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Varanasi Airport: वाराणसी एयरपोर्ट भी दे सकेगा ‘फिट टू फ्लाई’ सर्टिफिकेट, विस्तारीकरण के बाद होगा ये काम

Sun, 02 Nov 2025 02:42 PM IST
अमन विश्वकर्मा राहुल मिश्रा, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
राहुल मिश्रा, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sun, 02 Nov 2025 02:42 PM IST
सार

एयरपोर्ट के अधिकारियों के मुताबिक नए टर्मिनल भवन में डबल-इंसुलेटेड रूफिंग सिस्टम लगाया जाएगा। यह एक ऐसी छत प्रणाली है जिसमें दो धातु की चादरों के बीच इन्सुलेशन की एक परत होती है। 

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Varanasi Airport will able to provide fit to fly certificate work will be done after expansion
बाबतपुर एयरपोर्ट वाराणसी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी एयरपोर्ट दिसंबर 2026 से पूरी क्षमता के साथ संचालन के लिए तैयार हो जाएगा। विस्तारीकरण के बाद फिट टू फ्लाई का प्रमाणपत्र देने वाले एयरपोर्ट में वाराणसी का नाम भी शामिल हो जाएगा। 

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इसके अलावा हैंगर का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा विस्तारीकरण के तहत एयरपोर्ट की बाउंड्रीवाल को चाराें ओर से 30-30 मीटर चौड़ा किया जाएगा। एयरपोर्ट विस्तारीकरण में 2870 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत एयरपोर्ट में हैंगर जैसी अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी। इससे लोगों को एयरपोर्ट पर ही फिट टू फ्लाई का सर्टिफिकेट दिया जा सकेगा। 
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वहीं, हैंगर विमानन जगत में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह एक बड़ी छत वाली इमारत होती है, जहां विमानों की जांच, मरम्मत और रखरखाव किया जाता है। अगर विमान में कोई तकनीकी खराबी जैसे सेंसर फेल, फ्यूल लीक, ब्रेक, इंजन या सिस्टम फॉल्ट होती है, तो उसे उड़ान से हटाकर हैंगर में खड़ा किया जाता है।

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चल रही है तैयारी

टेक्नीशियन और इंजीनियर विशेष उपकरणों की मदद से खराब हिस्सों की जांच करते हैं। इसमें सेंसर और कंप्यूटर लॉग्स की जांच, इंजन, ब्रेक और हाइड्रॉलिक सिस्टम की टेस्टिंग शामिल होती है। खराब हिस्से की मरम्मत या आवश्यकतानुसार पार्ट्स बदलने के बाद विमान की ग्राउंड टेस्टिंग और सिस्टम टेस्टिंग की जाती है। हर मरम्मत का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाता है, जिससे सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो। विस्तार कार्यों के तहत सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट के बाउंड्री के चारों तरफ 30 फीट का विस्तार किया जा रहा है।

विस्तारीकरण के तहत एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन बनने के बाद सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाया जाएगा। इसके साथ ही वर्षा जल संचयन की भी सुविधा होगी। एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक आने वाले समय में यात्रियों की बढ़ती क्षमता को देखते हुए यह सभी काम किए जाएंगे जिसे कोई समस्या न हो।

ये है फिट टू फ्लाइ
यह एक चिकित्सा मंजूरी है जो यह प्रमाणित करती है कि आप बिना किसी जोखिम के हवाई यात्रा कर सकते हैं, और यह अक्सर उन यात्रियों के लिए आवश्यक होता है जो हाल ही में अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं, सर्जरी से उबर रहे हैं, या गर्भवती हैं। इस प्रमाणपत्र की आवश्यकता होने पर आप डॉक्टर से मिल सकते हैं, और वे यह सुनिश्चित करते हैं कि आपकी स्वास्थ्य स्थिति के कारण केबिन के दबाव या ऑक्सीजन के स्तर में बदलाव से कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न नहीं होगी। 

एयरपोर्ट विस्तारीकरण के तहत यह सभी काम किए जाएंगे। इसके लिए पहले से ही मानचित्र में सभी विकास कार्यों को शामिल किया गया है। विस्तारीकरण के बाद हैंगर की सुविधा भी एयरपोर्ट पर उपलब्ध होगी। - पुनीत गुप्ता, एयरपोर्ट निदेशक

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