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पोस्टर में यूपी के चीरहरण, मौर्य के कृष्णावतार से बवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 16 Apr 2016 02:02 AM IST
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पोस्टर में यूपी के चीरहरण, मौर्य के कृष्णावतार से बवाल
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भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष और सांसद केशव प्रसाद मौर्य को लेकर सोशल मीडिया पर शुक्रवार को वायरल हुए विवादित पोस्टर पर काशी का राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। विवादित पोस्टर सोशल मीडिया पर उस समय वायरल हुआ, जिस समय भाजपा के स्थानीय नेता मौर्य के पहली बार वाराणसी आगमन पर उनके स्वागत की तैयारी कर रहे थे। रंग-बिरंगे इस पोस्टर पर लिखा है ‘रक्षमाम् केशव:’ बीच में सुदर्शनचक्रधारी कृष्ण के रूप में मौर्य को दिखाया गया है।
बीच में उत्तर प्रदेश के रूप में चित्रित ऐसी बेबस स्त्री जिसका गैर भाजपा नेता चीरहरण कर रहे हैं। बाएं कोने में ऊपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की तस्वीर है। नीचे लिखा है ‘कलियुग में केशव केवल उपदेश नहीं देते, युद्ध भी करते हैं।’ इस बीच रात करीब साढ़े नौ बजे सपा के महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल की तहरीर पर कोतवाली थाने में रूपेश पांडेय और अन्य के खिलाफ आईटी एक्ट सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पोस्टर पर विवाद बढ़ने के बाद पार्टी नेताओं ने रूपेश को कार्यकर्ता तक मानने से इनकार कर दिया। भाजपा की जिला इकाई ने कहा कि रूपेश कभी भी किसी पद पर नहीं रहे हैं। पार्टी नेताओं का कहना था कि शहर के पांडेयपुर मोहल्ले के निवासी रूपेश पांडेय ने सुर्खियां बटोरने के लिए पोस्टरबाजी का यह हथकंडा अपनाया है। वहीं, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कि पार्टी और मौर्य का इस पोस्टर से कोई लेना-देना नहीं है।
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उधर, सोशल मीडिया में पोस्टर वायरल होने के बाद राजनीतिक दलों में खलबली मच गई। केशव मौर्य के आने से पहले सपाजनों ने सिगरा गुलाबबाग स्थित भाजपा कार्यालय के समीप, टाउनहाल स्थित गांधी मैदान, कबीरचौरा और लहुराबीर स्थित आजाद पार्क पर जुटे और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का पुतला फूंका। नारेबाजी करते हुए विवादित पोस्टर भी जलाया। इसके बाद सपा के महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल, मनोज राय धूपचंडी, रीबू श्रीवास्तव, राजेंद्र त्रिवेदी समेत कई सपा नेता विवादित पोस्टर प्रकरण में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए रात में कोतवाली थाने पहुंचे। राजकुमार जायसवाल की तहरीर पर रूपेश पांडेय एवं अन्य के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया।
स्वागत में बनाए गए किसी पोस्टर की जानकारी नहीं : केशव मौर्य
वाराणसी पहुंचने पर भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य से जब मीडिया कर्मियों ने विवादित पोस्टर के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, मुझे ऐसे किसी पोस्टर के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैं लगातार सफर में हूं। यहां आने पर चर्चा सुनी तो पार्टी के काशी क्षेत्र के अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य को मामले की जानकारी लेने के लिए कहा है। जल्द ही मामला स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में क्षेत्रीय अध्यक्ष ही जानकारी देंगे।
भाजपा का सदस्य हूं, मैंने बनवाया पोस्टर : रूपेश
सोशल मीडिया पर विवादित पोस्टर वायरल होने के बाद रूपेश पांडेय ने कहा कि मैं भाजपा का सदस्य हूं और मैंने ही पोस्टर बनवाया है। उनका कहना है कि वे बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा में जाते रहे हैं। 1989 से भाजपा के प्राथमिक सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की विचारधारा में उनकी पूरी आस्था है।
