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पेपर लीक मामला: बलिया के तीन पत्रकारों को मिली जमानत, बैकफुट पर आई पुलिस ने हटाईं संगीन धाराएं

Mon, 25 Apr 2022 04:24 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 25 Apr 2022 04:24 PM IST
सार

यूपी बोर्ड पेपर लीक मामले में फर्जी तरीके से गिरफ्तार किए गए बलिया के तीन पत्रकारों की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। सोमवार को तीनों को जमानत मिल गई। 

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UP Board Paper leak case Three journalists of Ballia got bail police removed  serious sections
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

यूपी बोर्ड पेपर लीक मामले की विवेचना में पुलिस को साक्ष्य नहीं मिलने पर तीनों पत्रकारों पर लगाई गईं संगीन धाराएं हटानी पड़ीं। जिससे सोमवार को जिला जज की अदालत ने रिहाई के आदेश जारी कर दिए। साथी पत्रकारों की जमानत मंजूर होते ही मीडिया जगत में खुशी की लहर दौड़ गई।

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यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट अंग्रेजी पेपर लीक मामले में अपनी नाकामियों तो छिपाने के लिए खबर प्रकाशित करने पर पत्रकार अजीत ओझा, दिग्विजय सिंह व मनोज गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। तीन साथियों की गिरफ्तारी से खफा जिले के पत्रकार ‘संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा’ के बैनर तले आंदोलित हैं।
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पढ़ेंः पर्चा लीक मामला : यूपी के अफसरों की कारगुजारी, सरकारी निर्देश भी नहीं मानते बलिया के डीएम और एसपी
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आखिरकार पत्रकारों का संघर्ष रंग लाया और सुबूत न मिलने पर विवेचना में पुलिस को तीनों पत्रकारों पर लगाई गई आईपीसी की धाराएं 420 (जालसाजी), 467 (कूटरचित दस्तावेज बनाना), और 471 (कूटरचित दस्तावेज का इस्तेमाल) हटानी पड़ीं। इन पर अब सिर्फ परीक्षा अधिनियम तथा आईटी एक्ट-66 (सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करना) का ही मामला शेष हैं, तफ्तीश चल रही है।
पढ़ेंः बलिया पर्चा लीक मामला : नकल माफिया पर मेहरबानी...पत्रकारों पर निशाना, प्रशासन के रवैये पर उठे सवाल

प्रकरण से संबंधित दो केसों में दिग्विजय सिंह व मनोज गुप्ता की जमानत पहले ही स्वीकृत हो चुकी है। दो केसों में अजीत ओझा की जमानत भी हो चुकी थी। तीसरे केस में सोमवार को अजीत ओझा की जमानत जिला जज ने स्वीकार कर ली। वहीं, इस मामले में जेल भेजे गए तत्कालीन डीआईओएस बृजेश मिश्र एवं अन्य आरोपियों की जमानत पर सुनवाई करते हुए 27 अप्रैल की तारीख तय की गई है।
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