बिस्मिल्लाह खां: सुरों की जगह रंगों से सराबोर करेगी उस्ताद के मोहल्ले की शहनाई, पिचकारी से सजीं गलियां
भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान बनारस के हड़हासराय की तंग गलियों में रहते थे। यहीं उनका मकान था। एक जमाना था जब इन गलियों में उस्ताद की शहनाई सुनने के लिए लोगों की भीड़ जुटा करती थी। अब यहां पिचकारियां बिक रही है।
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Holi 2025: बनारस की होली का रंग दोगुना हो जाता था, जब भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की शहनाई पर राग काफी की थिरकन शुरू होती थी। हालांकि, अब वह नहीं हैं लेकिन उनके मोहल्ले की शहनाई इस बार सुरों की जगह हर किसी को रंगों से सराबोर करेगी। इस बार उस्ताद के मोहल्ले हड़हासराय में शहनाई की तरह ही पिचकारी बिक रही है, जो सुरों से नहीं बल्कि रंगों से सराबोर करेगी। यह प्लास्टिक की शहनाई है, जो होली के रंगों को और भी रंगीन बनाएगी।
बाजार रंगों और पिचकारियों से गुलजार है। लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं और बच्चों को पुष्पा के फरसे और महादेव के त्रिशूल जैसी दिखने वाली पिचकारियां पसंद आ रही हैं। इस बार फायर स्मोक और हैंड स्मोक बारूद वाले पटाखे और बम खूब बिके।
ये पटाखे और बम जब फोड़े जाते हैं तो सूखा रंग और गुलाल लोगों के ऊपर बरसाता है, जो एक अलग ही दृश्य प्रस्तुत करता है। पिचकारी विक्रेता सदन यादव ने बताया कि होली पर लोगों को धोखे से रंगने वाले आइटमों की मांग होती है। इस बार फायर सिलेंडर के रूप में पिचकारी आई है, जो दिखने में फायर सिलेंडर जैसी है और इसमें सूखा गुलाल और रंग भरा हुआ है।
युवाओं की पसंद बनीं डबल इंजन की सरकार की पिचकारियां
होली पर इस बार भी युवाओं को मोदी-योगी वाली पिचकारियों ने आकर्षित किया। दुकानदारों का कहना है कि मोदी और योगी की लोकप्रियता को देखते हुए डबल इंजन की सरकार और मोदी-योगी के स्टीकर लगी पिचकारियां जमकर बिकीं।
रंग बाजार की थोक मंडी गोला दीनानाथ के दुकानदार रजत जायसवाल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी लोग केमिकल युक्त रंग खरीद रहे हैं, लेकिन शहरी क्षेत्रों में हर्बल रंगों की अधिक मांग है। इस बार हाथ से गीला रंग लगाने के बजाय स्प्रे कलर ज्यादा बिके। रंगों की बिक्री में हर्बल रंगों की मांग बढ़ी।