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Varanasi News: प्रमाण पोर्टल पर यूपी कॉलेज प्रदेश में पहले स्थान पर, टॉप-15 में पूर्वांचल के पांच संस्थान
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वाराणसी। उच्च शिक्षा विभाग के प्रमाण पोर्टल पर उदय प्रताप कॉलेज को पूरे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान मिला है। जनवरी महीने की जारी रैंकिंग में उदय प्रताप कॉलेज ने 67.23 अंक हासिल किए हैं। क्लास अटेंडेंस में कॉलेज को 74 फीसदी अंक मिले हैं। वहीं, टॉप-10 में पूर्वांचल के तीन और टॉप-15 में कुल पांच कॉलेजों ने अपनी जगह बनाई है।
यूपी कॉलेज के बाद वाराणसी का ही हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज सातवें स्थान पर है। इस कॉलेज का स्कोर 54.09 अंक है। वहीं, बहराइच के किसान पीजी कॉलेज को 48.78 स्कोर के साथ 10वीं, गोरखपुर के नेशनल पीजी कॉलेज बड़हलगंज को 48.09 अंक के साथ 11वीं और जौनपुर के राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय सिगरामऊ को 45.01 अंक के साथ 15वीं रैंक मिली है।
पोर्टल पर उत्तर प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय और सेल्फ फाइनेंस महाविद्यालयों को शामिल किया गया है। इन कॉलेजों को बॉयोमेट्रिक उपस्थिति, कक्षा गुणवत्ता, शोध जैसे 44 बिंदुओं पर नियमित रूप से सूचनाएं अपलोड करनी होती हैं। इन्हीं मानकों के आधार पर हर महीने महाविद्यालयों की रैंकिंग जारी की जाती है। दूसरी रैंक पर काबिज लखनऊ के नेशनल पीजी का कॉलेज का स्कोर यूपी कॉलेज से 3.65 अंक कम रहा।
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टॉप-20 में सबसे ज्यादा लखनऊ के सात कॉलेज
टॉप-20 में सबसे ज्यादा लखनऊ के सात कॉलेजों को दूसरी, तीसरी, पांचवीं, छठी, आठवीं, 12वीं और 13वीं रैंक मिली है। इसके अलावा अमेठी, हरदोई, रामपुर, मेरठ, महोबा, रायबरेली, लखीमपुर खीरी और उन्नाव जिले के कॉलेज शामिल हैं।
सूचना अपलोडिंग और शैक्षणिक गुणवत्ता से मिली उपलब्धि
कॉलेज में बायोमेट्रिक उपस्थिति, चार एक्टिविटी, पंजीकरण प्रमाण पत्र अपलोडिंग और रजिस्टर्ड इनोवेशन काउंसिल में कॉलेज का मूल्यांकन किया जाता है। प्राचार्य प्रो. डीके सिंह ने बताया कि महाविद्यालय को यह उपलब्धि इसकी शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक पारदर्शिता, समयबद्ध सूचना अपलोडिंग और मैनेजमेंट क्षमता को दिखाती है। यह शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राओं के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
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यूपी कॉलेज के बाद वाराणसी का ही हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज सातवें स्थान पर है। इस कॉलेज का स्कोर 54.09 अंक है। वहीं, बहराइच के किसान पीजी कॉलेज को 48.78 स्कोर के साथ 10वीं, गोरखपुर के नेशनल पीजी कॉलेज बड़हलगंज को 48.09 अंक के साथ 11वीं और जौनपुर के राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय सिगरामऊ को 45.01 अंक के साथ 15वीं रैंक मिली है।
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पोर्टल पर उत्तर प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय और सेल्फ फाइनेंस महाविद्यालयों को शामिल किया गया है। इन कॉलेजों को बॉयोमेट्रिक उपस्थिति, कक्षा गुणवत्ता, शोध जैसे 44 बिंदुओं पर नियमित रूप से सूचनाएं अपलोड करनी होती हैं। इन्हीं मानकों के आधार पर हर महीने महाविद्यालयों की रैंकिंग जारी की जाती है। दूसरी रैंक पर काबिज लखनऊ के नेशनल पीजी का कॉलेज का स्कोर यूपी कॉलेज से 3.65 अंक कम रहा।
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टॉप-20 में सबसे ज्यादा लखनऊ के सात कॉलेज
टॉप-20 में सबसे ज्यादा लखनऊ के सात कॉलेजों को दूसरी, तीसरी, पांचवीं, छठी, आठवीं, 12वीं और 13वीं रैंक मिली है। इसके अलावा अमेठी, हरदोई, रामपुर, मेरठ, महोबा, रायबरेली, लखीमपुर खीरी और उन्नाव जिले के कॉलेज शामिल हैं।
सूचना अपलोडिंग और शैक्षणिक गुणवत्ता से मिली उपलब्धि
कॉलेज में बायोमेट्रिक उपस्थिति, चार एक्टिविटी, पंजीकरण प्रमाण पत्र अपलोडिंग और रजिस्टर्ड इनोवेशन काउंसिल में कॉलेज का मूल्यांकन किया जाता है। प्राचार्य प्रो. डीके सिंह ने बताया कि महाविद्यालय को यह उपलब्धि इसकी शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक पारदर्शिता, समयबद्ध सूचना अपलोडिंग और मैनेजमेंट क्षमता को दिखाती है। यह शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राओं के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।