कारगिल विजय दिवस: अमर उजाला फाउंडेशन की पहल पर बीएचयू में रक्तदान कर महादान का हिस्सा बन रहे लोग
कोरोना काल में भी जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए रक्तदान करने वालों का उत्साह देखते ही बन रहा है। कारगिल विजय दिवस पर हर साल की तरह इस साल भी अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल के डॉक्टर लाउंज में आयोजित रक्तदान शिविर में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कोई पहली तो कोई तीसरी बार रक्तदान करने पूरे उत्साह के साथ पहुंचा। इस दौरान जरूरतमंदों के लिए रक्तदान कर उनकी जान बचाने का संकल्प भी लिया। सुबह 9 बजे से शुरू कैंप में रामनगर, भेलूपुर, रथयात्रा, जंसा सहित जिले के अन्य जगहों से आए हुए लोगों ने कारगिल को विजय दिलाने वाले जांबाज सैनिकों को याद में रक्तदान किया।
दोपहर साढ़े 12 बजे तक कुल 19 रक्त दाताओं ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए रक्तदान किया। इस मौके पर सर सुंदरलाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस के माथुर, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. बाला लखेंद्र,बीएचयू ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ संदीप कुमार, सीएमओ इंचार्ज डॉ. एसके सिंह,ब्लड बैंक की टीम में आशुतोष सिंह, रजनी गुप्ता, बृजेश मौर्या, अंकुर, विजय,प्रमोद के साथ ही अन्य लोग भी मौजूद रहे।
आप जाकर इस महादान का हिस्सा बन सकते हैं। रक्तदान करने के दौरान ही शिविर में आपको प्लड ग्रुप की जानकारी मिल सकती है। आप जानते हैं कि रक्तदान एक ऐसा दान है, जिसका कोई विकल्प नहीं है और ऐसा करके आप दूसरों की जान बचाकर पुण्य के भागी बन सकते हैं। यह भी सही है कि रक्त को किसी से खरीदा नहीं जा सकता है और केवल लोगों के दान से ही जरूरतमंदों की मदद की जा सकती है। ऐसे में अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान करने के लिए आगे आने की जरूरत है।
अस्पतालों में भर्ती मरीजों में बहुत से ऐसे मरीज होते हैं, जिन्हें रक्त की जरूरत पड़ती है लेकिन उन्हें समय पर खून इसलिए नहीं मिल पाता है। क्योंकि उनके साथ कोई डोनर नहीं होता है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान से दिया गया खून ही इन जरूरतमंदों के इलाज में काम आता है।
यह भी जानना जरूरी है कि जरूरत के हिसाब से जितना ब्लड चाहिए उतना मिल नहीं पाता है। यही वजह है कि लोगों से रक्तदान की अपील की जाती है।
रक्तदान से पहले यह जानना है जरूरी -
- 18 से 65 साल का कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर सकता है।
- 90 दिन में एक बार रक्तदान कर सकते हैं।
- अगर शरीर में 12.5 ग्राम से अधिक हीमोग्लोबिन है तो डॉक्टरों की सलाह पर रक्तदान कर सकते हैं।
- रक्तदान करने से एक दिन पहले पूरी नींद बहुत जरूरी है।