यूपी बोर्ड: ऑनलाइन जंचेंगीं कॉपियां, पहले से तय होगी शिक्षकों की ड्यूटी; पिछली बार 15 दिन में आया था रिजल्ट
यूपी बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन इस बार ऑनलाइन व्यवस्था के तहत कराने की तैयारी है। मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षकों की ड्यूटी पहले से तय की जाएगी, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी लाई जा सके। पिछली बार मूल्यांकन पूरा होने के करीब 15 दिन में रिजल्ट जारी कर दिया गया था। इस बार भी समय पर परिणाम घोषित करने की तैयारी है।
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में इस बार उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। बोर्ड की ओर से कॉपियों की ऑनलाइन मूल्यांकन कराने की तैयारी है। पिछली बार परीक्षण सफल रहने के बाद व्यवस्था को आगे बढ़ाने पर जोर है।
मूल्यांकन में लगाए जाने वाले शिक्षकों की ड्यूटी पहले से तय की जाएगी। साथ ही, मूल्यांकन शुरू होने से पहले शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि तकनीकी प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो। हालांकि, दिशानिर्देश परीक्षा शुरू होने के दौरान दिए जाएंगे।क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय के अपर सचिव भास्कर मिश्रा ने बताया कि पिछली बार परीक्षा में कॉपियों का मूल्यांकन ऑनलाइन किया गया था।
इस कारण परिणाम भी महज 15 दिन में घोषित हो गए थे। ऑनलाइन मूल्यांकन होने से उत्तरपुस्तिकाओं की जांच की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में मदद मिल सकती है। इसके लिए शिक्षकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कॉपियों का मूल्यांकन करने का तरीका समझाया जाएगा। ड्यूटी लगाने से लेकर प्रशिक्षण तक की प्रक्रिया समय से पूरी करने की तैयारी है।
वाराणसी में इस बार यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में 90 हजार छात्र-छात्राओं के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में परीक्षा के साथ उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। बोर्ड परीक्षा का कार्यक्रम पांच से 24 फरवरी 2027 तक प्रस्तावित है। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण और अन्य तैयारियों के साथ मूल्यांकन व्यवस्था को लेकर भी आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
यूपी बोर्ड ने नामावली अपलोड करने की बढ़ाई तिथि, अब 22 अक्तूबर तक मौका
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 के लिए विद्यार्थियों की नामावली जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। अब विद्यालय 22 अक्तूबर तक विद्यार्थियों की फोटोयुक्त नामावली तैयार कर जमा कर सकेंगे। पहले 15 अक्तूबर अंतिम तिथि निर्धारित थी। समय सीमा बढ़ने से उन विद्यालयों को राहत मिलेगी, जो निर्धारित अवधि में नामावली तैयार कर जमा नहीं कर सके थे।
अपर सचिव भास्कर मिश्रा ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत कक्षा नौवीं, दसवीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की नामावली से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करनी हैं। विद्यालयों को नामावली जनरेट करने के बाद निर्धारित शुल्क पत्र की प्रति के साथ संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जमा करना होगा।
बोर्ड परीक्षा की तैयारियों के लिहाज से नामावली का समय से जमा होना जरूरी है। विद्यार्थियों के नाम, विवरण और अन्य प्रविष्टियों में त्रुटि होने पर परीक्षा संबंधी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। ऐसे में विद्यालयों को निर्धारित समय सीमा के भीतर नामावली और संबंधित अभिलेखों का मिलान कर जमा करने के निर्देश हैं।