़े जा सके छात्रा से छेड़खानी करने वाले
- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू परिसर में बीएफए की छात्रा के साथ हुई छेड़खानी के बाद छात्राओं का गुस्सा भड़का और हालात असामान्य हुए। पुलिस की बेपरवाही का आलम ये है कि सोमवार देर रात तक छेड़खानी करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करना तो दूर उनकी तस्दीक भी नहीं की जा सकी।
छात्रा के साथ 21 सितंबर की शाम भारत कला भवन के पास बाइक सवार दो युवकों ने छेड़खानी की थी। छात्रा ने यह आरोप लगाते हुए लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि चंद कदम की दूरी पर मौजूद प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मी उसके शोर मचाने पर भी मुस्कुराते रहे और आरोपियों को पकड़ने की कोशिश तक नहीं की।
इस संवेदनशील मामले में भी लंका पुलिस के हाथ लगातार चौथे दिन खाली रहे। लंका थानाध्यक्ष का कहना है कि बीएचयू परिसर से पूर्व में इसी तरह के मामलों में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। आसपास के गांवों के संदिग्धों को भी चिह्नित कर पूछताछ की जाएगी।
छात्रा के साथ 21 सितंबर की शाम भारत कला भवन के पास बाइक सवार दो युवकों ने छेड़खानी की थी। छात्रा ने यह आरोप लगाते हुए लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि चंद कदम की दूरी पर मौजूद प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मी उसके शोर मचाने पर भी मुस्कुराते रहे और आरोपियों को पकड़ने की कोशिश तक नहीं की।
इस संवेदनशील मामले में भी लंका पुलिस के हाथ लगातार चौथे दिन खाली रहे। लंका थानाध्यक्ष का कहना है कि बीएचयू परिसर से पूर्व में इसी तरह के मामलों में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। आसपास के गांवों के संदिग्धों को भी चिह्नित कर पूछताछ की जाएगी।