बीएचयू में फिर हंगामाः कला संकाय के पास अराजकतत्वों ने छात्र को पीटा, विरोध में भगत सिंह छात्र मोर्चा के सदस्यों ने घेरा चीफ प्रॉक्टर आफिस
घटना में छात्र को मामूली चोट भी आई है। इधर, घटना के विरोध में भगत सिंह छात्र मोर्चा के कार्यकर्ता चीफ प्रॉक्टर ऑफिस का घेराव का धरने पर बैठ गए हैं।
विस्तार
बीएचयू परिसर में मारपीट की घटनाएं थमने का नाम नही ले रही हैं। बीते बृहस्पतिवार को बिड़ला हॉस्टल और राजाराम हॉस्टल के छात्रों के बीच मारपीट, पत्थरबाजी, पेट्रोल बम चलने की घटनाओं की जांच चल ही रही है कि रविवार सुबह कला संकाय के पास बीए तृतीय वर्ष के एक छात्र को अराजक तत्वों ने पीट दिया। इसमें छात्र को मामूली चोट भी आई है।
उधर घटना के विरोध में भगत सिंह छात्र मोर्चा के कार्यकर्ता चीफ प्रॉक्टर ऑफिस का घेराव कर धरना देकर कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा पीड़ित छात्र सुमित यादव ने लंका थाने में तहरीर देकर शोध छात्र पर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
विश्वविद्यालय कला संकाय के गेट के पास रविवार सुबह साढ़े दस बजे जिस समय यह घटना हुई, उस समय छात्र सुमित अपने दोस्तों संग चाय पी रहा था। पुलिस को दी तहरीर में बताया कि शोध छात्र ने अपने दोस्त के साथ आकर मारपीट की। बताया कि पिछले महीने भी मारपीट हुई थी।
सुमित ने चीफ प्रॉक्टर के माध्यम से लंका थाना प्रभारी को दिए तहरीर पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के साथ ही रैगिंग के तहत कानूनी कार्रवाई की मांग की है। सुमित की तहरीर को चीफ प्रॉक्टर आफिस से लंका थाना को भी भेजा जा चुका है।
इसी घटना के विरोध में धरने पर बैठे भगत सिंह छात्र मोर्चा के कार्यकर्ताओं का कहना था कि आए दिन छेड़खानी मारपीट आदि की घटनाएं होती जा रही हैं, इसके विरोध में भगत सिंह मोर्चा की ओर से लगातार आवाज उठाई जा रही है, लेकिन बीएचयू प्रशासन उस पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। चेतावनी दी कि जब तक मारपीट करने वालो के खिलाफ कार्रवाई नही होगी,तब तक विरोध जारी रहेगा।
बीएचयू में अराजकता फैलाने वाले बच नहीं पाएंगे
बैठक के दौरान तय हुआ कि परिसर में सीसी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी और डीवीआर को केंद्रीयकृत किया जाएगा। ताकि मारपीट की घटनाओं के बाद डीवीआर से छेड़छाड़ न हो। अभी तक हॉस्टलों में मारपीट के बाद सीसी कैमरे के डीवीआर से छेड़छाड़ होती रही है। बृहस्पतिवार रात की घटना में भी यही हुआ।
अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय व अपराध सुभाषचंद्र दुबे ने बताया कि छात्रों के बीच घुसे अराजकतत्वों की पहचान कराई जाएगी। हास्टलों की रूटीन चेकिंग के लिए भी चीफ प्राक्टर से वार्ता हुई। केंद्रीयकृत सीसी कैमरे होने से डीवीआर सुरक्षित रहेगी और अराजकतत्वों की पहचान करने में भी आसानी होगी। उन्होंने हास्टल के छात्रों को आश्वस्त किया कि किसी भी तरह का कोई बाहरी अशांति फैलाने के मकसद से आता है तो इसकी सूचना प्राक्टोरियल बोर्ड के साथ-साथ पुलिस को भी दें।