UP Election 2022 Phase 7 Voting LIVE: वाराणसी में शाम पांच बजे तक 52.79% मतदान, चंदौली में सबसे ज्यादा वोटिंग
UP Chunav 2022 7th Charan Polling Live: वाराणसी की 8 विधानसभा सीटों पिंडरा, अजगरा, शिवपुर, रोहनिया, वाराणसी उत्तरी, वाराणसी दक्षिणी, वाराणसी कैंट, सेवापुरी में मतदान हुआ।
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यूपी विधानसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण में वाराणसी की 8 समेत पूर्वांचल की 54 सीटों पर शाम पांच बजे तक 54.18% मतदान हुआ। इसमें वाराणसी में शाम पांच बजे तक 52.79 फिसदी मतदान हुआ है। शिवपुर में सबसे ज्यादा 55.7 तो सबसे कम कैंट में 48.5 फिसदी वोटिंग हुई है। वहीं दूसरे जिलों की बात करें तो चंदौली में सबसे ज्यादा 59.59% मतदान हुआ।
अर्जुन पुरस्कार विजेता बास्केटबॉल खिलाड़ी पद्मश्री प्रशांति सिंह ने वाराणसी में सपरिवार उत्साहपूर्वक सुबह ही मतदान किया। फोटो ट्वीट कर उन्होंने समस्त काशीवासियों से वोट करने की अपील की। शहर उत्तरी के बूथ सेंट मेरिज स्कूल पर भाजपा कार्यकर्ता द्वारा पार्टी का झंडा लगाया गया।
सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध किया तो कहासुनी शुरू हो गई। सूचना पर चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे लाठी पटक कर मामला शांत कराया। वहीं हिदायत देते हुए कहा कि किसी भी पार्टी का झंडा बूथ से 200 मीटर की दूरी पर ही लगाया जा सकता है।
पूर्व एमएलसी विनीत सिंह ने अपनी माता के साथ अजगरा के चोलापुर बूथ पर मतदान किया। वहीं बीएचयू स्थित कला संकाय मतदान स्थल पर इंडियन इकनोमिक एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मणिपुर केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति ने अपनी पत्नी पूर्व विधान परिषद सदस्य डॉ वीणा पाण्डेय व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ जाकर मतदान किया।
बूथ पर गड़बड़ी का आरोप
समाजवादी पार्टी ने वाराणसी दक्षिण विधानसभा के बूथ संख्या 196 और 202 पर मतदान में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए कहा कि बूथ के अंदर बैठे कर्मचारी मतदाताओं से भाजपा के उम्मीदवार के पक्ष में वोट देने की बात कर रहे हैं।
कोनिया प्राथमिक विद्यालय पर बनाए गए पोलिंग बूथ पर मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी और पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक हो गई है। नीलकंठ तिवारी अपने समर्थकों के साथ बूथ की ओर जा रहे थे तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। इससे नीलकंठ तिवारी गुस्सा हो गए। बाहरी फोर्स के द्वारा मंत्री को पहचानने से इनकार करने पर विवाद हुआ। काफी देर तक दोनों ओर से बहस होती रही। हालांकि थोड़ी ही देर बाद मामला शांत हो गया।
इधर, सरकारी अभिलेखों में मृत संतोष सिंह ने मतदान किया। वह चौबेपुर क्षेत्र के छितौनी गांव के रहने वाले हैं। संतोष मूरत सिंह सरकारी कागजों में मृत है। इधर, सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि गुजरात पुलिस की ड्यूटी वाराणसी में निर्वाचन में लगाई गई है। डीएम/जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल राज शर्मा ने सोशल मीडिया के दावे को खारिज करते हुए लोगों से अफवाह न फैलाने की अपील की है।
वाराणसी जिले में 30 लाख 80 हजार 840 मतदाता हैं। 8 विधानसभा में सर्वाधिक 11-11 प्रत्याशी अजगरा (सु) और वाराणसी दक्षिणी विधानसभा से चुनाव लड़ रहे हैं। सबसे कम 6-6 प्रत्याशी पिंडरा और शिवपुर विधानसभा से चुनाव मैदान में हैं।
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पहचान पत्र की फोटोकॉपी मान्य नहीं
