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वाराणसी नगर निगम सदन में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान अनिवार्य
ब्यूरो,अमर उजाला,वारा
Updated Sun, 02 Apr 2017 10:33 PM IST
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महापौर ने नगर आयुक्त को जारी किया निर्देश
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी नगर निगम सदन की बैठक में राष्ट्रगीत ‘वंदेमातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ अनिवार्य कर दिया गया है। शनिवार को सदन में वंदेमातरम गाए जाने पर भाजपा और विपक्षी पार्षद आमने-सामने आ गए थे।
हंगामे से आधे घंटे तक बैठक की कार्यवाही बाधित हुई थी। रविवार को महापौर रामगोपाल मोहले ने राष्ट्रगान के साथ ही वंदेमातरम के गायन को अनिवार्य करने का आदेश जारी कर दिया।
नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही को जारी आदेश में महापौर ने कहा है कि नगर निगम सदन की प्रत्येक बैठक की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदेमातरम’ और समापन राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से होगी। महापौर ने कहा है कि वंदेमातरम राष्ट्रीय भावना और जन आस्था का प्रतीक है।
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इसका अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महापौर का दावा है कि सदन में पहले भी वंदे मातरम के गायन की परंपरा रही है। शनिवार को कुछ विपक्षी पार्षदों ने विरोध कर इसका अपमान किया है। अभद्र टिप्पणी करने और नारेबाजी करने वाले इन पार्षदों को चिह्नित किया जा रहा है।
विधिक सलाह लेकर उन पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि शनिवार की दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद भाजपा पार्षद की तरफ से वंदेमातरम के गायन का प्रस्ताव लाया गया था। इसे नई परंपरा की शुरुआत बताते हुए सपा, कांग्रेस और बसपा के पार्षदों ने कड़ी नाराजगी जताई थी।
उनका कहना था कि वे भी इस गीत का सम्मान करते हैं लेकिन इसे जबरिया थोपा नहीं जा सकता।
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हंगामे से आधे घंटे तक बैठक की कार्यवाही बाधित हुई थी। रविवार को महापौर रामगोपाल मोहले ने राष्ट्रगान के साथ ही वंदेमातरम के गायन को अनिवार्य करने का आदेश जारी कर दिया।
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नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही को जारी आदेश में महापौर ने कहा है कि नगर निगम सदन की प्रत्येक बैठक की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदेमातरम’ और समापन राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से होगी। महापौर ने कहा है कि वंदेमातरम राष्ट्रीय भावना और जन आस्था का प्रतीक है।
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इसका अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महापौर का दावा है कि सदन में पहले भी वंदे मातरम के गायन की परंपरा रही है। शनिवार को कुछ विपक्षी पार्षदों ने विरोध कर इसका अपमान किया है। अभद्र टिप्पणी करने और नारेबाजी करने वाले इन पार्षदों को चिह्नित किया जा रहा है।
विधिक सलाह लेकर उन पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि शनिवार की दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद भाजपा पार्षद की तरफ से वंदेमातरम के गायन का प्रस्ताव लाया गया था। इसे नई परंपरा की शुरुआत बताते हुए सपा, कांग्रेस और बसपा के पार्षदों ने कड़ी नाराजगी जताई थी।
उनका कहना था कि वे भी इस गीत का सम्मान करते हैं लेकिन इसे जबरिया थोपा नहीं जा सकता।