{"_id":"597b9f4b4f1c1b79098b4605","slug":"varanasi-bjp-leader-fail-in-district-panchayat-by-poll-election","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बनारस में फेल हुए भाजपा के ‘बत्तीसमार’, अपराजित रहीं अपराजिता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बनारस में फेल हुए भाजपा के ‘बत्तीसमार’, अपराजित रहीं अपराजिता
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 29 Jul 2017 12:53 PM IST
विज्ञापन
अपराजिता सोनकर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बनारस में सपा की जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले भाजपा के ‘बत्तीसमार’ जिला पंचायत सदस्यों का प्रबंध करने में फेल हो गए। पार्टी के बडे़ नेता मानते हैं कि इसके लिए कोई तैयारी नहीं की गई थी।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस मुद्दे पर बिना पुख्ता तैयारी के आगे बढ़ने से मना किया था। कहा गया था कि जब सिंबल पर चुनाव नहीं होता तो सदस्यों पर भरोसा करना ठीक नहीं है।
अध्यक्ष पद पर भाजपा सदस्य को पदारूढ़ कराने के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, पिंडरा विधायक डॉ. अवधेश सिंह, सैयदराजा विधायक सुशील सिंह, उनके छोटे भाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुजीत सिंह ने 21 जून को डीएम योगेश्वर राम मिश्र से मुलाकात कर जिला पंचायत के सदन की बैठक बुलाने का आग्रह करने के साथ ही दावा किया था कि उनके पास 32 सदस्यों का समर्थन है। विश्वकर्मा गुरुवार तक दावा कर रहे थे कि शुक्रवार को मतदान के बाद सपा की जमीन खिसक जाएगी।
विज्ञापन
शुक्रवार को विश्वकर्मा के स्वर बदले हुए थे। कहा- अजगरा विधायक कैलाश सोनकर को छह सदस्य लाने की जिम्मेदारी दी गई थी। वह एक भी सदस्य तो लाए ही नहीं, मोबाइल स्विच ऑफ भी कर लिया।
उधर, सोनकर ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले दोनों विधायकों ने दावा किया था कि उनके पास 32 सदस्य हैं। सभी पदाधिकारियों और विधायकों को इसकी जानकारी देकर समय से लगाया गया होता तो ऐसी स्थिति नहीं होती। उन्होंने कहा, जिला पंचायत के छह सदस्य लाने के लिए उनसे किसी ने भी नहीं कहा था।
ये थे भाजपा के पैरोकार
जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, विधायक सुशील सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुजीत सिंह, प्रभात सिंह और अमित सोनकर।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस मुद्दे पर बिना पुख्ता तैयारी के आगे बढ़ने से मना किया था। कहा गया था कि जब सिंबल पर चुनाव नहीं होता तो सदस्यों पर भरोसा करना ठीक नहीं है।
विज्ञापन
अध्यक्ष पद पर भाजपा सदस्य को पदारूढ़ कराने के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, पिंडरा विधायक डॉ. अवधेश सिंह, सैयदराजा विधायक सुशील सिंह, उनके छोटे भाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुजीत सिंह ने 21 जून को डीएम योगेश्वर राम मिश्र से मुलाकात कर जिला पंचायत के सदन की बैठक बुलाने का आग्रह करने के साथ ही दावा किया था कि उनके पास 32 सदस्यों का समर्थन है। विश्वकर्मा गुरुवार तक दावा कर रहे थे कि शुक्रवार को मतदान के बाद सपा की जमीन खिसक जाएगी।
विज्ञापन
शुक्रवार को विश्वकर्मा के स्वर बदले हुए थे। कहा- अजगरा विधायक कैलाश सोनकर को छह सदस्य लाने की जिम्मेदारी दी गई थी। वह एक भी सदस्य तो लाए ही नहीं, मोबाइल स्विच ऑफ भी कर लिया।
उधर, सोनकर ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले दोनों विधायकों ने दावा किया था कि उनके पास 32 सदस्य हैं। सभी पदाधिकारियों और विधायकों को इसकी जानकारी देकर समय से लगाया गया होता तो ऐसी स्थिति नहीं होती। उन्होंने कहा, जिला पंचायत के छह सदस्य लाने के लिए उनसे किसी ने भी नहीं कहा था।
ये थे भाजपा के पैरोकार
जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, विधायक सुशील सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुजीत सिंह, प्रभात सिंह और अमित सोनकर।
भाजपा के रणनीतिकारों ने ये दी सफाई
BJP LOGO
भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि गठबंधन के विधायक कैलाश सोनकर के धोखे के कारण नौ जिला पंचायत सदस्य नौ इधर-उधर हो गए थे। इन सभी ने डीएम के सामने परेड कर कहा था कि बगैर किसी दबाव में उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव के शपथपत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। 24 ही सदस्य होने के कारण वे सदन में नहीं गए।
जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह ने कहा कि सर्किट हाउस में 23 सदस्य जुट गए थे। भासपा विधायक कैलाश सोनकर को और सदस्यों को लाना लेकिन उन्होंने बहका दिया। उनकी पार्टी के दो और अपना दल का एक सदस्य आया ही नहीं। ये आ जाते तो सभी लोग सदन में जाते। हम भाजपा संगठन के कहने पर अविश्वास प्रस्ताव लाए थे।
भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अमित सोनकर ने कहा कि पंचायत सभागार में पांच-छह लोगों को लाने की जिम्मेदारी अजगरा विधायक कैलाश सोनकर को दी गई थी। उन्होंने साथ नहीं दिया। अविश्वास प्रस्ताव गिरा है। मेरे जिला पंचायत अध्यक्ष बनने की संभावना से वह खुश नहीं थे। जानकारी होने पर मैंने कहा कि जिला पंचायत सदस्य पद से इस्तीफा दे दूंगा। -
जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह ने कहा कि सर्किट हाउस में 23 सदस्य जुट गए थे। भासपा विधायक कैलाश सोनकर को और सदस्यों को लाना लेकिन उन्होंने बहका दिया। उनकी पार्टी के दो और अपना दल का एक सदस्य आया ही नहीं। ये आ जाते तो सभी लोग सदन में जाते। हम भाजपा संगठन के कहने पर अविश्वास प्रस्ताव लाए थे।
भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अमित सोनकर ने कहा कि पंचायत सभागार में पांच-छह लोगों को लाने की जिम्मेदारी अजगरा विधायक कैलाश सोनकर को दी गई थी। उन्होंने साथ नहीं दिया। अविश्वास प्रस्ताव गिरा है। मेरे जिला पंचायत अध्यक्ष बनने की संभावना से वह खुश नहीं थे। जानकारी होने पर मैंने कहा कि जिला पंचायत सदस्य पद से इस्तीफा दे दूंगा। -