वाराणसी: किशोर को जिंदा जलाने का आरोप, तीन पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश; जांच में ये बात आई थी सामने
वाराणसी में किशोर को जिंदा जलाने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया है। मामले की शुरुआती जांच में आत्मदाह की बात सामने आई थी। हालांकि, किशोर को जलाने के आरोप को लेकर अब तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। मामले में आगे की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
विस्तार
अमन उर्फ प्रियांशु को लाठी-डंडे से पीटने और पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने के आरोप में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने जंसा थानाध्यक्ष को प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। किशोर की इलाज के दौरान पांच जून 2026 को मौत हो गई थी। मामले में पिता रामनिवास राजभर ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी।
चोलापुर थाना क्षेत्र के राजापुर निवासी रामनिवास राजभर के अनुसार, उनका करीब 17 वर्षीय बेटा अमन उर्फ प्रियांशु अपनी चचेरी बहन की ससुराल हरसोस गांव आता-जाता था। इसी दौरान उसकी गांव निवासी एक लड़की से जान-पहचान और प्रेम प्रसंग हो गया। आरोप है कि 29 मई 2026 को लड़की के बुलाने पर अमन हरसोस पहुंचा, जहां आरोपियों कथित तौर पर उसे सागौन के डंडे से पीटा और पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। परिजनों ने अमन को कबीरचौरा अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई।
जांच में आत्मदाह की बात आई थी सामने
थाने की आख्या में बताया गया कि पुलिस को 29 मई की रात सूचना मिली थी कि हरसोस में एक युवक ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली है। पुलिस के अनुसार, घायल और उसके पिता के वीडियो बयान में भी युवक के स्वयं आग लगाने की बात सामने आई थी। कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने मृतक का मृत्यु-कालिक कथन भी दर्ज किया था। पुलिस ने अपनी जांच में पिता की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं होने की बात कही थी। थाना प्रभारी सत्यजीत सिंह ने बताया कि मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।