यूपी चुनाव 2022: पीएम मोदी और अखिलेश के गढ़ से पूर्वांचल की नब्ज टटोलेंगे अमित शाह, भाजपा के चुनावी अभियान का कर सकते हैं शंखनाद
गृह मंत्री अमित शाह का लखनऊ दौरा पूरा होने के साथ ही पूर्वांचल प्रवास की रणनीति तैयार की गई है। वो 12 नवंबर को वाराणसी आएंगे और एक दिन में आठ से ज्यादा बैठकें लेंगे।
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गृह मंत्री अमित शाह का लखनऊ दौरा पूरा होने के साथ ही पूर्वांचल प्रवास की रणनीति तैयार की गई है। इसमें अलग-अलग सांगठनिक बैठकों के साथ ही समाज में पैठ रखने वाले लोगों के साथ भी वे चर्चा करेंगे। इस दौरान काशी क्षेत्र के 71 विधानसभा सीटों पर सक्रिय दावेदार, पूर्व प्रत्याशी, विधायक सहित अन्य लोगों की रिपोर्ट कार्ड की भी समीक्षा करेंगे।
दरअसल, अमित शाह ने भाजपा के प्रदेश प्रभारी के रूप में यूपी की सियासत पर मजबूत पकड़ बनाई थी। यही कारण है कि वर्ष 2014 के लोकसभा और वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में उनकी रणनीति के चलते भाजपा ने पूर्वांचल में क्लीन स्वीप की स्थिति बनाई। वर्ष 2019 में भी उन्होंने पूर्वांचल के लिए विशेष रणनीति के साथ काम किया था और विरोधियों को मात दी थी।
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राजभर मतों को साधने के साथ ही जातीय समीकरण को साधने की कवायद
विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा ने प्रबंधन के लिए प्रभारी नियुक्त किए हैं और हर सीट पर जीत-हार का आकलन किया जा रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि अमित शाह पूर्वांचल की कमान खुद संभालेंगे। यहां बता दें कि काशी क्षेत्र की 71 सीटों पर वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 55 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
इस बार सुभासपा ने अपना नाता तोड़ लिया है और सपा के साथ खड़ी दिखाई दे रही है। ऐसे में भाजपा राजभर मतों को साधने के साथ ही जातीय समीकरण को साधने की कवायद में है। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्र बताते हैं कि अमित शाह के दौरे के बाद पूर्वांचल में आगामी कार्यक्रमों की रणनीति भी तय होगी।
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