UPTET: बलिया पहुंचे 25 हजार अभ्यर्थी, यातायात व्यवस्था बेपटरी; पांच मिनट की दूरी तय करने में 40 मिनट लगे
यूपी-टेट परीक्षा में करीब 25 हजार अभ्यर्थियों के पहुंचने से शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। परीक्षा समाप्त होते ही प्रमुख चौराहों पर लंबा जाम लग गया। दो हजार से अधिक वाहनों के कारण पांच मिनट का सफर 40 मिनट में तय हुआ। करीब तीन घंटे तक पुलिस यातायात बहाल कराने में जुटी रही।
विस्तार
Ballia News: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा की पहली पाली की परीक्षा दोपहर में समाप्त होते ही करीब हजारों परीक्षार्थी अचानक सड़कों पर आने पर जाम लग गया। देखते ही देखते शहर के टीडी कॉलेज, कुंवर सिंह, मिड्ढी, एससी कॉलेज, जगदीशपुर, चित्तूपांडेय सहित अन्य चौराहे जाम में जकड़ गया सुबह एक घंटा व दोपहर में दो घंटा जाम में वाहन फंस कर रेंगते रहे।
टीडी कॉलेज चौराहा पर रूट डायवर्जन के बावजूद तीनों तरफ लंबा जाम लग गया। सड़क पर यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई और लोगों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम में तीन एंबुलेंस फंसी रही, जवान उसे निकालने के लिए हांफते रहे।
यातायात सामान्य कराने के लिए तेज धूप के बावजूद पुलिस, यातायात, पीआरडी के अलावा होमगार्ड के जवान कड़ी मशक्कत करते दिखे, करीब दो घंटे बाद धीरे-धीरे जाम से मुक्ति मिली। सामान्य तौर पर पांच मिनट में तय होने वाला यह रास्ता को 40 से 50 मिनट में पूरा हो सका। वहीं कुंवर सिंह चौराहा से जगदीशपुर तिराहा व रोडवेज तिराहा तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
टीडी कालेज से एससी कालेज तक करीब दो घंटे जाम से कराहता रहा। मुख्य मार्ग जाम होने के बाद धीरे-धीरे गलियां भी जाम हो गई। जाम की आशंका को देखते हुए पुलिस और ट्रैफिक पुलिस सुबह से ही सभी चौराहों व केंद्रों पर तैनात रहे। यातायात को सामान्य कराने के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मी लगातार लाउडस्पीकर से वाहन चालकों और राहगीरों को निर्देश देते रहे।
दो हजार वाहन आने से यातायात पर बढ़ा दबाव
नगर के 15 केंद्रों पर यूपी-टेट परीक्षा थी, शहर में परीक्षार्थी के अलावा उनके परिवार के सदस्य को मिलाकर करीब 25 हजार से अधिक की लोग आए थे। करीब दो हजार वाहन आने से यातायात का दबाव और बढ़ गया, जिससे लोगों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह में सात बजे के बाद शहर के प्रवेश चित्तूपांडेय, रोडवेज तिराहा, कदम चौराहा, कुंवर सिंह पर वाहनों की भीड़ बढ़ने से जाम के हालात बन गए। प्रशासन ने आठ बजे के बाद भारी वाहनों को शहर के बाहर रूट डायवर्ट कर दिया।
सबसे अधिक दबाव टीडी कॉलेज, एससी कॉलेज परीक्षा केंद्र के बाहर रहा, जहां स्टेशन रोड पर लंबा जाम लग गया और लोगों को सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक समय तक फंसना पड़ा। ट्रैफिक प्रभारी अनवर अली ने कहा कि परीक्षा को लेकर अतिरिक्त फोर्स लगाई गई थी। परीक्षा की छुट्टी होने पर अचानक लोग घर जाने की जल्दीबाजी में वाहन सड़कों पर खड़ा करने व बैठने लगे इसके कारण जाम के हालत बने गए, लेकिन जवानों की तत्परात से ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
परीक्षा खत्म होते ही परीक्षार्थियों की भीड़ ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पर पहुंची। प्लेटफॉर्म संख्या चार पर खड़ी कामायनी एक्सप्रेस कुछ ही समय में फुल हो गया। परीक्षार्थी एसी कोच में बैठने से जनरल की तरह हो गया था। परीक्षार्थियों के सहूलियत के लिए प्लेटफॉर्म संख्या व चार के मुख्य गेट के सामने हेल्प डेस्क बनाया गया था, जहां तैनात पुलिसकर्मी उनकी समस्या का समाधान करते रहे। सुबह लखनऊ-छपरा, उत्सर्ग सहित अन्य ट्रेनों से सैकड़ों परीक्षार्थी पहुंचे। ट्रेन में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की होती रही। परीक्षा में वाराणसी, आजमगढ़, सोनभद्र, जौनपुर व गोरखपुर मंडल क्षेत्र के ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए हैं।