पोस्टर जारी करने के बारे में रूपेश ने कहा, ‘प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद केशव प्रसाद मौर्य पहली बार काशी आ रहे थे, इसलिए उनके स्वागत में पोस्टर बनवाया। शहर में भी पोस्टर लगवाना चाहता था लेकिन रामनवमी के त्योहार की वजह से कोई लगाने वाला नहीं मिला। इसके बावजूद पांडेयपुर में पोस्टर लगवाए। फिर फेसबुक और वाट्सएप के जरिए पोस्टर लोगों तक पहुंचाया..। किसी की भावना आहत हो, ऐसी उनकी कोई मंशा नहीं थी।’
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बीच में उत्तर प्रदेश के रूप में चित्रित ऐसी बेबस स्त्री जिसका गैर भाजपा नेता चीरहरण कर रहे हैं। बाएं कोने में ऊपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की तस्वीर है। नीचे लिखा है ‘कलियुग में केशव केवल उपदेश नहीं देते, युद्ध भी करते हैं।’ इस बीच रात करीब साढ़े नौ बजे सपा के महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल की तहरीर पर कोतवाली थाने में रूपेश पांडेय और अन्य के खिलाफ आईटी एक्ट सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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पोस्टर पर विवाद बढ़ने के बाद पार्टी नेताओं ने रूपेश को कार्यकर्ता तक मानने से इनकार कर दिया। भाजपा की जिला इकाई ने कहा कि रूपेश कभी भी किसी पद पर नहीं रहे हैं। पार्टी नेताओं का कहना था कि शहर के पांडेयपुर मोहल्ले के निवासी रूपेश पांडेय ने सुर्खियां बटोरने के लिए पोस्टरबाजी का यह हथकंडा अपनाया है। वहीं, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कि पार्टी और मौर्य का इस पोस्टर से कोई लेना-देना नहीं है।
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उधर, सोशल मीडिया में पोस्टर वायरल होने के बाद राजनीतिक दलों में खलबली मच गई। केशव मौर्य के आने से पहले सपाजनों ने सिगरा गुलाबबाग स्थित भाजपा कार्यालय के समीप, टाउनहाल स्थित गांधी मैदान, कबीरचौरा और लहुराबीर स्थित आजाद पार्क पर जुटे और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का पुतला फूंका। नारेबाजी करते हुए विवादित पोस्टर भी जलाया। इसके बाद सपा के महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल, मनोज राय धूपचंडी, रीबू श्रीवास्तव, राजेंद्र त्रिवेदी समेत कई सपा नेता विवादित पोस्टर प्रकरण में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए रात में कोतवाली थाने पहुंचे। राजकुमार जायसवाल की तहरीर पर रूपेश पांडेय एवं अन्य के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया।
स्वागत में बनाए गए किसी पोस्टर की जानकारी नहीं : केशव मौर्य
वाराणसी पहुंचने पर भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य से जब मीडिया कर्मियों ने विवादित पोस्टर के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, मुझे ऐसे किसी पोस्टर के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैं लगातार सफर में हूं। यहां आने पर चर्चा सुनी तो पार्टी के काशी क्षेत्र के अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य को मामले की जानकारी लेने के लिए कहा है। जल्द ही मामला स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में क्षेत्रीय अध्यक्ष ही जानकारी देंगे।
भाजपा का सदस्य हूं, मैंने बनवाया पोस्टर : रूपेश
सोशल मीडिया पर विवादित पोस्टर वायरल होने के बाद रूपेश पांडेय ने कहा कि मैं भाजपा का सदस्य हूं और मैंने ही पोस्टर बनवाया है। उनका कहना है कि वे बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा में जाते रहे हैं। 1989 से भाजपा के प्राथमिक सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की विचारधारा में उनकी पूरी आस्था है।
पोस्टर जारी करने के बारे में रूपेश ने कहा, ‘प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद केशव प्रसाद मौर्य पहली बार काशी आ रहे थे, इसलिए उनके स्वागत में पोस्टर बनवाया। शहर में भी पोस्टर लगवाना चाहता था लेकिन रामनवमी के त्योहार की वजह से कोई लगाने वाला नहीं मिला। इसके बावजूद पांडेयपुर में पोस्टर लगवाए। फिर फेसबुक और वाट्सएप के जरिए पोस्टर लोगों तक पहुंचाया..। किसी की भावना आहत हो, ऐसी उनकी कोई मंशा नहीं थी।’