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जौनपरः अगली कक्षा में प्रोन्नत होंगे पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 4.75 लाख विद्यार्थी, नहीं होगी परीक्षा
Mon, 29 Jun 2020 10:30 PM IST
विचित्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: विचित्र सिंह
Updated Mon, 29 Jun 2020 10:30 PM IST
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परीक्षा की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर से संबद्ध कॉलेजों में इस वर्ष मुख्य परीक्षा नहीं होगी। राज्य सरकार के ताजा फैसले के बाद विवि से जुड़े पांच जिलों के 894 कॉलेजों के 4.75 लाख विद्यार्थी अब सीधे अगली कक्षा में प्रोन्नत कर दिए जाएंगे। सरकार ने यह फैसला चार विश्वविद्यालयों की कुलपति की समिति की रिपोर्ट के बाद लिया है।
इस फैसले के बाद जहां कई दिनों से परीक्षा को लेकर ऊहापोह में पड़े विद्यार्थी व अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। वहीं मेधावियों में मायूसी भी है। सत्र 2019-20 के लिए विवि की मुख्य परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू हुई थीं। एक माह में करीब 30 फीसदी परीक्षाएं हो पाई, तभी कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन होने से इस पर रोक भी रोक लग गई।
इसके बाद से ही लगातार परीक्षाओं को लेकर विवि नई-नई तिथि तय करता आ रहा है, लेकिन शासन से अनुमति न मिलने के कारण परीक्षाएं नहीं हो पा रही थीं। इस बार भी 10 जुलाई से तीन पालियों परीक्षा प्रस्तावित करते हुए विवि ने शासन से अनुमति मांगी थी। शासन ने सभी राज्य विवि में परीक्षा कराने के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की थी।
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चौधरी चरण सिंह विवि मेरठ के कुलपति प्रो. एके तनेजा की अध्यक्षता में बनी समिति में डॉ. भीमराव अंबेडकर विवि आगरा के कुलपति प्रो.अशोक मित्तल, छत्रपति शाहू जी महाराज विवि की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता और डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विवि के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित को सदस्य बनाया गया था। समिति को तीन दिन में शासन को रिपोर्ट सौंपनी थी।
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इस फैसले के बाद जहां कई दिनों से परीक्षा को लेकर ऊहापोह में पड़े विद्यार्थी व अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। वहीं मेधावियों में मायूसी भी है। सत्र 2019-20 के लिए विवि की मुख्य परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू हुई थीं। एक माह में करीब 30 फीसदी परीक्षाएं हो पाई, तभी कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन होने से इस पर रोक भी रोक लग गई।
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इसके बाद से ही लगातार परीक्षाओं को लेकर विवि नई-नई तिथि तय करता आ रहा है, लेकिन शासन से अनुमति न मिलने के कारण परीक्षाएं नहीं हो पा रही थीं। इस बार भी 10 जुलाई से तीन पालियों परीक्षा प्रस्तावित करते हुए विवि ने शासन से अनुमति मांगी थी। शासन ने सभी राज्य विवि में परीक्षा कराने के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की थी।
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चौधरी चरण सिंह विवि मेरठ के कुलपति प्रो. एके तनेजा की अध्यक्षता में बनी समिति में डॉ. भीमराव अंबेडकर विवि आगरा के कुलपति प्रो.अशोक मित्तल, छत्रपति शाहू जी महाराज विवि की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता और डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विवि के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित को सदस्य बनाया गया था। समिति को तीन दिन में शासन को रिपोर्ट सौंपनी थी।
सभी विवि के हालात की समीक्षा करने के बाद समिति ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। इसके बाद देर शाम शासन ने राज्य विवि में मुख्य परीक्षा न कराने का फैसला लिया है। इस फैसले के बाद पूविवि से संबंद्ध 4.75 लाख विद्यार्थियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि विवि को इस बारे में अभी शासन को कोई अधिकृत पत्र नहीं मिला है। परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह के मुताबिक शासन के निर्देशों के अनुरुप कार्रवाई की जाएगी।
इन जिलों के कॉलेज हैं संबद्ध
जौनपुर: 184
आजमगढ़: 240
गाजीपुर: 321
मऊ: 148
प्रयागराज: 01
कुल परीक्षार्थी: 475210
स्नातक: 408683
स्नातकोत्तर: 66527
इन जिलों के कॉलेज हैं संबद्ध
जौनपुर: 184
आजमगढ़: 240
गाजीपुर: 321
मऊ: 148
प्रयागराज: 01
कुल परीक्षार्थी: 475210
स्नातक: 408683
स्नातकोत्तर: 66527
बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा 29 जुलाई को
परीक्षा की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा 29 जुलाई को होगी। परीक्षा के लिए कुल 198 केंद्र बनाए गए हैं। जौनपुर 74 केंद्रों पर परीक्षा कराई जाएगी। इसके अलावा आजमगढ़ मं 86, गाजीपुर में 21 और मऊ जिले में परीक्षा के लिए 13 केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर कुल 59400 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।
प्रवेश परीक्षा कराने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय ने पूर्वाचल वश्विविद्यालय को पत्र भेज कर परीक्षा के लिए सुरक्षा के मानक तय कराने का निर्देश दिया है। बीएड सत्र 2020-22 के लिए प्रवेश परीक्षा कराने की तैयारी शुरू हो गई है। पत्र में कहा गया है कि सभी जिलो में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगें।
जिसमें जौनपुर में 78 परीक्षा केंद्र बनाए गए है। नोडल अधिकारी सतेंद्र प्रताप सिंह बनाए गए है। आजमगढ में 86 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यहा परीक्षा कराने के लिए नोडल अधिकारी डॉ. डीपी अस्थाना बनाए गए हैं। गाजीपुर में 21केंद्रों पर परीक्षा होगी। यहां नोडल अधिकारी डा. समर बहादुर बनाए गए हैं।
इसी प्रकार मऊ जिले में परीक्षा के लिए 13 केंद्र बनाए गए हैं। नोडल अधिकारी डॉ. करुणा निधान उपाध्याय बनाए गए है। सभी केंद्रों पर 300 छात्र परीक्षा में बैठाए जाएंगे। सभी परीक्षा केंद्रों को कोरोना से बचाव के लिए सैनिटराइज किया जाएगा।
प्रवेश परीक्षा कराने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय ने पूर्वाचल वश्विविद्यालय को पत्र भेज कर परीक्षा के लिए सुरक्षा के मानक तय कराने का निर्देश दिया है। बीएड सत्र 2020-22 के लिए प्रवेश परीक्षा कराने की तैयारी शुरू हो गई है। पत्र में कहा गया है कि सभी जिलो में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगें।
जिसमें जौनपुर में 78 परीक्षा केंद्र बनाए गए है। नोडल अधिकारी सतेंद्र प्रताप सिंह बनाए गए है। आजमगढ में 86 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यहा परीक्षा कराने के लिए नोडल अधिकारी डॉ. डीपी अस्थाना बनाए गए हैं। गाजीपुर में 21केंद्रों पर परीक्षा होगी। यहां नोडल अधिकारी डा. समर बहादुर बनाए गए हैं।
इसी प्रकार मऊ जिले में परीक्षा के लिए 13 केंद्र बनाए गए हैं। नोडल अधिकारी डॉ. करुणा निधान उपाध्याय बनाए गए है। सभी केंद्रों पर 300 छात्र परीक्षा में बैठाए जाएंगे। सभी परीक्षा केंद्रों को कोरोना से बचाव के लिए सैनिटराइज किया जाएगा।