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बनारस: मकान में विस्फोट से 2 लोगों की मौत के बाद 10 माह की बच्ची ने भी तोड़ा दम, पिता अब भी फरार

Thu, 25 Oct 2018 10:23 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Updated Thu, 25 Oct 2018 10:23 PM IST
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varanasi bisfot in house ten month old baby killed  after two person
- फोटो : amar ujala

वाराणसी के लहरतारा निवासी रिंकू भारती उर्फ कुणाल सिंह के मकान में हुए धमाके में घायल उसकी बेटी विधि (10 माह) की उपचार के दौरान गुरुवार की सुबह बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में मौत हो गई। हादसे के बाद भाई के साथ भागे रिंकू को पुलिस अभी तक तलाश नहीं सकी है। मंडुवाडीह थाने में रिंकू के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और विस्फोटक अधिनियम सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस बीच एसएसपी ने माना है कि धमाके के बाद ध्वस्त हुए घर में पटाखों का अवैध भंडारण किया गया था। 

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बच्ची विधि की मौत के बाद लहरतारा धमाके में मरने वालों की संख्या तीन हो गई है। बुधवार को शकील (27) और मेवालाल गुप्ता (58) की मौत हो गई थी। गुरुवार को तीनों के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए। धमाके में घायल रिंकू की भांजी चिंकी बीएचयू के ट्रामा सेंटर में भर्ती है।
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वहीं, मंडलीय अस्पताल से ट्रॉमा सेंटर में शिफ्ट किए गए रिंकू के दूसरे किरायेदार आरिफ उर्फ अब्दुल्ला (26) की हालत चिंताजनक बताई गई है। मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि रिंकू वर्षों से पुलिस की मिलीभगत से अवैध तरीके से पटाखे बेचता था। ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में इस वर्ष खुद भी पटाखे तैयार कराने की फिराक में था। पटाखों में आग लगने से ही धमाका हुआ और बच्ची सहित तीन लोगों की जान गई।

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कैसा पिता है जो दुधमुंही बच्ची की मौत पर भी नहीं आया

लहरतारा में धमाके से तीन मौतों को लेकर मोहल्ले के लोग खासे दुखी हैं। मोहल्ले के लोगों ने जब यह जाना कि रिंकू की 10 माह की बेटी विधि की मौत हो गई है और इसके बावजूद वो कहीं छिपा हुआ है तो सभी ने खासी नाराजगी जाहिर की। कहना था कि आखिर कैसा पिता है जो दुधमुंही बच्ची की मौत के बाद भी सामने नहीं आ रहा है।

वहीं, रिंकू की मां तारा देेवी और बहन सुनीता कहां ठहरी हुई हैं इसकी जानकारी मुहल्ले के लोगों को भी नहीं है। बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस पर विधि का शव तारा देवी को सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद वो कहां गई यह पता नहीं लगा। इससे पहले मोहल्ले के लोगों ने बताया कि तारा देवी सुबह के समय आई थी और सभी को कोस रही थी।

लोगों ने उससे पूछा कि धमाका कैसे हुआ तो उसने कहा कि बेटा जब आएगा तो वही बताएगा। इसके बाद वो वापस लौट गई। उधर, बच्ची की मौत के बाद बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में रिंकू की पत्नी शालू का रो-रोकर बुरा हाल था।

आए थे पटाखे बनाने और बताया गलत नाम-पता

धमाके में झुलसे रिंकू के किरायेदार आरिफ ने खुद का और जान गंवाने वाले का नाम-पता पुलिस को गलत बताया था। दोनों मुगलसराय और प्रयागराज के नहीं बल्कि बेनियाबाग के रहने वाले हैं। पुलिस की तफ्तीश में यह बात सामने आई कि आरिफ का सही नाम आरिफ उर्फ अब्दुल्ला और सलीम का सही नाम शकील है। आरिफ और शकील दोनों रिश्तेदार हैं। शकील के मां-बाप की मौत हो चुकी है।

शकील भी बेनियाबाग में ही रहता था। आरिफ ने पुलिस की कार्रवाई के डर से अपना और शकील का नाम-पता सही नहीं बताया था। आरिफ के अनुसार शकील छोटे गैस सिलिंडर को जला कर खाना बनाने की तैयारी में था।

इसी दौरान सिलेंडर भभका या गैस लीक हुई, यह नहीं समझ में आया लेकिन इसी से आग लगी और अवैध तरीके से रखे पटाखों तक पहुंच गई। इसकी वजह से जबरदस्त धमाका हुआ। हालांकि पुलिस का कहना है कि रिंकू जब गिरफ्तार होगा तभी धमाके के पीछे की असली कहानी समझ में आएगी।

नगर निगम प्रशासन सवालों के घेरे में

लहरतारा निवासी रिंकू भारती के छोटे से मकान के प्रथम तल की छत पर लगभग सात टन वजनी लोहे के एंगल के सहारे विज्ञापन होर्डिगिं लगा था। धमाका हुआ तो एंगल को थामने वाले ईंट और सीमेंट के ढांचे उखड़ गए। इससे होर्डिंग उखड़ गया और उसके गिरने से प्रथम तल का हिस्सा भरभरा कर गिर गया। छोटे से कमजोर मकान की छत पर विशालकाय होर्डिंग कैसे लगा था, यह नगर निगम प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल है।

रिंकू के मकान का प्रथम तल ढहने के कारणों का विश्लेषण फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम के साथ एनडीआरएफ और पुलिस की अलग-अलग टीमों ने किया। सभी ने यह माना कि रिंकू के घर में पटाखों का अवैध तरीके से भंडारण किया गया था, लेकिन प्रथम तल उससे नहीं ढहा।

छत व मकान की मजबूती परखे बिना बगैर ठोस कार्ययोजना के लगाया गया विज्ञापन होर्डिंग प्रथम तल के ढहने का प्रमुख कारण है। इस संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि छोटे से मकान पर भारी-भरकम लोहे के होर्डिंग का अनियोजित तरीके से खड़ा किया जाना और उसका गिरना ही अब तक की तफ्तीश में प्रथम तल के ढहने की अहम वजह के तौर पर सामने आया है। तफ्तीश जारी है, जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगेे पुलिस उन्हें अपनी विवेचना में शामिल करेगी।

धमाके की भयावहता की होती रही चर्चा

रिंकू के मकान में धमाके के दूसरे दिन भी घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुटी रही। इसके साथ ही लहरतारा, बौलिया और महेशपुर आदि इलाकों की चाय-पान की दुकानों पर लोग धमाके की भयावहता की चर्चा करते दिखे। लोगों का कहना था कि चंद रुपयों का लालच आखिरकार कितने लोगों की जान पर भारी पड़ा। 

रिंकू के मकान में धमाका हुआ तो मलबे के कुछ टुकड़े 20 मीटर दूर तक उड़ कर गए थे। मसाला विक्रेता शंकर ने बताया कि मलबे का एक टुकड़ा उनकी गुमटी तक आया और अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इस तरह आसपास के अन्य मकानों की छतों पर भी रिंकू के मकान का मलबा गिरा था।
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