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि किसी भी व्यक्तिगत पहचान पत्र की फोटोकॉपी मान्य नहीं है। केवल ओरिजिनल आइडेंटिटी कार्ड ही मान्य है। मतदाता केवल ओरिजिनल आईडी ही साथ लाएं अन्यथा वोट नहीं डाल पाएंगे। वाराणसी पुलिस आयुक्त ए. सतीश गणेश ने मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
वाराणसी डीएम ने सीपीएमएफ प्रभारी को हटाया
वाराणसी के विधानसभा कैंटोनमेंट के बूथ संख्या 243 से 246 पर रणवीर संस्कृत विद्यालय कमच्छा पर तैनात सीपीएमएफ प्रभारी चमन लाल ( सब इंस्पेक्टर आइटीबीपी) तत्काल प्रभाव से डीएम ने ड्यूटी से हटा दिया है। कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन किए जाने के कारण यह कार्रवाई हुई। आरोप है कि चमन लाल ने निर्वाचन के दौरान सभी पोलिंग एजेंट की वोटर लिस्ट को फेंकवा दिया। उम्मीदवार को मतदान कक्ष में जाने से रोके दिया। जिला निर्वाचन अधिकारी के द्वारा नियमों की जानकारी दी गई तो कहा कि मैं 6 चरणों का चुनाव करा कर आया हूं मुझे नियमों की पूरी जानकारी है। मतदान केंद्र पर इनके ड्यूटी करने से वहां की व्यवस्था बिगाड़ी गई।
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वाराणसी में मंत्रियों ने डाला वोट
साथ ही उन्होंने कहा कि यहां ड्यूटी पर जो अधिकारी है उसने जानबूझकर बदमाशी की। विशेषज्ञों की टीम ने बताया कि कोई खराबी नहीं है, 40 मिनट से मशीन का मुख्य बटन ऑफ कर रखा था। ये जांच का विषय है। जिलाधिकारी ने कहा है कि चुनाव का समय 40 मिनट बढ़ा दिया जाएगा।
वाराणसी कैंट से भाजपा प्रत्याशी सौरभ श्रीवास्तव ने अपनी माता के साथ पोलिंग बूथ पर जाकर मतदान किया। वहीं पर्यटन राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी और मंत्री अनिल राजभर ने भी मतदान किया। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने कहा है कि जनता निर्भीक और भयमुक्त होकर लोकतंत्र के पर्व में मतदान कर अपनी भागीदारी अवश्य सुनिश्चित करें. किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी।
वाराणसी के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में बूथ संख्या 311 पर ईवीएम खराब होने की सूचना पर मौके पर अधिकारी पहुंच गए। रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के मोहनसराय समेत कई मतदान केंद्रों पर मतदान के लिए कतार में लोग खड़े नजर आए। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ स्थित मतदान केंद्र में अपनी पत्नी के साथ कुलपति ने मतदान किया।
वाराणसी में तीन मंत्री मैदान में
बूथों पर कतार लगाकर वोट डालने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते लोगों की कतार भी खूब नजर आई। वाराणसी से प्रदेश सरकार के तीन मंत्री समेत कई दिग्गजों की किस्मत इसी चरण में हो रहा है। वाराणसी की आठ विधान सभा सीटों पिंडरा, अजगरा, शिवपुर, रोहनिया, वाराणसी उत्तरी, वाराणसी दक्षिणी, वाराणसी कैंट, सेवापुरी में वोटिंग चल रही है। इन आठ सीटों पर 70 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। वाराणसी में कुछ सीटों पर सीधा मुकाबला तो कुछ सीटों पर त्रिकोणीय लड़ाई के आसार बन रहे हैं।
हालांकि मैदान में जुटे प्रत्याशियों को भीतरघात और बागियों के तेवर का भी डर सता रहा है। यही कारण है कि मतदान के दौरान निगरानी प्रबंधन के साथ ही मतदाताओं के मिजाज को अपने पक्ष में बनाने के लिए हर कोई एड़ी-चोटी का जोर लगाने में जुटा रहा। विधानसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण में वाराणसी की आठ सीटों पर सभी की नजर है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि इसमें पांच सीटें पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में आती हैं। इस बार यहां तीन सीटों पर प्रदेश सरकार के तीन मंत्री मैदान में हैं।